रेंट एग्रीमेंट-किरायेदारी अनुबंध कैसे लिखे -How to write a rent agreement in hindi

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नमस्कार दोस्त,
आज इस पोस्ट में आप सभी को रेंट एग्रीमेंट लिखने का सही तरीका बताने जा रहा हु, जो की एक प्रभावशाली रेंट अग्रीमेंट कैसे लिखे।


रेंट एग्रीमेंट  (किरायेदारी अनुबंध)  कैसे लिखे। ( How to write a Rent agreement in Hindi.)

रेंट एग्रीमेंट होता क्या है ?
रेंट एग्रीमेंट एक ऐसा दस्तावेज है, जो की मकान मालिक और किरायेदार के बीच एक रिस्ता कायम करता है, जिसमे मकान  से सम्बन्घित उन हर बातों  का जिक्र होता है जिन पर किरायेदार को सहमत होना होता है, इस रेंट एग्रीमेंट में निन्म  बाते  सम्मिलित होती है जैसे की -

  1. रेंट एग्रीमेंट में सबसे पहले दोनों पक्षों का पूरा विवरण नाम, पिता का नाम , उम्र, स्थाई और अस्थाई पता यह सब जानकारी पूर्ण और सही लिखी जानी चाहिए।  
  2.  रेंट एग्रीमेंट में माकन से सम्बंधित उन शर्तो को लिखा जाता है, जिनके आधार पर मकानमालिक  अपने मकान को किसी किरायेदार को देता है।  
  3. मकान  का किराया कितना देना है। 
  4. महीने की किस तारीख को किराया देना है। 
  5.  मकान में क्या सुविधाएं है जैसे - पार्किंग, गार्डन एरिया, gym, और भी सुविधाएं जो उस मकान  में उपलब्ध हो। 
  6. मकान  की मरमम्त का कितना चार्ज देना होगा। 
  7. बिल्जी का बिल, पानी का बिल क्या मकान  के किराये के साथ ही जुड़ा है या अलग से देना होगा। 
  8. अतिरिक्त मासिक चार्ज कितना और किस महीने में देना होगा। 
  9. माकन कितने समय तक किराये पर दिया जाना है। 
  10. सिक्योरिटी deposit की कितनी रकम मकानमालिक को पहले देनी है। 
  11. यदि किराये दर मकान में कोई तोड़ फोड़ करता है, तो उसका भी खर्चा किरायेदार को ही देना होगा। 
  12. मकान  मालिक की अनुमति के बिना किरायेदार मकान  में कुछ अपनी तरफ से कोई नया  काम अपने हिसाब से नहीं करेगा। 
अब हम आपको रेंट एग्रीमेंट लिखने का तरीका बताते है की एक प्रभावशाली  रेंट एग्रीमेंट कैसे लिखे। 

किरयेदार अनुबंध 
(Rent Agreement)

प्रथम पक्ष का नाम , पिता का नाम, निवास स्थान, जिले का नाम , राज्य का नाम, पिन कोड।  
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प्रथम पक्ष / भवन सवामी 

एवं 

द्वितीय पक्ष का नाम, पिता का नाम , निवास स्थान , जिले का नाम , राज्य का नाम, पिन कोड।  

वर्तमान पता जहाँ  किरयेदारी पर रहना है। 

द्वितीय पक्ष। / किरयेदार 

  1. यह की प्रथम पक्ष भवन ( भवन स्थान  पूर्ण विवरण के साथ ) जो  की ( जिले का नाम और राज्य का नाम ) स्थित भवन का स्वामी है,
  2. यह की उपरोक्त भवन के कुछ हिस्से को  ( किराया )  प्रतिमाह  की दर से निवास करने हेतु द्वितीय पक्ष को किराये पर दे रहा है, जिसमे बिजली का बिल व्  पानी का बिल से सम्मिलित है ,
  3. यह कि  द्वितीय पक्ष द्वारा प्रत्येक माह की 01 से 07 तारीख के बीच उपरोक्त निर्धारित किराया प्रथम पक्ष को अदा कर दिया जायेगा,
  4. द्वितीय पक्ष अपने किरायेदार वाले भाग में कभी कोई शिकमी किरायेदार नहीं रखेगा, जिस उद्देश्य के लिए परिसर किराये पर लाया गया है, उसी उद्देश्य के लिए प्रयोग करेगा तथा किसी भी प्रकार का गैर विधिक या अनैतिक कार्य नहीं किया जायेगा ,
  5. यह की दिनांक (                )  से उपरोक्त भवन परिसर का प्रयोग कर रहा है और यदि भवन स्वामी अपना परिसर खाली करवाना चाहता हैहै तो वह बिना किसी नोटिस के द्वितीय पक्ष से खाली करवा सकता है ,
  6. बिना प्रथम पक्ष की अनुमति के किराये वाले भाग में कोई तोड़ फोड़ व् स्थाई फेर बदल नहीं किया जायेगा,
                                          अतः आज उभय पक्ष की सहमति के समक्ष गवाहान उभय  पक्षकारो ने अपने - अपने हस्ताक्षर बना कर यह किरायेदारी विलेख निष्पादित किया है, ताकि सनद रहे वक़्त पर काम आवे। 

दिनांक - (             )
                         
                                   प्रथम पक्ष :




                                  द्वित्यीय पक्ष :

 गवाह :-




नोट :-  यदि आपको कोई समस्या आती है , तो आप हमसे कमेंट करके पूछ सकते है। 







रेंट एग्रीमेंट-किरायेदारी अनुबंध कैसे लिखे -How to write a rent agreement in hindi रेंट एग्रीमेंट-किरायेदारी अनुबंध कैसे लिखे -How to write a rent agreement in hindi Reviewed by Advocate Pushpesh Bajpayee on May 24, 2018 Rating: 5

1 comment:

  1. अगर कोई एग्रीमेंट के हिसाब से महीने की 2 तारीख फिक्स हुई है उसके बाद भी किराया नहीं देता है तो हम उसे नोटिस किस प्रकार देंगे

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