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रेंट एग्रीमेंट साइन करने से पहले ध्यान दे इन 5 बातो पर। Remember these 5 points while sign on rent agreement

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नमस्कार दोस्तों , आज इस पोस्ट पोस्ट में आप सभी को रेंट एग्रीमेंट में साइन करने से पहले उन बातो के बै में बताने जा रहा हु, जिनका ध्यान  देना हर किरयेदार का कर्त्तव्य है।

दुनिया में अभी भी ऐसी कई लोग है जिनके अपने निजी आवास नहीं है, और जिनके है भी तो जब वे अपने शहर दूसरे शहर जाते है किसी काम से, तो ऐसे में किराये का मकान  लेना पड़ता है। किराये के मकान  लेने पर मकानमालिक किरायेदार से रेंट एग्रीमेंट करवाता है, जिसमे मकान और किराये से सम्बंधित शर्ते लिखी होती है।


 रेंट एग्रीमेंट साइन करने से पहले ध्यान दे इन 5 बातो पर।  Remember these 5 points, while sign on rent agreement.

तो आज हम आपको बताने जा रहे है की रेंट एग्रीमेंट में साइन करने से पहले इन 5 बातो पर ध्यान  जरूर  दे।

रेंट एग्रीमेंट पर साइन करने से पहले ध्यान दे इन 5 बातो पर। 

1.किराया : जब भी आप कोई भी भवन, दुकान  किराये पर लेते है, तो सबसे पहले आप उस मकान  और दुकान का किराया पूछते है उस मकान  और दुकान के मालिक से, की कितना किराया है। किराया तय करना होता है, महीने मे कितना किराया देना है, हर साल माकन के किराये में कितनी वृद्धि होगी,  क्या सिक्योरिटी डिपाजिट भी देना होगा, आदि ऐसी अन्य बाते  जो की किराये से सम्बंधित है। 

2. प्रॉपर्टी : जब भी आप कोई भी मकान  किराये पर लेते है, तो सबसे पहले आपको उस मकान  को देखना जरुरी है, उस मकान  की स्थिति क्या है,  मकान  में पुताई ,फ्लोर, बिजली, इन सब की जाँच करवा ले। 
रसोई घर, स्नान घर, की जाँच कर ले, अगर कुछ खराबी है तो उसकी जानकारी तुरंत मकानमालिक को दे ,ताकि  घर में आने से पहले वह खराबी सही हो जाये , मकान  में किसी भी प्रकार की कोई भी खराबी है और उसकी जानकारी आप मकानमालिक को देते है, तो उस खराबी के लिए आप की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी क्योकि उस खराबी की जानकारी आपने पहले से ही  मकानमालिक को दी है।  

 3. अन्य चार्ज :   जब भी आप कोई मकान  किराये पर लेते है तो रेंट एग्रीमेंट में साइन करना होता है, तो ऐसे में यह जरूर देख ले की क्या यदि किराया देने में  देरी हो जाये या देर हो जाती है, तो क्या कोई penality  भी देनी होगी, किराया देने की तारीख एग्रीमेंट में स्पष्ट लिखी होनी चाहिए, यदि एग्रीमेंट में ऐसी कोई शर्ते लिखी है की यदि किराया देरी से दिया गया तो किरायेदार के द्वारा अतिरिक्त किराया चार्ज के रूप में देना होगा। 
  1. बिजली का बिल। 
  2. पानी का बिल। 
  3. पार्किंग। 
  4. हाउस टैक्स। 
  5. Gym . 
  6. स्विमिंग पुल। 


4. रिपेयर अवं मैंटिनन्स:  रेंट एग्रीमेंट साइन करने से पहले यह जुरूर देख ले की, मकान  के रेगुलर मैंटिनन्स और पुताई की जिम्मेदार किसकी है यह एग्रीमेंट में साफ और स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए, ताकि अगर आप एक बार माकन में शिफ्ट हो जाये तो इस बात को लेकर कोई विवाद न हो।  
यह भी तय करले की यदि कोई गुर्घटना के कारण  कोई नुकसान होता है ,तो उसकी कौन भरपाई करेगा, इसका भी साफ और स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए। 
यदि आप कोई भी रिपेयर का काम करवाते है, तो वह किराये में कट जायेगा या मकान मालिक वह खर्चा आपको देगा।  

5. अन्य नियम व् शर्ते :   रेंट अग्रीमेंट में साइन करने से पहले एग्रीमेंट की उन हर बातो को ध्यान से पढ़ना चाहिए , जिनके बारे में आपको जानकारी होना जरुरी है। 
  1. अपने साथ क्या पालतू जानवर मकान में रख सकते है। 
  2. देर रात में आने या जाने में कोई प्रतिबन्ध तो नहीं है।  
  3. क्या नॉन वेज  मकान  में  बना सकते है।  
  4. और भी कई शर्ते हो सकती है, जो की मकानमालिक के द्वारा लागु की जा सकती है, इन सभी के बारे में किरायेदार को जानकारी होनी चाहिए।  





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