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दोषी आसाराम (बापू) को आजीवन कारावास की सजा, चलिए जानते है लगे आरोपों के बारे में। Sentenced to life imprisonment for Asaram (Bapu), let's know about allegations.

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नमस्कार दोस्तों,
आज इस लेख में आप सभी को बताने जा रहा हूँ, आसारामबापू  पर लगे आरोपों  के बारे जिनके आधार पर आसाराम को हुई आजीवन कारावास की सजा।  क्या था मामला जो की सजा मिली आजीवन कारावास।
दोषी आसाराम (बापू) को आजीवन कारावास (Life-time  Imprisonment )  की सजा, चलिए जानते है  लगे आरोपों  के बारे में।

मामला क्या था ?
 यह 16 साल की नाबालिग लड़की छिंदवाड़ा के गुरुकुल में पढ़ रही थी, एक दिन जब छिंदवाड़ा में यह बच्ची बीमार पड़ी तो कहा गया की इस बच्ची के शरीर में बुरी आत्माओ का साया है, लड़की के माता पिता आसाराम के बहुत बड़े भक्त थे। इन्ही बुरी आत्माओ को दूर करवाने के लिए लड़की के माता पिता लड़की को लेकर आसाराम के जोधपुर आश्रम पहुंचे। आसाराम ने लकड़ी का इलाज करने के बहाने से लड़की का बलात्कार (Rape) ऐसा आरोप लड़की के परिवार वालो ने लगाया।

  1. बात है 15अगस्त साल 2013 की, शाहजहांपुर की रहने वाली 16 साल की नाबालिग लड़की ने आसाराम पर उनके ही आश्रम में जो की जोधपुर में है, वहाँ  बलात्कार ( Rape ) करने का आरोप  लगाया गया। 
  2. 20 अगस्त 2013 को पीड़िता के परिवार वालो ने दिल्ली के कमला मार्केट थाने में इस घटना की जानकारी के आधार पर मामला दर्ज कराया, बाद में मामले को जोधपुर में स्थांनतरण (Transfer) कर दिया गया, क्यों घटना जोधपुर में घटाटित हुई थी। 
  3. 23 अगस्त 2013 को आसाराम के पक्षकारो ने दिल्ली के कमला मार्केट थाने में हमला कर दिया,
  4. 28 अगस्त 2013 को पीड़िता के पिता ने आसाराम को मृत्यु की सजा देने की मांग की, लेकिन आसाराम के पुत्र सत्यसाई ने उस पीड़िता को मानसिक रोगी बताया, इसी दिन जोधपुर की पुलिस ने आसाराम को गिरफ्तार किया और न्यायालय ने उसे कारावास (jail) भेज दिया,
  5. 6 नवंबर 2013, जोधपुर की पुलिस ने आसाराम और उसके साथ चार लोगो के खिलाफ  charge -sheet  दाखिल की और charge  sheet  में ये कहा गया की उस 16 साल की नाबालिग लड़की से आसाराम ने बलात्कार (Rape) किया,
  6.  19 अगस्त 2014, को आसाराम के वकील (Lawyer) ने जमानत की याचिका उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) में दाखिल की, लेकिन जमानत की याचिका खारिज कर दी गयी,
  7. 1 जनवरी 2015, को उच्चतम न्यायलय ने जमानत याचिका की बात को लेकर AIIMS  की सात सदस्यीय मेडिकल बोर्ड की टीम को आसाराम की मेडिकल जाँच करने का आदेश दिया,
  8. 7 अप्रैल 2018 को इस पुरे मामले को SC/ST  न्यायालय में सुनवाई पूरी हुई, विशेष न्यायाधीश मधु सूदन  शर्मा ने इस मामले के निर्णय को सुरक्षित रखा,
  9. 25 अप्रैल 2018 - नाबालिग लड़की के साथ यौन शोषण के मामले में जोधपुर की न्यायालय ने आसाराम को दोषी करार दिया,और आजीवन कारावास ( Life time Imprisonment) की सजा सुनाई। 
अब हम जानेंगे की आसाराम पर  कौन कौन से आरोप लगे ?
  1.  भारतीय दंड संहिता की धारा  370 (4) जो की मानव तस्करी के अपराधियों के लिए सजा का प्रावधान करती है, यदि कोई भी व्यक्ति मानव तस्करी के अपराध में दोषी पाया जाता है, तो ऐसे दोषी व्यक्ति को कठोर कारावास से दण्डित किया जायेगा जो की 10 से कम की जेल की सजा नहीं होगी, लेकिन या सजा आजीवन कारावास तक की जेल की सजा तक बढ़ाई  जा सकती है, और ऐसे दोषी अपराधी व्यक्ति को जुर्माने से भी दण्डित किया जायेगा। 
  2. भारतीय दंड संहिता की धारा  342 - यदि कोई भी व्यक्ति जान भुझ कर किसी  दूसरे व्यक्ति को बंधक बनता है या रोकता है तो उस व्यक्ति पर धरा 342 के अंतर्गत केस फाइल होता है, यदि व्यक्ति दोषी साबित होता है , तो  1 साल तक की जेल की सजा या जुर्माना  या दोनों से वह व्यक्ति दण्डित किया जायेगा।  
  3.  भारतीय दंड संहिता की धारा  376 (2) (f )  के अनुसार यदि रिश्तेदार,अभिभावक, या शिक्षक होने के नाते या महिला की प्रति विश्वास या अधिकार की स्थिति में ऐसी महिलाओ के साथ बलात्कार (Rape ) करता है, तो ऐसी व्यक्ति के दोषी पाए जाने पर उस व्यक्ति को 10 साल की जेल की सजा होगी या यह सजा  आजीवन कारावास तक की भी बढ़ाई  जा सकती है, और जुर्माने से भी दण्डित किया जायेगा।
  4. भारतीय दंड संहिता की धारा  376 D  के अनुसार Gang  Rape  के अपराधियों के लिए सजा का प्रावधान करती है, यदि एक या एक से अधिक व्यक्तियों का समूह मिलकर किसी महिला के साथ बलात्कार करते है, तो ऐसे में दोषी व्यक्तिओ को कठोर कारावास की सजा होगी जो की 20 साल से कम जेल की सजा नहीं होगी, यह सजा आजीवन कारावास तक बड़ाई जा सकती है, और जुर्माने से भी दण्डित किया जायेगा। 
  5. भारतीय दंड संहिता की धारा  506  के अनुसार यदि कोई भी व्यक्ति आपराधिक धमकी के अपराध को करता है, तो उस व्यक्ति को किसी भी अवधि से कारावास के साथ दण्डित किया जायेगा,  जो की 2 साल तक की हो सकती है, या तो जुर्माना  हो सकता है या दो सजा से दण्डित किया जा सकता है। 
  6. किशोर न्याय (बालकों  की देख रेख एवं संरक्षण ) अधिनियम की धारा 23 के अनुसार किशोर  बच्चे के साथ किये गए क्रूरता के लिए सजा का प्रावधान करती है , यदि कोई भी व्यक्ति किसी भी किशोर या बच्चे के साथ क्रूरता जैसा अपराध करता है, तो ऐसे दोषी व्यक्ति को 6 महीने की जेल की सजा या जुर्माना  या दोनों सजा से दण्डित किया जा सकता है। 




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