नमस्कार मित्रों ,
आज के इस लेख में हम जानेंगे कि "किराये पर मकान दुकान देते समय असली आधार कार्ड की पहचान कैसे करें ?" अक्सर कोई भी व्यक्ति जो किसी दूसरे व्यक्ति को अपना माकन, दुकान या अन्य रहने या उपयोग करने के लिए किराये पर दी जाती है , तो ऐसे कुछ लीगल प्रक्रिया की जाती है , ताकि जिस व्यक्ति को संपत्ति किराये पर दी जा रही है , वह व्यक्ति किस प्रकृति का है ?, उसका समाज में व्यवहार कैसा है ?
किराये पर संपत्ति दिए जाने से पहले भवन मालिक निम्न दस्तावजों की मांग करता है :-
- व्यक्ति की ताज़ा फोटो।
- निवास प्रमाण पत्र।
- पहचान प्रमाण पत्र ( आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड , पासपोर्ट , ड्राइविंग लाइसेंस , पैन कार्ड )
- रेंट एग्रीमेंट।
- स्थानीय पुलिस स्टेशन में किरायेदार का वेरिफिकेशन।
- किरायेदार की जॉब या व्यवसाय की जानकारी।
- अन्य आवश्यक दस्तावेज़।
किराये पर मकान दुकान देते समय असली आधार कार्ड की पहचान कैसे करें ?
प्रत्येक व्यक्ति जो अपनी अचल सम्पति को किराये पर उपयोग किये जाने के उद्देश्य से किसी दूसरे व्यक्ति को देता है , वह चाहता है कि सामने वाला व्यक्ति भरोसे मंद हो , भरोसेमंद किरायेदार को ही सम्पति किराये में देना चाहते है , ऐसे संपत्ति मालिक द्वारा निम्न दस्तावेज तैयार और प्रमाणित कराये जाते है उसी में से एक आधार कार्ड है। असली आधार कार्ड की पहचान करना अति आवश्यक है ताकि फर्ज़ीवाड़े से बचा जा सके।
UIDAI - Unique identification Authority Of India भारतीय सरकार द्वारा सभी को उनकी विशिष्ट पहचान प्रमाणित करने लिए आधार कार्ड जारी किया जाता है , जिसमे व्यक्ति की जानकारी दर्ज होती है और एक विशिष्ट QR कोड सामने वाले भाग में दाहिने ( राइट) भाग में होता है , यह QR कोड वही जानकारी संग्रह करता है जो जानकारी लिखित रूप में दर्शित होती है।
असली आधार कार्ड की पहचान।
1. चरण - आधार कार्ड।
किराये पर संपत्ति देने से पहले व्यक्ति के आधार कार्ड की किरायेदार से मांग करना , आधार जो की प्रत्येक व्यक्ति की विशिष्ट पहचान को प्रणमित करता कि वह व्यक्ति कौन , कहाँ से , नाम , पिता का नाम , जन्म तिथि , पिनकोड , तहसील, परगना , जिला की जानकारी प्रदान करता है। जिससे एक भरोसेमंद व्यक्ति की भी पहचान होती है।
इसीलिए जब भी किराये पर संपत्ति दे तो आधार कार्ड जरूर मांगे ताकि उस व्यक्ति की पहचान हो सके।
2. दूसरा चरण - आधार कार्ड स्कैन करना।
- किरायेदार से माँगा गया उसका आधार कार्ड जो कि एक प्लास्टिक कार्ड के रूप में हो सकता है या एक विशेष कागज के रूप में हो सकता है जो कि UIDAI द्वारा निर्धारित फीस का भुगतान करने पर मिलता है।
- आपको अपने फ़ोन के कैमरा में दिए गए स्कैनर के जरिये आधार के सामने वाले भाग के दाहिने साइड दिए गए QR कोड को स्कैन करना होगा।
- QR कोड स्कैन करने पर जो जानकारी आपके सामने दर्शित हो उसका मिलान करें।
3. तीसरा चरण - जानकारी का मिलान करना।
QR कोड स्कैन करने पर आपके सामने फ़ोन पर जो जानकारी दर्शित हो रही है उस जानकारी को और आधार कार्ड जो आपके हाथ में उसमें दर्शित जानकारी का मिलान करें।
- आधार कार्ड का 12 अंकों का विशिष्ट नंबर।
- नाम।
- लिंग ( पुरुष / महिला )
- जन्म तिथि।
- पिता / पति का नाम।
- निवास स्थान।
- पोस्ट।
- शहर /गांव / क़स्बा ।
- परगना।
- तहसील।
- जिला।
- राज्य।
- पिनकोड।
क्या जो जानकारी आधार कार्ड में दर्शित है , वही जानकारी आधार कार्ड के QR कोड को स्कैन करने में वही मिलती जुलती है , तो आधार कार्ड असली है उसी व्यक्ति का है जिसने पेश किया है।
यदि जानकारी का मिलान सही पाया जाता है , तो ऐसे में पेश किया गया आधार कार्ड फ़र्ज़ी व् जाली है। ऐसे में पुलिस को रिपोर्ट जरूर करें।




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