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सोवा वायरस क्या है ? what is sova virus ?

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नमस्कार मित्रों ,

आज के इस लेख में हम जानेंगे कि  सोवा वायरस क्या है ? what is sova virus ? आप बैंक और वित्तीय संस्थाओं के ग्राहक है और आप इनकी मोबाइल बैंकिंग या इंटरनेट बैंकिंग का उपयोग कर रहे है , तो जागरूक , सावधान और सतर्क होने का समय आ गया है।  ऐसा इसीलिए क्योकि अपने भी ऑनलाइन मनी स्कैम की कई ख़बरों को सुना होगा , जिसमें साइबर अपराधी लोगो को शिकार बना कर उनके बैंक अकाउंट में जमा सम्पूर्ण धनराशि खाली कर रहे है। ये साइबर अपराधी मोबाइल बैंकिंग या इंटरनेट बैंकिंग का उपयोग कर रहे ग्राहकों के फोन में वायरस का लिंक भेज कर बैंक अकाउंट का सफाया कर  रहें है।  इस वायरस का नाम सोवा वायरस है ?    आपके मन में कई तरह के सवाल उठ रहे होंगे जैसे कि :-
  1. सोवा वायरस क्या है ? 
  2. सोवा वायरस काम कैसे करता है ? 
  3. सोवा  वायरस से बचने के उपाय क्या है ? 
इन सभी को विस्तार से समझें  




1. सोवा वायरस क्या है ?  

सोवा वायरस एक ऐसा एंड्राइड बैंकिंग ट्रोज़न मैलवेयर है जो कि बैंकिंग एप्लीकेशन को ही अपना शिकार बनाती है। ये वायरस आपके स्मार्टफोन पर इनस्टॉल हो जाता है लेकिन आपको इसकी भनक तक नहीं लगती क्योकि ये वायरस प्रचलित एप्लीकेशन की हूबहू नक़ल वाली एप्लीकेशन में छुपी जोति है और ये वायरस अपने आप आपने को छुपा लेता है। ये वायरस मैलवेयर के जरिये इंटरनेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग एप्लीकेशन उपयोग करने वाले उपयोगकर्ता के बैंकिंग संबंधित गोपनीय जानकारियों को चुरा लेता है।  

यह वायरस इतना शक्तिशाली है कि ये सभी डाटा को एन्क्रिप्ट करने की क्षमता रखता है, ये वायरस मैलवेयर अपने को उन नकली एप्लीकेशन में छुपा लेता है जिसमे असली एप्लीकेशन के लोगो का उपयोग होता है जैसे कि क्रोम ,अमेज़न, एन एफ टी प्लेटफार्म जैसे सर्च इंजन के बरारबर होते है ताकि उपयोगकर्ता को इसे इनस्टॉल करके बेवकूफ बनाया जा सके।  

इस मैलवेयर को लोग तब इनस्टॉल कर लेते है , जब साइबर अटैकर्स एस एम एस फिशिंग के जरिये इस मैलवेयर को फैलाते है। 

सोवा वायरस ने सबसे पहले USA , रुस और स्पेन जैसे देशों को शिकार बनाया और अब भारत में लोगो को शिकार बना रहा है। 

2. सोवा वायरस काम कैसे करता है ? 

  1. सोवा वायरस मैलवेयर ऐसा चलाक वायरस है जो कि अपने आप को एंड्राइड ऐप के जरिए असली ऐप के लोगो का उपयोग करके नकली ऐप में अपने आप आपको छुपा लेता है। 
  2. ये वायरस अत्यधिक प्रचलित ऐप जो कि क्रोम, अमेज़न , NFT प्लेटफार्म के इन असली ऐप के लोगो का उपयोग करके नकली ऐप में अपने को छुपा लेता है। 
  3. अलसी लोगो की तरह दिखने वाले नकली ऐप को लोग आसानी से इनस्टॉल कर लेते है और यह कार्य इस  वायरस को सक्रीय होने का पूर्ण अवसर देता है। 
  4.  एक बार सोवा वायरस सक्रीय होने केबाद अपना कार्य करने में लग जाता है। 
  5. मोबाइल बैंकिंग या इंटरनेट बैंकिंग उपयोगकर्ता जब लॉगिन  है तो यह मैलवेयर उपयोगकर्ताओं लॉगिन विवरण को चुराना शुरू कर देता है। 

3. सोवा वायरस से बचने के उपाय क्या है ? 

सोवा वायरस से बचा जा सकता है ,लेकिन तब जब हमे इसकी जानकारी हो और जानकारी तब होगी जब हम जागरूक , सावधान और सतर्क रहेंगे।  
  1. कोई भी एप्लीकेशन इनस्टॉल करना है , तो स्मार्टफोन की आधिकारिक ऐप स्टोर से ही करें। 
  2. थर्ड पार्टी ऐप या वेबसाइट से ऐप डाउनलोड करके इनस्टॉल कभी न करें, 
  3. कोई भी ऐप इनस्टॉल करने के बाद सेटअप के दौरान या पहले बार इस्तेमाल किये जाने के दौरान गैर जरुरी अनुमति मांग रहा है तो सतर्क हो जाये। 
  4. स्मार्टफोन सॉफ्टवेयर को और एप्लीकेशन  इनस्टॉल हो उन्हें अपडेट जरूर करें। 
  5. स्मार्टफोन में आने वाले सिक्योरिटी अपडेट को अवश्य अपडेट करें। 
  6. अविश्वसनीय वेबसाइट या लिंक जिसका ज्ञानय जानकारी न हो उसे टच। 
  7.  बैंक से सम्बंधित गोपनीय कोई भी जानकारी अपने स्मार्टफोन में कही भी स्टोर न करें। 

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