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आयकर क्या है ? what is income tax and who pay income tax

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नमस्कार मित्रों, 

आज के इस लेख में हम जानेंगे कि आयकर क्या है ? / what is income tax ? अक्सर हम टेलीविज़न या  समाचार पत्र या ऑनलाइन मीडिया प्लेटफार्म में सुनते और देखतें है कि फला -फला व्यक्ति ने इतना टैक्स भरा या व्यक्ति की कितनी आय पर कितने प्रतिशत इनकम टैक्स लगेगा। 

आयकर को लेकर कई तरह के सवाल मन में आ रहे होंगे जैसे कि :-
  1. आयकर क्या है ? 
  2. कर / tax भरने वाले कौन व्यक्ति हो सकते है ?
  3. कौन सी आय कर योग्य होती है ?
  4. किन आय और संस्थाओं को कर मुक्ति प्रदान की गयी गयी है ? 
  5. कर / टैक्स की वसूली कैसे होती है ? 
इन सभी सवालों को विस्तार से जाने। 

आयकर क्या है ?  what is income tax


1. आयकर क्या है ? / what is income tax ? 

साधारण शब्दों में आयकर को समझा जा सकता है कि किसी व्यक्तियों या व्यवसायों द्वारा आय के श्रोतों से वित्तीय वर्ष में अर्जित उसकी की वार्षिक आय पर लगाया जाने वाला ऐसा कर जो कि आयकर विभाग द्वारा विहित किया जाता है। देश का प्रत्येक व्यक्ति जो कि आयकर के दायरे में आता है , उस प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह आय पर लागु कर को सही सही उचित समयवधि में आयकर विभाग को जमा करें। 

भारतीय आयकर अधिनियम 1961 के नियमों के अनुसार प्रत्येक करदाता को अनिवार्य रूप से बाध्यता निर्धारित करने के अनिवार्य रूप से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल अवश्य करना चाहिए। 

किसी भी देश की राजस्व श्रोतों में से  एक श्रोत आयकर भी है।  सरकार इन राजस्व श्रोतों से अर्जित अराजस्व से देश , राज्य की विकास में कार्य करती है। सार्वजनिक सेवाओं को फण्ड करना , सरकार की जो भी देनदारी  उनका भुगतान करना और देश के नागरिकों के हित, कल्याण, विकास, पोषण, शिक्षा , स्वास्थ्य , अन्य जोयनाओं  के लिए उपयोग करती है। 

कानूनी भाषा में  बात करें तो आयकर, भारत में आयकर प्रणाली आयकर अधिनियम 1961 द्वारा शासित है। आयकर अधिनियम 1961  प्रावधानों का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है जो कि आयकर से सम्बंधित है। यह आयकर अधिनियम 1961 आयकर से सम्बंधित आयकर गणना , मूल्याङ्कन संग्रह से संबंधत नियम और विनियम निर्धारित करती है। आयकर अधिनियम के अनुभाग 4 के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति की उसके द्वारा अर्जित पिछले वर्ष की कुल आय पर द्वारा  वाले आयकर का निर्धारण किया जाता है। 

2. आयकर का गणना / निर्धारण कैसे  होता है ?

 आयकर अधिनियम 1961 के धारा 14 के अंतर्गत व्यक्तियों या व्यवसायों द्वारा आयकर के रूप में चुकाए जाने वाले आय और कुल आय की गणना करने के लिए विभन्न प्रकार के आय के श्रोतों से अर्जित आय को शामिल किया जाता है :-
  1. वेतन (नौकरी से अर्जित वार्षिक आय सरकारी / गैर सरकारी )
  2. व्यवसाय से अर्जित वार्षिक आय। 
  3. गृह संपत्ति से अर्जित वार्षिक आय। 
  4. पूंजीगत लाभ से अर्जित वार्षिक आय। 
  5. अन्य श्रोतों से अर्जीत वार्षिक आय।
अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार उपरोक्त भिन्न प्रकार की श्रोतों से अर्जित आय की गणना का आंकलन वर्ष में अप्रैल माह की प्रथम तिथि से और अगले कैलेंडर वर्ष के 31 मार्च  की समाप्ति से की जाती है। 

3 . आयकर / Income Tax का भुगतान किन -किन व्यक्तियों को करना आवश्यक है ? 

आयकर अधिनियम 1961 के प्रावधानों के अनुसार आयकर का भुगतान प्रत्येक व्यक्ति को करना पड़ता है।  आयकर अधिनियम 1961 की धारा 2 (3 ) में व्यक्ति शब्द  परिभाषित किया गया है।  व्यक्ति के दायरे में प्राकृतिक और कृत्रिम व्यक्तियों को शामिल किया गया है। 
  1. व्यक्तिगत। 
  2. हिन्दू अविभाजित परिवार ( HUF )
  3. व्यक्तियों का संघ  (AOP ) 
  4. व्यक्तियों का निकाय। 
  5. फर्म। 
  6. एल एल पी। 
  7. कंपनी। 
  8. स्थानीय प्राधिकरण। 
  9. कोई भी कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति। 
4. कितनी आय होने पर कितने प्रतिशत टैक्स देना होता है ? 

आयकर अधिनियम 1961 के प्रावधानों के अंतर्गत गठित आयकर विभाग के अनुसार किसी व्यक्ति ( निवासी या अनिवासी ) या हिन्दू अविभाजित परिवार या व्यक्ति संघ या व्यक्ति निकाय  अन्य कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति के मामले में आय में लगने वाला टैक्स रेट निम्न है। 

 
व्यक्तिगत 
(निवासी वरिष्ठ नागरिक और अति वरिष्ठ नागरिक के अलावा )

शुद्ध आय श्रेणी                                     आयकर की दर 
  1. 2,50,000 रु तक                                                                        कोई टैक्स नहीं 
  2. 2,50,000 रु से 5,00,000  रु                                                               5%
  3. 5,00,000 रु से 10,00,000 रु तक                                                       20%
  4. 10,00,000 से अधिक                                                                          30%

निवासी वरिष्ठ नागरिक 
(जो पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय 60 वर्ष या अधिक लेकिन 80 वर्ष से कम हो )

शुद्ध आय श्रेणी    आयकर की दर 

  1. 3,00,000 रु तक                                                               कोई टैक्स नहीं 
  2. 3,00,000 रु से 5,00,000 रु तक                                                    5%
  3. 5,00,000 रु से 10,00,000  रु तक                                                 20%
  4. 10,00,000 रु से अधिक                                                                 30%


निवासी सुपर वरिष्ठ नागरिक 
(जो पिछले के दौरान किसी भी समय 80 वर्ष या अधिक का हो )


शुद्ध आय श्रेणी                            आयकर की दर 

  1. 5,00,000 रु तक                                                                        कोई टैक्स नहीं 
  2. 5,00,000 रु से 10,00,000 रु तक                                                        20%
  3. 10,00,000 रु से अधिक                                                                       30%
 

हिन्दू अविभाजित परिवार ( AOP , BOI और कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति सहित 


शुद्ध आय श्रेणी                         आयकर की दर 
  1. 2,50,000 रु तक                                                                कोई टैक्स नहीं                     
  2. 2,50,000 रु से 5,00,000 रु तक                                                  5%
  3. 5,00,000 रु से 10,00,000  रु तक                                               20%
  4. 10,00,000  रु से अधिक                                                              30%

कितनी धनराशि टैक्स की दायरे में आएगी इसकी आधिकारिक पुष्टि के लिए सरकार की अधिकृत इनकम टक्स की वेबसाइट में जा कर की जा सकती है।  

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