lawyerguruji

वाहन बेचते समय RC - वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र ट्रासंफर करना क्यों है जरुरी ?

www.lawyerguruji.com

नमस्कार मित्रों,
आज के इस लेख में मैं आप सभी को यह बताने जा रहा हु कि " वाहन बेचते समय RC - वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र ट्रासंफर करना क्यों है जरुरी ? "

देश की लगभग 70 प्रतिशत जनता तीज-त्यौहार या आवश्यकता के अनुसार वाहन खरीदता है। उन्ही में से कोई अपना पहला वाहन बेच कर नया लेना चाहता है। तो अब ऐसे में अपना पुराना वाहन बेचते समय हमे क्या सावधानी बरतनी है। सावधानी से मतलब यह है कि हमे किन गलतियों से बचना है, ताकि किसी कानूनी झंझट में फसना न पड़े। 

वाहन बेचते समय RC - वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र ट्रासंफर करने के बाद ही क्यों वाहन सौपें -



तो चलिए इन्ही को विस्तार से जाने।  

RC - रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट - वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र क्या होता है ?

मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 39 के तहत वाहन पंजीकरण अनिवार्य है, यानी वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र के सम्बन्ध में प्रावधान करती है। जिसके तहत कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र के बिना वाहन नहीं चलाएगा और न ही वाहन स्वामी किसी व्यक्ति को सार्वजनिक स्थान पर या अन्य किसी स्थान पर वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र के बिना वाहन चलाने के लिए अनुमति देगा। ऐसा वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र न तो रद्द होना चाहिए और न ही समाप्त, यानी एक वैध वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र। ऐसे प्रत्येक पंजीकृत वाहन पर एक निर्धारित चिन्ह दर्शाया जाना चाहिए यानी नंबर प्लेट लगी होनी चाहिए।
  1. RC यानी वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र जो कि किसी भी वाहन के मोटर अधिनियम के तहत पंजीकृत होने का निर्णायक साक्ष्य होता है। 
  2. वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र पत्र पर वाहन स्वामी के नाम के साथ वाहन से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी लिखित होती। 
  3. वाहन पंजीकरण की वैध्यता शुरू होने की तिथि से समाप्त होने की तिथि भी लिखित होती है। 
  4. वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र पर जिस व्यक्ति का नाम लिखा होता है, वही व्यक्ति वाहन का मूल स्वामी माना जायेगा। 
RC ट्रासंफर क्या होता है ? 
RC यानी वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र जो कि वाहन स्वामी होने का निर्णायक साक्ष्य होता है। RC ट्रांसफर यानी वाहन के मालिकाना हक़ को अपने उस व्यक्ति को ट्रांसफर कर दिया जिसे आप वाहन बेच रहे है। इसके लिए आपको अपने क्षेत्र के RTO कार्यालय में जाना होगा।  आवेदन करने पर आपकी मौजूदा RC जमा होकर एक नई RC उस वाहन स्वामी के नाम हो जाएगी जिसको आप वाहन बेचे है।  अब उस वाहन का मालिक वही व्यक्ति होगा ,वाहन की जिम्मेदारी उसकी होगी। 

अपना पुराना वाहन बेचते समय ध्यान रखने वाली मुख्य बाते। 
  1. जिस व्यक्ति को अपना वाहन बेचना चाह रहे है, वह कौन है, कहाँ से है, क्या करता है, जानकारी होना अनिवार्य व् संमझदारी है।  
  2. RC ट्रांसफर हो जाने के बाद ही वाहन को सोपें। 
RC ट्रासंफर किये बिना वाहन बेचने पर आप निम्न कानूनी झंझट में फस सकते है। 
RC यानी वहान पंजीकरण प्रमाणपत्र ट्रांसफर किये बिना यदि आप अपने वाहन को बेचते है, तो आप निम्न कानूनी मुसीबतों के पड़ सकते है, झेलना आपको ही पड़ेगा जैसे कि :-
  1. वाहन से कोई सड़क हादसा होता है, जिसमे किसी व्यक्ति को सामान्य या गंभीर क्षति होती है तो प्रथम सूचना रिपोर्ट वाहन स्वामी के नाम होगी,
  2. वाहन का उपयोग किसी आपराधिक गतिविधि में किया जाता है ,तो प्रथम सूचना रिपोर्ट वाहन स्वामी के नाम होगी,
  3. आपराधिक व् मोटर दुर्घटना क्लेम से सम्बंधित मुकदमा वाहन स्वामी के विरुद्ध दायर होगा। 
  4. वाहन से या इसके उपयोग से किसी भी प्रकार की कोई भी घटना घटित होती है तो सम्पूर्ण जिम्मेदारी उसी व्यक्ति की होगी जिसके नाम गाड़ी की RC - वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र है।  

कोई टिप्पणी नहीं:

lawyer guruji ब्लॉग में आने के लिए और यहाँ पर दिए गए लेख को पढ़ने के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद, यदि आपके मन किसी भी प्रकार उचित सवाल है जिसका आप जवाब जानना चाह रहे है, तो यह आप कमेंट बॉक्स में लिख कर पूछ सकते है।

नोट:- लिंक, यूआरएल और आदि साझा करने के लिए ही टिप्पणी न करें।

Blogger द्वारा संचालित.