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ज़मीन /भूखंड लेने से पहले इन 2 दस्तावेजों को अवश्य देखे व् इनकी जाँच करे।

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नमस्कार मित्रो,
आज का यह लेख खासकर उन लोगो के लिए है जो मकान, दुकान या अन्य प्रयोजन के लिए जमीन /भूखंड खरीदने की सोच रहे है। तो ऐसे में जमीन /भूखंड लेने से पहले किन किन चीजों का देखा जाना व् जाँच करना अनिवार्य होता है, ताकि बाद में किसी भी कानूनी अड़चनों का समाना न करना पड़े। 

भूमि/भूखंड लेने से पहले इन दस्तावेजों को अवश्य देखे व् इनकी जाँच करे। which-document-required-verify-before-buying-property-and-land-agricultureland

भूमि/भूखंड लेने से पहले इन 2 स्तावेजों को अवश्य देखे व् इनकी जाँच करे। 
किसी भी व्यक्ति द्वारा जब किसी भी क्षेत्र में भूमि या भूखंड किसी भी निर्माण प्रयोजन या अन्य किसी प्रयोजन के लिए ली जा रही है, तो इन महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अवश्य देखे व् इनके प्रमाणिकता की जाँच अवश्य करे ले। यह निम्न दस्तावेज इस प्रकार से है:-
  1. खतौनी।
  2. बैनामा।
इन्ही दो दस्तावेजों से आपको उस भूमि / भूखंड से सम्बंधित जानकारी प्राप्त होगी। मुख्य सवाल अब आता है कि खतौनी","बैनामा " में क्या देखे ?

तो इस सवाल के जवाब को विस्तार से जाने और समझने का पूरा प्रयास करे। 

1.खतौनी के माध्यम से भूमि/ भूखंड से सम्बंधित जानने वाली जानकारी। 
जब हम कोई भूमि/ भूखंड लेने की सोचते है या लेने वाले होते है तो ऐसे में भूमी/भूखंड लेने से पहले उससे सम्बंधित प्रत्येक जानकारी के बारे में जानना आवश्यक हो जाता है, ताकि लेने के बाद उसमे किसी भी प्रकार का कोई कानूनी विवाद उत्पन्न न हो जिसके कारण कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़े। खतौनी के माध्यम से भूमि / भूखंड से सम्बंधित निम्न जानकारी प्राप्त होती है जैसे कि :-
  1. संक्रमणीय अधिकार वाले भूमिधर का नाम,
  2. भूमि/भूखंड का क्षेत्रफ़ल,
  3. भूमि /भूखंड का स्थान,
  4. एक ही भूमि /भूखंड के कई के हिस्सेदार है तो उन सभी के नाम,
  5. एक ही भूमि के कई हिस्सेदार है और भूमि का बटवारां हो गया है तो उन सभी के हिस्सों की जमीन का क्षेत्रफल,
  6. यदि कई हिस्सेदारों में से किसी ने अपने हिस्से की जमीन बेच दी है तो उसका विवरण कि किसको बेचीं,
  7. पिता की मृत्यु के बाद उसकी जमीन उसकी पत्नी व् बच्चो के नाम दर्ज हुई तो उनके नाम,
  8. कृषि भूमि का आवासीय भूमि में परिवर्तन हुआ है तो ऐसे परिवर्तन के आदेश का विवरण,
  9. यदि भूमि /भूखंड पर किसी प्रकार का कोई लिया गया है और ऐसी भूमि /भूखंड बंधक है तो उसका विवरण,
  10. भूमि/भूखंड के सम्पूर्ण या किसी भाग पर राजस्व न्यायालय में  प्रकार का वाद दायर है या उसका निर्णय हो गया है तो उसकी जानकारी।
  11. राजस्व न्यायालय द्वारा उक्त भूमि /भूखंड के सम्बन्ध में कोई निर्णय/आदेश पारित किया गया है ,तो उस आदेश का विवरण। 
2. बैनामा के माध्यम से भूमि/भूखंड से सम्बंधित जानने वाली जानकारी। 
जब हम कोई भूमि/भूखंड किसी निर्माण कार्य या अन्य किसी प्रयोजन के लिए उस व्यसक्ति से ले रहे है या लेने की सोच रहे जिसने उस भूमि /भूखंड को पहले किसी से खरीद कर प्राप्त किया है होते है तो ऐसे में हमे बैनामा देखना अनिवार्य हो जाता है। भूमि /भूखंड से सम्बंधित प्रत्येक जानकारी मालूम होनी चाहिए। ऐसा इसलिए कि भविष्य में किसी कानूनी अड़चनो का समाना न करना पड़े। इसके लिए हमे बैनामा देखना अत्यंत आवश्यक हो जाता है। बैनामा के माध्यम से भूमि/भूखंड से सम्बंधित निम्न जानकारी प्राप्त होती है जैसे कि :-
  1. क्रेता और विक्रेता का पूर्ण नाम, पता का विवरण बैनामे में लिखा होता है,
  2. जिस भूमि /भूखंड को लेने जा रहे है उसका तब क्या मूल्य था, स्टाम्प शुल्क कितना लगा जब विक्रेता ने लिया था ,
  3. उक्त भूमि/भूखंड की खतौनी का विवरण जो कि गांव या शहर स्थान का नाम, क्षेत्रफल,खसरा गाटा संख्या भूमि/भूखंड से सम्बंधित अन्य विवरण लिखे होते है,
  4. भूमि/भूखंड की चौहद्दी क्या है,चौहद्दी से मतलब भूमि/भूखंड के चारों ओर यानी चारों दिशाओं में क्या है,जैसे कि खेत,जमीन, सड़क, दुकान, अन्य निर्माण जो हो,
  5. बैनामा में गवाहों के नाम,पता जो कि इस बात की गवाही देते है कि उक्त भूमि/भूखंड अमुक व्यक्ति की ही है। 

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