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Affidavit क्या है कैसे बनवाये और affidavit तैयार करते समय ध्यान में देने वाली बातें

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नमस्कार दोस्तों, कैसे बनवाये 
आज के इस आज लेख में आप सभी को " एफिडेविट","Affidavit" शपथपत्र के बारे में बताने जा रहा हु जिसकी आवश्यकता जीवन में कभी न कभी हम आप सभी को पड़ सकती है। इस लेख में शपथपत्र से सम्बंधित पूर्ण जानकारी आपको मिल जाएगी।

Affidavit क्या है कैसे बनवाये और affidavit तैयार करते समय ध्यान में देने वाली बातें

शपथपत्र क्या है ?
शपथपत्र की आवश्यकता कब होती ?
शपथपत्र कौन बनाता है ?
शपथपत्र तैयार करते समय ध्यान में देने वाली बात ?

आपके इन्ही सवालों का जवाब अब जान ले।

शपथपत्र क्या होता है ?
शपथपत्र एक ऐसा लिखित दस्तावेज है जो की किसी न्यायालय या मजिस्ट्रेट द्वारा नियुक्त शपथपत्र अधिकारी के सामने, शपथकर्ता का अपनी मर्जी से शपथपत्र पर प्रतिज्ञा किया गया लिखित कथन। इस शपथपत्र पत्र शपथकर्ता अपनी निजी जानकारी और सत्यता के आधार पर उन कथनों का उल्लेख करता है जिस पर उसको पूर्ण विश्वास होता है, उसके द्वारा लिखी गयी हर एक जानकारी उसके निजी ज्ञान से पूर्णतः सत्य व् सही है। 

 साधारण शब्दों में शपथपत्र एक ऐसा दस्तावेज है जिसमे व्यक्ति अपनी निजी जानकारी व् ज्ञान के आधार पर अपने कथनो को लिखित करवा उनके सत्यता की घोषणा करता है। 

सिविल प्रक्रिया संहिता  आदेश 19 शपथ पत्र  नियम 1 किसी बात के शपथपत्र द्वारा साबित किये जाने के लिए आदेश देने की शक्ति -
सिविल प्रक्रिय संहिता आदेश 19 नियम 1 के अधीन कोई भी न्यायालय किसी भी समय पर्याप्त कारण से आदेश दे सकेगा की किसी भी विशिष्ट तथ्य या किन्ही भी विशिष्ट तथ्यों को शपथपत्र द्वारा साबित जाये या किसी साक्षी का शपथपत्र सुनवाई में ऐसी शर्तो में पढ़ा जाये जो न्यायालय युक्तियुक्त समझे। 

शपथपत्र की आवश्यकता कब होती है ?
शपथपत्र की आवश्यकता कानूनी और गैर कानूनी प्रक्रियाओं में पड़ सकती है, इसको और आसान से समझ सके इसकेलिए  निम्न उदहारण है :-
  1. विद्यालय में दाखिला लेने सम्बन्धित प्रक्रिया के समय,
  2. डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए ,
  3. विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया सम्बंधित कार्यवाही के दौरान,
  4. आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए,
  5. निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए,
  6. जाती प्रमाण पत्र बनवाने के लिए
  7. जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ,
  8. नाम में परिवर्तन या नाम में संशोधन के लिए,
  9. विद्यालय से छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए,
  10. रसोई गैस प्राप्त करने के आवेदन के लिए,
  11. उत्तराधिकारिता प्रमाण पत्र बनवाने के लिए,
  12. न्यायालय में विशिष्ट तथ्यों को साबित करने के लिए,
  13. अधिवक्ता पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान,
  14. अख़बार, समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए,
  15. बैंक सम्बंधित कार्यवाहियों के दौरान,
  16. अन्य ऐसी ही कई प्रक्रिया के दौरान आपको शपथपत्र की  आवश्यकता पड़ सकती है। 
 शपथपत्र के लिए शपथ किसके द्वारा दिलाई जाएगी है ?
सिविल प्रक्रिया संहिता 1908 की धारा 139 के अंतर्गत शपथपत्र के लिए शपथ किसके द्वारा दलाई जाएगी, इसके सम्न्बंध में प्रावधान किया गया है, जो कि निम्न प्रकार से है :-
  1. किसी भी न्यायालय या मजिस्ट्रेट,
  2. नोटरी अधिनियम 1952 की धारा 53  के अधीन नियुक्त नोटरी,
  3. ऐसा कोई भी अधिकारी या अन्य जिसे उच्च न्यायालय द्वारा इस कार्य के लिए नियुक्त किया गया है,
  4. किसी अन्य न्यायालय द्वारा जिसे राज्य सरकार ने इस कार्य के लिए साधारणतया या विशेष रूप  से सशक्त किया, 
इस कार्य के लिए नियुक्त किया गया कोई भी अधिकारी अभिसाक्षी को शपथ दिला सकेगा। 

शपथपत्र तैयार करते समय ध्यान देने वाली बातें 
  1.  सिविल प्रक्रिया संहिता 1908 के आदेश 19 नियम 3 के प्रावधान के अंतर्गत निर्धारित ढंग से तैयार किया जायेगा।  
  2. शपथपत्र को अलग-अलग पैराग्राफों में लिखा जाना चाहिए और हर एक पैराग्राफ को संख्यांकित करना चाहिए। 
  3. शपथपत्र उसी भाषा में होना चाहिए जिसका ज्ञान अभिसाक्षी को हो और यदि शपथपत्र किसी अन्य भाषा में है तो  शपथपत्र के निकाय में यह कथन शामिल होना चाहिए कि अभिसाक्षी को शपथपत्र के लिखित कथन को पढ़ कर सुनाया गया और उसने समझ लिया है। 
  4. शपथपत्र में दिए गए तथ्यों और आरोपों का प्रामाणिक और यथार्थ होना चाहिए और उन्हें स्पष्ट से शुद्ध लिखा जाना चाहिए। 
  5.  शपथपत्र को ऐसे विषयों तक सिमित रखना चाहिए जिनको अभिसाक्षी अपने निजी ज्ञान से साबित करने में समर्थ है, लेकिन वादकालीन आवेदनों के शपथ पत्रों में उसके विश्वास आधारित कथन स्वीकार किया जा सकता है।
  6.  विश्वास पर आधारित कथनों के आधार का भी कथन शामिल होना चाहिए।
  7. शपथ पत्र में  स्पष्ट रूप यह अभिव्यक्त होना चाहिए कि अभिसाक्षी के बयान का कितना भाग उसके ज्ञान पर और कितना भाग उसकी सूचना और विश्वास पर आधारित है। 
  8. शपथ पत्र में दिए गए तथ्यों का सत्यापन होना आवश्यक है और सत्यापन में किसी प्रकार की कोई गलती नहीं होनी चाहिए। 
  9. शपथपत्र के सत्यापन में यह स्पष्ट होना चाहिए की कौन से तथ्य या आरोप अभिसाक्षी के स्वयं ज्ञान से सत्य है कौन  सा तथ्य सूचना व् विश्वास पर है। 
  10. शपथपत्र के सत्यापन में निजी ज्ञान पर आधारित तथ्यों का उल्लेख स्पष्ट रूप से इस प्रकार किया जाना चाहिए कि "मैं सशपथ यह कथन करता हूँ " या " मैं पुष्टि करता हूँ। "
Affidavit क्या है कैसे बनवाये और affidavit तैयार करते समय ध्यान में देने वाली बातें Affidavit क्या है कैसे बनवाये और affidavit तैयार करते समय ध्यान में देने वाली बातें Reviewed by Advocate Pushpesh Bajpayee on December 14, 2019 Rating: 5

3 comments:

  1. Sir Baynama gata no,449 aur kabja gata no,450 me diya gaya ab after 10 year owner 450 ne hamari bondri wall gira di upay bataiye kuch

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  2. नोटरी में विक्रेता क्रेता द्वारा शपथ पत्र द्वारा वाहन बिक्री खरीदी की गई,याह करने के बाद में क्रेता वाहन का rc अपने नाम न करवाए तो विक्रेता के लिए नोटरी के शपथ पत्र की क्या भूमिका होगी?क्या यह नोटरी का शपथ पत्र उसकीकोई मदद करेगा???
    कृपया बताएं whatsapp 9302812866

    ReplyDelete
    Replies
    1. शपथ पत्र पर की गयी ख़रीदारी मान्य होगी व जब क्रेता के नाम आरसी ट्रान्सफर हो जाए यानी उसके नाम हो जाएगी तो वह उस वाहन का स्वामी कहा जाएगा ।

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