अगर कम्पनी समय पर वेतन का भुगतान नहीं करती है तो क्या करे ? What to do if Company does not pay Salary on Time.

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नमस्कार दोस्तों ,
आज के इस पोस्ट में आप सभी को बताने जा रहा हु , की अगर कम्पनी आपको समय पर आपके वेतन का भुगतान नहीं करती है तो क्या करे ?  What to do if Company does not pay Salary at Time.  लगभग देश की आधी आबादी से ज्यादा लोग निजी और सरकारी विभागों में काम करते है, ताकि अपना,अपने परिवार वालो का भरण पोषण कर सके और परिवार वालो की जरूरतें पूरी होते है, जिसके लिए हर काम करने वाला व्यक्ति अपनी कंपनी या जहा वह काम कर रहा है , वहां के नियोक्ता से यह आशा रखता है , की समय पर उसको  उसका वेतन मिल जाये, ताकि उसके परिवारवालों की जरूरते पूरी होती है। हर व्यक्ति के काम करने का कुछ उद्देश्य होता है, जैसे :-
  1. अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करना ,
  2. बच्चो को पढ़ने के लिए विद्यालय में भेजना,
  3. अपने और अपने परिवारों वालो की जरूरतों को पूरा करना,
  4. बीमार होने पर दवा कराना,
  5. भविष्य के लिए धन की बचत करना, 
  6. हर व्यक्ति के अपने अलग अलग काम होते है जरूरतों के हिसाब से।  
अगर कम्पनी   समय पर वेतन का भुगतान नहीं करती है तो क्या करे ?  What to do if Company does not pay Salary on Time.

लेकिन, दिक्कत तब होती है जब आपको समय पर वेतन नहीं मिलता है, जिसके कारण से आपको कई दिक्कतों को झेलना पड़ता है, आपके सरे काम रुक जाते है, तो अब सवाल ये उठता है की अगर कंपनी समय पर वेतन न दे तो क्या करे ? 
चलिए अब समझते है क्या करना चाहिए। 

अगर कंपनी समय पर वेतन नहीं देती है, तो क्या करे ?

धारा 4- मजदूरी अवधि का निर्धारण -(Section 4, fixation of wages period)  - मजदूरी अधिनियम, 1963 की धारा 4 में मजदूरी की अवधि  का निर्धारण किया गया है, जिसमे यह कहा गया है की धारा 3 के तहत मजदूरी के भगुतान लिए  जिम्मेदार प्रय्तेक व्यक्ति अवधि का निर्धारण जिसके संबंध में इस तरह की मजदूरी देय होगी।  

मजदूरी की कोई भी अवधि एक महीने से ज्यादा की नहीं होगी, मजदूर को उसकी मजदूरी एक महीने के भीतर मिल जानी चाहिए।  

धारा 5- समय पर  वेतन का भुगतान :- धारा 5 में  वेतन के भुगतन के समय के बारे में बताया गया है की किस समय तक वेतन का भुगतान कर दिया जाना चाहिए।  
  1. एक हजार से कम की मजदूरी वाले व्यक्ति को सातवें दिन की समाप्ति से पहले वेतन का भुगतान किया जायेगा।  
  2. एक हजार से ज्यादा की मजदूरी वाले व्यक्ति को दसवें  दिन की समाप्ति से पहले भुगतान किया जायेगा।  
  3. यदि कर्मचारी नियोक्ता द्वारा समाप्त (terminate) कर दिया जाता है तो उसके द्वारा अर्जित मजदूरी का भुगतान उसके कार्यकाल समाप्त होने के दूसरे कार्य दिवस की समाप्ति से पहले किया जायेगा।  
आपके द्वारा उठाये जाने वाले कदम। 
यदि आपका नियोक्ता जहा आप काम कर रहे है और वह आपको आपका वेतन समय पर नहीं देता है, तो आपको कानून द्वारा कुछ उपचार प्रदान किये गए है।

1. श्रम आयुक्त ( Labour Commissioner) - यदि कोई नियोक्ता आपके वेतन का भुगतान नहीं करता है तो आप श्रम आयुक्त विभाग से संपर्क कर अपनी समस्या की सूचना दे कर उपचार पा सकते है. श्रम आयुक्त आपके द्वारा बताई गयी वेतन की समस्या को अच्छी तरह से सुनेगा और इस मामले को सुलझाने में आपकी पूरी मदद करेगा।
यदि श्रम आयुक्त द्वारा आपकी वेतन की समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाता है तो  श्रम आयुक्त आपके इस वेतन के मामले को न्यायालय को सौंप  देगा जिससे आपके नियोक्ता के खिलाफ दर्ज किया जा सकता है।


2. लीगल नोटिस ( Legal Notice) - यदि आपका नियोक्ता आपके वेतन का भुगतान नहीं करता है, तो आप किसी वकील (lawyer, advocate ) की मदद से अपने नियोक्ता को लीगल नोटिस भेज कर अपने वेतन के भुगतान की माँग  कर सकते है।  नोटिस में आपको वह पूरी जानकारी देनी होगी जिससे यह साबित हो सके की आप उस कंपनी  कार्यत है।

3. मुकदमा करके - यदि आपका नियोक्ता आपके वेतन का भुगतान नहीं करता है, तो आप उसके खिलाफ मुकदमा करके अपने वेतन की मांग कर सकते है।
औद्योगिक विवाद अधिनयम, 1947 की धारा  33 (C) के तहत कर्मचारी नियोक्ता देय धन की वसूली के लिए मुकदमा दायर कर सकता है।

4. दावा  करके -  कर्मचारी स्वयं या उसके द्वारा अधिकृत किसी अन्य व्यक्ति  की तरफ से लिखित रूप में धन की वसूली के लिए दावा  कर सकता है।

5 . न्यायालय के आदेश पर - यदि न्यायालय कर्मचारी की बात से संतुष्ट हो जाता है वह प्रमाण पात्र जारी करेगा की वेतन देय  है, और कलेक्टर वसूली के लिए इस प्रमाण पात्र को आगे बढ़ाएगा।

यदि कंपनी धोखाधड़ी या बेईमानी के इरादे से आपके वेतन का भुगतान नहीं करता है, तो क्या करे ?

मान लिए आप किसी कंपनी में काम करते है और उस कंपनी द्वारा आपके वेतन का भुगतान नहीं किया जाता है , या कंपनी धोखाधड़ी या बेईमानी के इरादे से आपके वेतन का भुगतान नहीं कर रही है, ऐसे में आपके पास क्या रास्ता होगा, चलिए तो आज हम आपको उपचार के बारे में बताते है।

भारतीय दंड संहिता, 1860-  यदि किसी भी कर्मचारी को उसके वेतन का भुगतान नहीं होता है तो वह अपनी कंपनी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज करा सकता है।

 कंपनी अधिनियम ,2013 की धारा 447 - यदि कोई भी कंपनी किसी कर्मचारी के वेतन का भुगतान धोखाधड़ी या बेईमानी के इरादे से नहीं करता है, तो ऐसे में नियोक्ता को दण्डित किया जायेगा, जो की छह महीने के  कारावास से काम नहीं होगी , जो की दस साल  तक बढ़ाई जा सकती है।  जुर्माना  भी देय  होगा जो की जो की धोखाधड़ी की राशि के तीन गुना तक बढ़ाया जा सकता है।








अगर कम्पनी समय पर वेतन का भुगतान नहीं करती है तो क्या करे ? What to do if Company does not pay Salary on Time. अगर कम्पनी समय पर वेतन का भुगतान नहीं करती है तो क्या करे ?  What to do if Company does not pay Salary on Time. Reviewed by Advocate Pushpesh Bajpayee on June 05, 2018 Rating: 5

3 comments:

  1. Sir meri company 4 months ki sellrey nahi de rhi hai aur uska tender bhi khatm ho gaya hai sellrey ke liye kya kare

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  2. sir meri company shift ho rahi hai jo ki bahut dur hai lagbhag 40se45 k.m. hai mai nahi jana chahta company tyagpatra likhne ko bol rhi hai mai kya karu ?mai us company me 3 sal se karyrat hoo mera name virendra kumar hai

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  3. Sir MAI bses me Patty contrecter hu AUR ABHI 3 mahine pehle men ek vendor KE LIYE kaam KIYA tha.kaam khatam hue kafi time ho Chuka hai per wo payment nahi Kar raha.to MUJHE Kya karna chahiye

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