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नमस्कार मित्रों,
आज के इस लेख में हम जानेंगे कि " रजिस्ट्री को कैसे पढ़े ताकि जमीन फ्रॉड से कैसे बचें ? " प्रत्येक व्यक्ति की एक इच्छा होती है कि उसका एक माकन हो, उसके लिए वह अपने जीवन के नौकरी लगने के दौरान से एक-एक पाई जोड़ता है, ताकि वह मकान बनवाएँ या बना बनाया मकान ख़रीदे।
इसके लिए व्यक्ति जमीन खरीदता है, ऐसे में किसी भी प्रकार की कोई धोखा धड़ी न हो, कोर्ट -कचहरी के चक्कर में न पड़ना पड़ें। जमीन से जुड़े मुख्य दस्तावेजों को पढ़ना आना चाहिए और उसमें जो लिखा है वो कहा तक सही है ये भी जानना चाहिए।
जमीन से जुड़े दस्तवेज जैसे कि :-
- रजिस्ट्री।
- खतौनी।
- खसरा।
- बारहशाला।
- अन्य दस्तावेज , परिस्थितिनुसार।
रजिस्ट्री कैसे पढ़े ताकि जमीन फ्रॉड से बचें ?
रजिस्ट्री एक ऐसी प्रक्रिया है जो कि संपत्ति बेचने व् खरीदने वाले के मध्य लेन देन के रिकॉर्ड को स्थापित करती है।
रजिस्ट्री एक ऐसा दस्तावेज जो कि क्रेता और विक्रेता के मध्य अचल संपत्ति को बेचने व् खरीदने की प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए विक्रय विलेख यानी सेल डीड के मसौदा यानी ड्राफ्ट तैयार किया जाता है।
रजिस्ट्री में संपत्ति के विक्रय के सम्बन्ध मे लिखित कथन होते है और इस कथन को सत्यापित करने करने के लिए क्रेता विक्रेता के हस्ताक्षर होते है और साथ में गवाहों के हस्ताक्षर होते है।
औउपचारिकताएँ पूर्ण होती है, स्टाम्प शुक्ल का भुगतान और पंजीयन अधिकारी के समक्ष जाँच , संतुष्टि होने पर रजिस्ट्री पूर्ण होती है और सरकार अभिलेखों में दर्ज करवाना पड़ता है। जैसे खतौनी में नाम दर्ज करवाना।
रजिस्ट्री कैसे पढ़े और क्या क्या देखें ?
1.रजिस्ट्री में देखें -:
- क्रेता और विक्रेता का विवरण।
- विक्रय मूल्य।
- बाजारी मूल्य।
- स्टाम्प शुल्क।
- भूमि का प्रकार। ( कृषिक / आवासीय )
- वार्ड परगना।
- संपत्ति का विवरण - गाटा संख्या।
- संपत्ति के मापन की इकाई ( हेक्टेयर / वर्गमीटर )
- संपत्ति का क्षेत्रफल।
- रास्ते की चौड़ाई।
- चौहद्दी। (पूरब / पश्चिम / उत्तर / दक्षिण )
- सड़क के किनारे / सड़क से दूरी।
- संपत्ति का कुल क्षेत्रफल ( बहुमंजली )
- निर्मित क्षेत्रफल।
- निर्माण वर्ष ( यदि निर्मित है )
- प्रतिफल की धनराशि।
- नक्शा।
- स्थल की फोटो।
- अन्य।
1.1 खतौनी देखें।
खतौनी देखने के लिए भूमि जिस क्षेत्र के अंतर्गत आती है, उस क्षेत्र की तहसील में जाकर खतौनी की प्रमणित प्रतिलिपि प्राप्त करें या स्वयं भूलेख की वेबसाइट पर जाकर - जिला / परगना / गांव /गाटा संख्या / खसरा संख्या /नाम से खोजे।
खतौनी मिलने के बाद मिलान करें कि विक्रय विलेख में जो विवरण है वो खतौनी से मिलान हो रहा है या नहीं जैसे कि :-
- खातेदार का नाम , पिता / पति का नाम।
- संक्रमणीय / असंक्रमणीय भूमिधर।
- ग्राम।
- परगना।
- तहसील।
- जनपद।
- फसली वर्ष।
- खाता संख्या।
- गाटा संख्या।
- खसरा संख्या।
- क्षेत्रफल।
- आदेश कोई हो।
- टिपण्णी।
1.2 मौके पर निरिक्षण करें।
भूमि या निर्मित भवन जो भी खरीद रहें हो लेने से पहले मौके पर जाकर जरूर देखें और रजिस्ट्री और खतौनी में लिखे कथनों और विवरण से मिलान करें जैसे कि -:
- क्षेत्रफल।
- चौहद्दी ( पूरब / पश्चिम /उत्त्तर /दक्षिण में जो रजिस्ट्री में चौहद्दी दर्शित है वह मोके पर है या नहीं लेकिन कभी कभी ऐसा भी होता है चौहद्दी में किसी का भवन हो और वो नाम लिखा और मौके पर किसी और का निकलने तो इसका मलतब की विक्रय किया हो और वर्तमान में कोई और निवासी है , तो आपको अपनी रजिस्ट्री में वर्तमान चौहद्दी दर्शित करनी होगी )



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