lawyerguruji

NBW - Non Bailable Warrant हो जाने पर रिकॉल कैसे करवाएं और एप्लीकेशन कैसे लिखे - सम्पूर्ण प्रक्रिया।

www.lawyerguruji.com

नमस्कार मित्रों ,

आज के इस लेख में हम जानेंगे कि " जिला सत्र न्यायालय में आपराधिक मुकदमों में NBW - Non Bailable Warrant हो जाने पर रिकॉल कैसे करवाएं ?  


NBW क्या है ? 

अक्सर जब कोई भी व्यक्ति किसी अपराध के आरोप में पुलिस अधिकारी द्वारा गिरफ्तार किया जाता है , तो उसे 24 घण्टे के भीतर मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। अपराध जमानतीय है तो जमानत आसानी से मिल जाती है और अपराध गैर जमानतीय है न्यायालय अपराध की प्रकृति , गंभीरता और स्वविवेक पर अभियुक्त को जमानत देती है।  जमानत देने का मतलब यह नहीं की उसके उपर लगे आरोप समाप्त। जमानत पर रिहा होने का मतलब है उसे जेल में न रह कर जमानत के दिशानिर्देशों का पालन करना होगा।  मुक़दमे की प्रत्येक पेशी में उस अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष हाजिरी देनी होगी और मुक़दमे की फाइल में अपने हाजिरी सत्यापित करने के लिए हस्ताक्षर / अंगूठा लगाना होगा। 

यदि अभियुक्त किन्ही कारणों से अपने मुक़दमे की पेशी में नहीं आ सका , तो अभियुक्त के अधिवक्ता द्वारा हाजिरी माफ़ी प्रार्थना पत्र मजिस्ट्रेट की कोर्ट में देना होगा। 

यदि ये हाजिरी माफ़ी प्रार्थना पत्र अभियुक्त की ओर से मजिस्ट्रेट की कोर्ट में नहीं दिया जाता तो ऐसे में मजिस्ट्रेट की कोर्ट उस अभियुक्तकेँ खिलाफ NBW जारी कर सकेगा। 

NBW में मजिस्ट्रेट कोर्ट सम्बंधित थाने के पुलिस अधिकारी को आदेशित करती है कि अभियुक्त की गिरफ़्तारी कर उसे न्यायालय में निर्धारित पेशी में हाजिर किया जाये। पुलिस अधिकारी बिना किसी वारंट के अभियुक्त को गिरफ्तार करने का अधिकार रखते है। 

NBW - Non Bailable Warrant हो जाने पर रिकॉल कैसे करवाएं और एप्लीकेशन कैसे लिखे - सम्पूर्ण प्रक्रिया।



अब ऐसे में अभियुक्त को NBW की जानकारी होने पर गिरफ़्तारी से बचने के लिए वारंट रिकॉल कैसे कराइ जाये। 

Non Bailable warrant / गौर जमानतीय वारंट recall करवाने के लिए एप्लीकेशन कैसे लिखे - सम्पूर्ण प्रक्रिया। 
वारंट रिकॉल के लिए निम्न प्रार्थना पत्र लिखे पड़ते है। 
  1. रिकॉल प्रार्थना पत्र 
  2. शपथपत्र 
  3. अंडरटेकिंग 

NBW पर रिकॉल कराये जाने के लिए लिखी जाने वाली एप्लीकेशन का एक प्रारूप जो नए अधिवक्ताओं को समझने में मदद करेगा। 


न्यायालय श्रीमान 

परिवादी 

बनाम 

अभियुक्त 

वाद संख्या -
अंतर्गत धारा -
थाना -

प्रार्थना पत्र बाबत वापस लिए जाने वारंट NBW 

महोदय ,

निवेदन है कि उपरोक्त वाद में प्रार्थी / अभियुक्त कि  उपस्थिति हेतु दिनांक                         वास्ते                        नियुक्त था।  परन्तु प्रार्थी / अभियुक्त बीमार होने के कारण न्यायालय उपस्थित नहीं हो सका और न्यायालय श्रमण द्वारा प्रार्थी के विरुद्ध NBW का आदेश पारित कर दिया गया है। जबकि प्रार्थी ने जानबूझकर न्यायालय उपस्र्थित होने की गलती नहीं की है।  बल्कि अचानक बीमार हो जाने के कारण न्यायालय नहीं उपस्थित हो सका।  यह गलती प्रथम बार हुई है जो कि क्षमा किये जाने के योग्य है। 

अतः श्रीमान जी से प्रार्थना है की प्रार्थी के विरुद्ध जारी NBW का आदेश प्रथम गलती क्षमा करते हुए आदेश दिनांक      वापस लिए जाने की कृपा की जाये। 

दिनांक                     प्रार्थी / अभियुक्त 


NBW रिकॉल एप्लीकेशन के साथ दिया जाने वाल शपथ पत्र 


न्यायालय श्रीमान 

                                                                                                               परिवादी 

                                                                                        बनाम 

                                                                                                              अभियुक्त 

वाद संख्या -
अंतर्गत धारा -
थाना -

शपथपत्र 

शपथपत्र मिनजानिब  ( शपथकर्ता का नाम , पिता का नाम , निवासी )  सशपथ बयान करता है कि  :-
  1.     शपथकर्ता की ओर से जो वारंट रिकॉल प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है उसमे किया गया प्रत्येक कथन सही व् सत्य है। 
  2.   यह कि शपथ पत्र की धारा 1 में किया गया कथन मेरे निजी ज्ञान से सही व् सत्य है , ईश्वर मेरी मदद करें। 
दिनांक -                                                                                                                             शपथकर्ता 

वारंट रिकॉल हो जाने पर दिए जाना वाली अंडरटेकिंग का प्रार्थना पत्र। 


न्यायालय श्रीमान 

परिवादी 

बनाम 

अभियुक्त 


वाद संख्या -
अंतर्गत धारा -
थाना -


अंडरटेकिंग 

महोदय ,न्यायालय के आदेशानुसार प्रार्थी निम्नवत अंडरटेकिंग दे रहे है कि :-
  1. यह कि प्रार्थी / अभियुक्त न्यायालय के द्वारा नियत तिथि पर उपस्थित आते रहेंगे।
  2. यह कीप्रार्थी  / अभियुक्त U/S 351 BNSS व् नियत तिथि में उपस्थिति रहेंगे। 
  3. यह कि प्रार्थी / अभियुक्त न्यायालय श्रीमान की समस्त कार्यवाहियों में सहयोग करेंगे। 
दिनांक -                                                                                                                                 प्रार्थी/अभियुक्त 


नोट - किसी प्रकार की समस्या आने अपर या न समझ आने पर कमेंट कर अपने सावलों  के जवाब जान सकते है। 

No comments:

lawyerguruji ब्लॉग में आने के लिए और यहाँ पर दिए गए लेख को पढ़ने के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद, यदि आपके मन किसी भी प्रकार उचित सवाल है जिसका आप जवाब जानना चाह रहे है, तो यह आप कमेंट बॉक्स में लिख कर पूछ सकते है।

नोट:- लिंक, यूआरएल और आदि साझा करने के लिए ही टिप्पणी न करें।

Powered by Blogger.