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क्या बीमित वाहन की बिक्री पर उसका बीमा भी ट्रांसफर होता है ?

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नमस्कार मित्रों,

आज के इस लेख में हम जानेंगे कि क्या बीमित वाहन की बिक्री पर उसका बीमा भी ट्रांसफर होता है ? यदि हाँ तो उसके लिए क्या करना होगा ?  

अक्सर व्यक्ति नया मोटर वाहन लेता है या अपनी आवश्यकता के अनुसार व् धन की उपलब्धता के अनुसार नए के बदले कुछ माह या वर्ष पुराना जो बेच रहा होता है, किसी माध्यम या जानकारी मिलने पर संपर्क कर उस वाहन को खरीद लेता है। 

वाहन खरीद लेना ही  काफी नहीं होता कि वाहन के अधिकृत स्वामी वह व्यक्ति हो गया जिसने वाहन ख़रीदा, उसके लिए व्यक्ति को अपने नाम पर वाहन का पंजीकरण करवाना होता है। वाहन पंजीकरण के बाद बात बीमा की आती है, वाहन का बीमित होना अनिवार्य है। 

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क्या बीमित वाहन की बिक्री पर उसका बीमा भी ट्रासंफर होता है ?

इस सवाल का सीधा सा जवाब है कि हाँ बीमित वाहन की बिक्री पर उसका बिमा भी निर्धारित तिथि के भीतर बीमा कंपनी में आवेदन कर सूचना देने पर बीमा वाहन स्वामी के नाम ट्रांसफर हो जायेगा।  

मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा 157 में बीमा प्रमाणपत्र के अंतरण यानी ट्रांसफर के सम्बन्ध में प्रावधान दिया गया है।  

अधिनियम की धारा 157 की उपधारा 1 के तहत जहाँ कोई व्यक्ति जो वाहन का स्वामी है, जिसके पक्ष में अधिनियम के उपबंधों के तहत बीमा प्रमाण पत्र यानी बीमा पॉलिसी गई गयी है, उसके द्वारा अपना वाहन बीमा पालिसी सहित किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर किया जाता है , तो वहां पर बीमा प्रमाण पत्र और बीमा प्रमाणपत्र में वर्णित बीमा पालिसी उस व्यक्ति के पक्ष में वाहन अंतरण की तिथि से प्रभावशील रूप से अंतरित समझी जाएगी, जिसे मोटर यान यानी वाहन अंतरित किया गया है। 

अंतरित बीमा पालिसी में परिवर्तन के लिए क्या करना होगा ? 

अधिनियम की धारा 157 उपधारा 2 के तहत जहाँ वाहन बिमा पॉलिसी के साथ किसी अन्य व्यक्ति को अंतरित किया गया है, अंतरिती को यानी जिसके पक्ष में बीमा सहित वाहन अंतरित किया गया है, उसके द्वारा बीमा प्रमाणपत्र और प्रमाणपत्र में वर्णित पॉलिसी में उसके पक्ष में अंतरण के तथ्यों के सम्बन्ध में आवश्यक परिवर्तन करने के लिए निर्धारित रूप में, अंतरण की तिथि से 14 दिन के भीतर बीमाकर्ता यानी बीमा करने वाली कंपनी को आवेदन करेगा / किया जायेगा और बीमाकर्ता प्रमाणपत्र और बीमा पॉलिसी में बीमा के अंतरण के सम्बन्ध में आवश्यक परिवर्तन करेगा।  


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