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बारह साला/भार मुक्त प्रमाण पत्र क्या है? व् बारह साला/भारमुक्त प्रमाण पत्र की आवश्यकता क्यों पड़ती है ?

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नमस्कार मित्रों,

आज के इस लेख में आप सभी को "बारह साला / भारमुक्त प्रमाण पत्र क्या है और इसकी आवश्यकता क्यों होती है ?और बारह साला का महत्व क्या है ? इसके बारे में विस्तार से बताने जा रहा हु।  

जब कभी भी आप अचल संपत्ति लेने की सोचते या मन बनाते है तो आप उसके बारे में जितना हो सके उतनी जानकारी एकत्रित करने की अपनी पूरी कोसिस करते है, ऐसा इसलिए की संपत्ति विवादित न हो और उसमे किसी भी प्रकार का कोई लोन न हो। यदि ऐसी कोई समस्या आती है तो अवश्य आपको कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ सकते है ।   

इन्ही सब से बचने के लिए आप उस संपत्ति की जाँच, खीज बीन अपने हद तक करते है, इन्ही खोज बीन में एक " बारह साला" भी आता है। 

इसको विस्तार से समझेंगे। 

बारह साला/भार मुक्त प्रमाण पत्र क्या है? व् बारह साला/भारमुक्त प्रमाण पत्र की आवश्यकता क्यों पड़ती है ?

क्या है बारह साला यानी भारमुक्त प्रमाण पत्र ?

बारह साला जो कि दो शब्दों से मिलकर बना है। यहाँ पहले शब्द बारह का अर्थ समान्यतः गणित के अंक 12 से है और साला का अर्थ साल से यानी वर्ष से है।  बारह साला का अर्थ हुआ बारह साल जिसका अभिप्राय अचल संपत्ति के 12 साल के अभिलेखों का सम्पूर्ण विवरण शामिल होता है यानी इन 12 सालो में अचल संपत्ति के साथ क्या -क्या हुआ ?

बारह साला / भार मुक्त प्रमाण पत्र ऐसा प्रमाण पत्र है जो कि रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908 की धारा 57 व् रजिस्ट्रेशन मैन्युअल नियम 327 -328 के तहत सम्बंधित  संपत्ति के सम्बन्ध में रजिस्ट्री कार्यालय द्वारा जारी किया जाता है।  इस बारह साला / भार मुक्त प्रमाण पत्र में संपत्ति के भार मुक्त होने के सम्बन्ध मे जानकारी होती है। 

बारह साला / भारमुक्त प्रमाण पत्र की आवश्यकता क्यों पड़ती है ?

जब भी आप कोई अचल संपत्ति लेने वाले होते है तो उसके बारे में जानने के लिए रजिस्ट्री कार्यालय में बारह साला के लिए आवेदन करते है यह जानने के लिए कि उस अमुक अचल संपत्ति में कोई भार तो नहीं है जैसे कि :-
  1. क्या उस संपत्ति में किसी भी प्रकार का कोई लोन है ?
  2. क्या वह संपत्ति, बंधक, पट्टे पर तो नहीं है ?
  3. क्या उस अचल संपत्ति में कोई बदलाव तो नहीं हुआ है जैसे की भूमि, खेत का कोई भाग या अंश बिका तो नहीं है ?
  4. क्या अचल संपत्ति जैसे कि भूमि, खेत जो भी हो जिसे लेने जा रहे है क्या उसकी बिक्री पलही बार होने जा रही है या पहले कभी बिकी है, पुनः खरीदार उसे बेच रहा है ?
  5. क्या अचल संपत्ति का दाखिल - ख़ारिज हो गया है या नहीं ? 
  6. अचल संपत्ति से सम्बंधित वे सभी जानकारी प्राप्त होती है जिससे उस अचल संपत्ति के भारमुक्त होने की जानकारी प्राप्त होती है। 
बारह साला किसका किसका होता है ?
बारह साला खसरा, खतौनी व् रजिस्ट्री का होता है।
यदि खेती की भूमि लेने जा रहे है जिसकी पहले कभी बिक्री नहीं हुई तो ऐसे में उस खेती की भूमि की खतौनी व् खसरा का बारह साला के लिए उस स्थित भूमि के क्षेत्र की तहसील के लेखपाल कार्यालय में आवेदन किया जायेगा। 
ऐसी संपत्ति जिसकी बिक्री पहले हो चुकी है तो सीधी सी बात है कि रजिस्ट्री हुई होगी , तब ऐसे में इस संपत्ति के बारह साला के लिए उस स्थित भूमि, खेत, जमीन या अन्य अचल संपत्ति के क्षेत्र के रजिस्ट्री कार्यालय में आवेदन किया जायेगा।  

बारह साला / भारमुक्त प्रमाण पत्र की मांग कहाँ होती है ?
बारह साला / भारमुक्त प्रमाण पत्र की मांग निम्न कार्यालय में पड़ सकती है जैसे कि:-
  1. रजिस्ट्री कार्यालय में संपत्ति के रजिस्ट्री के समय। 
  2. अचल संपत्ति के बैनामे के समय बारह साला की मांग हो सकती है। 
  3. किसान क्रेडिट कार्ड से लोन लेते समय बारह साला की मांग होती है क्योकि जब किसान लोन लेगा तो वह अपने खेत, भूमि को बैंक में बंधक रखेगा, तो यह जानने  के  लिए क्या पहले कोई लोन लिया तो नहीं गया या बाकी तो नहीं है।  
  4. बैंक में संपत्ति को गिरवी रख कर लोन लेते समय , ऐसा इसलिए कि जिस संपत्ति पर पहले से लोन होता है उस पहले लोन के भुगतान से पहले दुबारा उसी गरीवी संपत्ति पर लोन नहीं मिलता। 
  5. अन्य अवश्यकताओं के से समय बारह साला की मांग हो सकती है।  

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