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असली स्टाम्प पेपर व् टिकटों की पहचान कैसे करे ?

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नमस्कार मित्रों,
आज के इस लेख में आप सभी को "असली स्टाम्प पेपर व् टिकटों की पहचान कैसे करे " इसके बारे में विस्तार से बताने जा रहा हु।

असली स्टाम्प पेपर व् टिकटों की पहचान कैसे करे how to identify genuine stamp paper and stamp, court fees and revenue fess


स्टाम्प पेपर क्या होते है ?
स्टाम्प पेपर एक ऐसा पेपर है, जिसपर राज्य सरकार द्वारा विशिष्ट मूल्य के राजस्व स्टाम्प प्रिंट होता है, यह स्टाम्प राजस्व विभाग द्वारा जारी किये जाते है। स्टाम्प पेपर दिखने में नोट जैसे होते है अंतर् इतना होता है कि यह नोट एक विशेष प्रकार के सफ़ेद पन्ने पर ऊपर की तरफ छपी होती है, जिसपर कुछ ऐसा लिखा होता है जैसे कि :-
  1. हिंदी में भारतीय गैर न्यायिक और अंग्रेजी में INDIAN NON JUDICIAL,
  2. स्टाम्प पेपर की सुरक्षा के लिए एक सुरक्षा धागा भी दिया होता है 
  3. वह मूल्य अंकित होगा जिस मूल्य का स्टाम्प पेपर है जैसे कि :- 10 रु,  20 रु, 50 रु, 100रु, 500 रु, 750 रु, 1000 रु, 5000 रु, व् 10000 रु। 
स्टाम्प पेपर का इस्तेमाल कहाँ होता है ?
राज्य सरकार द्वारा राजस्व विभाग के जरिये जारी स्टाम्प पेपर का उपयोग कानूनी दस्तावेजों के लिए किया जाता है।  विभिन्न मूल्यों के स्टाम्प पेपर का इस्तेमाल आवश्यकता के अनुसार किया जाता है जैसे कि:-
  1. शपथ पत्र।
  2. घोषणाएं। 
  3. संविदा / एग्रीमेंट। 
  4. सम्पति के खरीद व् बिक्री व् रजिस्ट्री के लिए। 
  5. मुख़्तार नामा खास, मुख़्तार नामा आम / पावर ऑफ़ अटॉर्नी। 

 रेवेन्यू टिकट व् कोर्ट फीस टिकेट क्या होता है ?

रेवेन्यू टिकट चौकोर सा दिखने में एक छोटा सा कागज जैसा होता है जिसमे टिकट का मूल्य व् सत्यमेव जयते के चित्र के निचे सत्यमेव जयते लिखा होता है। रेवेन्यू टिकट को रशीदी टिकट भी कहा जाता है। 

कोर्ट फीस टिकट चौकोर सा दिखने में एक छोटा सा कागज जैसा होता है जिसमे टिकट मूल्य के साथ सत्यमेव जयते का चित्र होता है व् हिंदी और अंग्रेजी में कोर्ट फीस और भारत लिखा होता है। 

असली स्टाम्प पेपर व् टिकट की पहचान कैसे करे ?

स्टाम्प पेपर जिसका उपयोग कानूनी दस्तावेजों के रूप में किया जाता है,जैसा कि उपरोक्त बताया गया है। स्टाम्प पेपर के लिए हम जो पैसा देते है वह मूलयवान होता है यदि ऐसे में हम किसी धोखे, फर्जीवाड़ा का शिकार हो गए, यानी असली स्टाम्प पेपर की जगह नकली निकल आया तो जिस कार्य के लिए स्टाम्प पेपर लिया गया था वो भी अवैध हो जायेगा व् साथ ही जो मूल्य स्टाम्प पेपर के लिए दिया था वो चला जायेगा। 

तो, ऐसे में यह अत्यंत जरुरी है कि हमे असली स्टाम्प पेपर की पहचान की जानकारी होनी चाहिये। 

स्टाम्प पेपर व् स्टाम्प टिकट की असली पहचान के निम्न बिंदु :-
  1.  रु 100/-, रु 500 /-, रु 1000/- के स्टाम्प पेपर में शीर्ष पर यानी ऊपर की तरफ वॉटरमार्क में 101 तथा मध्य में अशोक चक्र के साथ हिंदी में "भारत सरकार" और अंग्रेजी में " GOVERNMENT OF INDIA" वक्राकार में लिखा होता है। 
  2. रु 700 /-, के स्टाम्प के शीर्ष पर वॉटरमार्क में 809 तथा मध्य में अशोक चक्र के साथ हिंदी में "भारत सरकार" और अंग्रेजी में " GOVERNMENT OF INDIA" लिखा होता है। 
  3. रु 5000 /- के नए स्टाम्प पत्रों के शीर्ष पर वाटर में 101 के साथ अशोक चक्र व् इसके निचे सत्य मेव जयते लिखा होता है। 
  4. रु 5000 के पुराने स्टाम्प पेपर के शीर्ष पर वाटर मार्क में "XOX" व् अशोक चक्र जिसके निचे सत्यमेव जयते लिखा होता है। 
  5. रु 10000 /- एवं इससे अधिक मूल्य के स्टाम्प पेपर में सुरक्षा धागे व् क्रमांक पुष्टि कर लेनी चाहिए जहाँ स्टाम्प पेपर के शीर्ष पर वॉटरमार्क 101 सुरक्षा धागे में लिखा होता। 
  6. स्टाम्प पेपर का रंग एक सामान चमकीला एवं स्पष्ट होना चाहिये। 
  7. परिछिद्रण स्पष्ट हो तथा कागज फटा नहीं होना चाहिए। 
  8. कोर्ट फीस आदि चिपकाने वाले स्टाम्प टिकट का मुद्रण शार्प बोल्ड होता है।  
  9. टिकट के पीछे लगी गोंद की पर्त् सामान रूप से फैली होनी चाहिये। 
  10. स्टाम्प पेपर की छपाई स्पष्ट, रेखाएं टूटी न हो और किनारे की रेखाएं समानांतर होनी चाहिये। 

स्टाम्प पेपर कहाँ से ख़रीदे ?

स्टाम्प पेपर के असली पहचान कैसे करे इसकी जानकारी होने के बाद मुख्य बात यह आती है की स्टाम्प पेपर व् स्टाम्प टिकट कहाँ से ख़रीदे, क्या इसकी  दुकान होती है, तो चलिए जान ले। 

न्यायालय व् कलक्ट्री में स्टाम्प वेंडर और कोषागार होते है वही से लेना चाहिए इसको और अधिक विस्तार से जान ले। 
  1. स्टाम्प पेपर, कोर्ट फीस टिकट आदि बिकने वाले स्टाम्प कोषागार या अधिकृत स्टाम्प विक्रेता / स्टाम्प वेंडर से ही ख़रीदे। 
  2. स्टाम्प विक्रेता के रजिस्टर में अपना नाम, पता, तिथि और बिक्री के प्रयोजन के लिख जाने के बाद अपने हस्ताक्षर करे। 
  3. स्टाम्प पेपर के पीछे स्टाम्प विक्रेता का बिक्री प्रमाण पत्र जिसमे उसकी स्पष्ट मुहर व् पुरे हस्ताक्षर हो उसकी पुष्टि अवशय कर ले। 
  4. स्टाम्प पेपर विक्रेता के बैठने का स्थान और उसके अधिकृत होने प्रमाण उसके लाइसेंस नंबर को अवश्य लिख ले। 
  5.  स्टाम्प पेपर कोषागार से खरीद रहे है तो स्टाम्प पत्र पर कोषागार की मुहर, तिथि एवं अधिकृत अधिकारी कर्मचारी के हस्ताक्षर की पुष्टि कर ले। 
  6. स्टाम्प पेपर चाहे कोषागार से ख़रीदे या चाहे अधिकृत स्टाम्प विक्रेता से स्टाम्प पर लिखे धनराशि ही अदा करे 
  7. फर्जी, नकली व् जाली स्टाम्प के संदेह होने पर या किसी असुविधा की दशा में जिलाधिकारी को जल्द  सूचित करे। 

स्टाम्प पेपर कैसे, कहाँ और किससे न ख़रीदे ?

  1. कटे, फ़टे, भद्दे, धुंधले, बदरंग स्टाम्प न ख़रीदे। 
  2. अनजान व्यक्ति, बिचौलियों, दलालो, भू- माफियों, प्रॉपर्टी डीलरो से स्टाम्प पेपर न खरीदे। 
  3. स्टाम्प पेपर पर लिखी मुद्रा से कम पर स्टाम्प बेचने वाले विक्रेता से से स्टाम्प न ख़रीदे क्योकि यह फर्जी हो सकते है। 

6 टिप्‍पणियां:

  1. Koi agreement kiye huwe 32 years ho gaya aur bechene wala aur kharidene wala dono ko death ho gaya usme do witness jinda hai to is agriment valid hai.

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. सभी सेल्स एग्रीमंट 3 वर्ष तक ही वैध्य रहते है । अब आपका मामला क्या है, वो पूरा जाने बिना कुछ कहा नहीं जा सकता है ।

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    2. Hum kisi ko 50000 rupya diya wapas nahi de raha hai

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    3. Uske upar bahut sara Karz tha isliye usne mujhse madad mangi thi to main stamp paper ka Bharosa rakh kar usko 75000 upar ka payment de Diya

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    4. आपके पास लाइसेन्स है क्या रुपया उधार देने का।

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