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एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध व् इन अपराधों के लिए दी जाने वाली सजा क्या है

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नमस्कार मित्रों,
आज के इस लेख में आप सभी को ये बताने जा रहा हु कि कब किसी व्यक्ति पर एन० डी० पी० एस० एक्ट के तहत दण्डित किया जाता है ?

THE NARCOTIC DRUGS AND PSYCHOTROPIC SUBSTANCES, ACT, 1985


एन० डी० पी०  एस०  एक्ट क्या है ?


नारकोटिक ड्रग एंड साइकोट्रॉपिक पदार्थ अधिनियम 1985, जिसको आप आम भाषा में एनडीपीएस एक्ट के नाम से जानते है। एनडीपीएस एक्ट का मुख्य उद्देश्य व् प्रावधान यह है कि किसी भी नशीले पदार्थ की गैर कानूनी तरीके से खेती, उत्पादन,निर्माण, भंडारण,बिक्री, परिवहन या उपयोग / इस्तेमाल प्रतिबंधित करना है। यदि कोई भी व्यक्ति इस अधिनियम के तहत किसी भी नियम व् कानून का उल्लंघन करता है या ऐसा कुछ भी करते हुए पाया जाता है तो ऐसा करने वाले व्यक्ति को कठोर कारावास से और जुर्माने से दण्डित किया जायेगा।

एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध व् इन अपराधों के लिए दी जाने वाली सजा क्या है ?


नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक पदार्थ अधिनियम 1985, के अध्याय 4 में नशीले पदार्थ के सम्बन्ध में दंड का प्रावधान किया गया है।

1. एनडीपीएस एक्ट की धारा 15 - पोस्ता के सम्बन्ध में उल्लंघन के लिए सजा। 

एनडीपीएस एक्ट के तहत जो कोई भी इस अधिनियम के कीसी भी प्रावधान का या किसी नियम या किसी आदेश का या लाइसेंस की शर्तो का उल्लंघन कर पोस्ता के सम्बन्ध में इसके उत्पादन, कब्जे, परिवहन, आयात अंतर् राज्य, निर्यात अंतर् राज्य, बिक्री, खरीद, उपयोग,पोस्ता को गोदाम में रखने लिए छोड़ देता है या भण्डारण किये गए अफीम के निकालने या हटाना या इसके सम्बन्ध में कोई कार्य करता है तो ऐसा कार्य  दाण्डीय होगा।
  1. जहाँ उल्लंघन पोस्ते के सम्बन्ध में छोटी मात्रा में शामिल है वहाँ उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को कठिन कारावास से जो कि 1 साल तक कारावास की सजा से या 10000 रु जुर्माने से या दोनों से दण्डित किया जायेगा। 
  2. जहाँ उल्लंघन अफीम और पोस्ते के सम्बन्ध में व्यापारिक मात्रा में कम लेकिन छोटी मात्रा से अधिक में शामिल है वहाँ उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को कठिन कारावास से जो कि 10 साल तक कारावास की सजा से या 100000 रूपये जुर्माने से या दोनों से दण्डित किया जायेगा। 
  3. जहाँ उल्लंघन अफीम और पोस्ते के सम्बन्ध में व्यापारिक मात्रा में शामिल है वहां उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को कठिन कारावास से जो कि कम से कम 10 साल कारावास या अधिक 20 साल तक कारावास की सजा से और कम से कम 1लाख रूपये अधिक 2लाख  रु जुर्माने से दण्डित किया जायेगा।
परन्तु न्यायालय ऐसे कारणों से जो कि निर्णय में लिखित किये जायेंगे 2 लाख रु से अधिक तक का जुर्माना अधिरोपित कर सकेगा।
2. एनडीपीएस एक्ट की धारा 16 -  कोका के पौधे और कोका की पत्ती के सम्बन्ध में उल्लंघन के लिए सजा। 
एनडीपीएस के तहत जो कोई भी इस अधिनियम के किसी भी प्रावधानों का या किसी नियम या किसी आदेश का या इसके तहत जारी लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन कर कोका के पौधे की खेती करता है या कोका के पौधे के किसी भाग को एकत्रित करता है या उत्पादन करता है या कब्जे में रखता है, बिक्री करता है, खरीद करता है, परिवहन करता है, अंतर्  राज्य निर्यात, अंतर् राज्य आयात करता है या कोका की पत्ती का उपयोग करता है, तो ऐसा करने वाले व्यक्ति  कठिन कारावास से जो कि 10  कारावास सजा और 1लाख रूपये जुर्माने साथ दण्डित किया जायेगा।  

3. एनडीपीएस एक्ट की धारा 17 - निर्मित अफीम के सम्बन्ध में उल्लंघन के लिए सजा। 

एनडीपीएस एक्ट के तहत जो कोई भी इस अधिनियम के किसी भी प्रावधान का या किसी नियम का या किसी आदेश का या इसके तहत जारी लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन कर अफीम का उत्पादन करता है, कब्जे में रखता है, खरीद -बिक्री करता है, परिवहन करता है, इंटर राज्य आयात, इंटर राज्य निर्यात करता है या निर्मित अफीम का उपयोग करता है तो ऐसा करने वाले को दण्डित किया जायेग जो कि:-
  1. जहाँ उल्लंघन अफीम के सम्बन्ध में छोटी मात्रा में शामिल है, वहां उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को कठोर कारावास से जो की 1 साल तक कारावास की सजा और 10000 रु जुर्माने से या दोनों से दण्डित किया जायेगा। 
  2. जहाँ उल्लंघन अफीम के सम्बन्ध में व्यापारिक मात्रा से कम लेकिन छोटी मात्रा से अधिक मात्रा में शामिल है,तो ऐसा करने वाले व्यक्ति को कठोर कारावास से जो कि 10 साल तक कारावास की सजा और 1लाख रु जुर्माने के साथ दण्डित किया जायेगा। 
  3. जहाँ उल्लंघन अफीम के सम्बन्ध में व्यापारिक मात्रा में शामिल है,तो ऐसा करने वाले व्यक्ति को कम से कम 10 साल तक कारावास की सजा से अधिक 20 साल तक कारावास की सजा से और कम से कम 1लाख  रु जुर्माने से अधिकतम 2 लाख रु जुर्माने से दंडनीय । 
परन्तु न्यायालय ऐसे कारणों से जो की निर्णय में लिखित किये जायेंगे 2 लाख रु से अधिक जुर्माना अधिरोपित कर सकेगा।
4. एनडीपीएस एक्ट की धारा 18 -  अफीम पोस्ट और अफीम के सम्बन्ध में उलंघन के लिए सजा। 

एनडीपीएस एक्ट के तहत जो कोई भी इस अधिनियम के किसी भी प्रावधान का या किसी नियम का या किसी आदेश का या इसके तहत जारी लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन कर अफीम पोस्ता की खेती करता है या उत्पादन करता है या निर्मित करता है या कब्जे में रखता है या बिक्री खरीद करता है या परिवहन करता है या इंटर राज्य आयात  इंटर राज्य निर्यात करता है या अफीम पोस्ते का उपयोग करता है तो वह व्यक्ति दण्डित किया जायेगा :-
  1. जहाँ उल्लंघन छोटी मात्रा में शामिल है वहां उल्लंघन करने वाला व्यक्ति कठोर करवास से जो कि 1 साल तक कारावास की सजा से और 10000 रु जुर्माने के साथ या दोनों से दण्डित किया जायेगा। 
  2. जहाँ उल्लंघन व्यापारिक मात्रा में शामिल है वहां उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को कम से कम 10 साल अधिकतम 20 साल तक कारावास की सजा और कम से कम 1लाख रु जुर्माने से अधितक 2लाख रु तक जुर्माने से दण्डित किया जायेगा। 
  3. लेकिन जहाँ जुर्माने की राशि 2लाख रु से अधिक वहां निर्णय में इन कारणों का उल्लेख लिखित होगा। 
  4. अन्य किसी मामले में कठोर करवास से जो कि 10 साल तक कारावास की सजा और 1लाख रु जुर्माने के साथ दण्डित किया जायेगा। 
5. एनडीपीएस एक्ट की धारा 19 -कृषक द्वारा अफीम के गबन के लिए सजा।  

कोई भी अफीम की खेती करने वाला लइसेंसधारी कृषक केंद्रीय सरकार के खाते में से अफीम का गबन करता है अन्यथा अवैध रूप से अफीम के उप्तादन या उसके किसी भी भाग को समाप्त करता है तो ऐसा करने वाले व्यक्ति को कठोर कारावास से दण्डित किया जायेगा जो कि कम से कम 10 साल तक कारावास अधिकतम 20 साल तक कारावास से और कम से कम 1लाख रु जुर्माने से अधिकतम 2लाख रु जुर्माने से दण्डित किया जायेगा। 

परन्तु न्यायालय ऐसे करने जो कि निर्णय में लिखित किये जायेंगे 2 लाख रु से अधिक जुर्माना अधिरोपित कर सकेगा। 

6. एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 - भांग / गांजा के पौधे  और भांग / गांजा के सम्बन्घ में उल्लंघन के लिए सजा। 

क -  जो कोई भी इस अधिनियम के प्रावधानों का या नियमो का या आदेशों का इस अधिनियम के तहत जारी लाइसेंस का उल्लंघन कर भांग, गांजा के किसी भी पौधे की खेती करता है तो ऐसा करने वाले व्यक्ति को कठोर कारावास से दण्डित किया जायेगा जो कि 10 साल तक कारावास की सजा और 1लाख रु जुर्माने के साथ दण्डित दण्डित किया जायेगा।

ख - जो कोई भी इस अधिनियम के प्रावधानों का या नियमो का या आदेशों का या अधिनियम के तहत जारी लाइसेंस की शर्तों का उलंघन कर भांग, गांजा का उत्पादन, निर्माण, कब्ज़ा, बिक्री, खरीद, परिवहन, अंतर् राज्य आयात, अंतर् राज्य निर्यात या भांग, गांजे का उपयोग करता है तो ऐसा करना दंडनीय होगा जो कि:-
  1. जहाँ उल्लंघन छोटी मात्रा में शामिल वहां ऐसा करने वाले व्यक्ति को कठोर कारावास से जो कि  1 साल तक कारावास की सजा और 10000 रु जुर्माने के साथ दण्डित किया जायेगा। 
  2. जहाँ उल्लंघन व्यापारिक मात्रा से कम लेकिन छोटी मात्रा से अधिक मात्रा में शामिल है वहां ऐसा करने वाले व्यक्ति को कठोर कारावास से दण्डित किया जयेगा जो कि 10 साल तक कारावास की सजा से और 1लाख रु जुर्माने के साथ दण्डित किया जायेगा। 
  3. जहाँ उल्लंघन व्यापारिक मात्रा में शामिल है वहां ऐसा करने वाले व्यक्ति को कठोर कारावास से जो कि कम से कम 10 साल तक अधिकतम 20 साल तक कारावास की सजा से और कम से कम 1लाख रु अधिकतम 2लाख रु जुर्माने से दण्डित किया जायेगा। 
परन्तु न्यायालय ऐसे कारणों से जो कि निर्णय में लिखित किये जायेंगे 2 लाख रु से अधिक जुर्माना अधिरोपित कर सकेगा।  

7. एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 -  ड्रग के उत्पादन व् निर्माण के सम्बन्ध में उल्लंघन के लिए सजा। 

 एनडीपीएस एक्ट के तहत जो कोई भी इस अधिनियम के किसी भी प्रावधान का, किसी भी नियम का, किसी भी आदेश का या लाइसेंस की शर्तो का उल्लंघन कर ड्रग का उत्पादन करता है, कब्जे में रखता है, बिक्री व् खरीद करता है, परिवहन करता है, अन्तर राज्य आयात निर्यात करता है या उत्पादित किसी भी ड्रग का उपयोग करता है तो ऐसा करना दंडनीय होगा जो कि :-
  1. जहाँ उल्लंघन छोटी मात्रा में शामिल वहां उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को कठोर कारावास की सजा से  कि 1 साल तक कारावास की सजा या 10000 रु जुर्माने के साथ या दोनों से दडंनीय होगा। 
  2.  जहाँ उल्लंघन व्यापारिक मात्रा से कम लेकिन छोटी मात्रा से अधिक है वह उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को कठोर कारावास की सजा जो कि 10 साल तक कारावास जी सजा से और 1लाख रु जुर्माने के साथ दंडनीय होगा। 
  3. जहाँ उल्लंघन व्यापारिक मात्रा में है वहां उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को कठोर कारावास की सजा से जो कि कम से कम 10 साल तक कारावास की सजा अधिकतम 20 साल तक कारावास की सजा से और कम से कम 1लाख रु जुर्माने से अधिकतम 2लाख  रु जुर्माने से दंडनीय होगा।  
परन्तु न्यायालय ऐसे कारणों से जो की निर्णय में लिखित किये जायेंगे 2 लाख रु से अधिक जुर्माना अधिरोपित कर सकेगा।  

8. एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 - नशीले पदार्थो के सम्बन्ध में उल्लंघन के लिए सजा। 

एनडीपीएस एक्ट के तहत जो कोई भी इस अधिनियम के किसी भी प्रावधान, किसी भी नियम, किसी भी आदेश या इसके तहत जारी किये गए लाइसेंस की शर्तो का उल्लंघन कर नशीले पदार्थो का उत्पादन करता है, कब्जे में रखता है, बिक्री- खरीद करता है, परिवहन करता है, अन्तर राज्य आयात, अन्तर राज्य निर्यात करता है या नशीले पदार्थ का उपयोग करता है तो ऐसा करना दंडनीय होगा जो कि :-
  1. जहाँ उल्लंघन छोटी मात्रा में शामिल है वहां कठोर कारावास की सजा से जो कि 1 साल तक कारावास की सजा से और 10000 रु जुर्माने के साथ या दोनों से दंडनीय होगा। 
  2. जहाँ उल्लंघन व्यापारिक मात्रा से कम लेकिन छोटी मात्रा से अधिक मात्रा में शामिल है वहां कठोर कारावास से जो कि 10 साल तक कारावास की सजा से और 1लाख  रु जुर्माने के साथ दंडनीय होगा। 
  3. जहाँ उल्लंघन व्यापारिक मात्रा में शामिल में है वहां कठोर कारावास की सजा से जो कि कम से कम 10 साल तक कारावास की सजा अधिकतम 20 साल तक कारावास की सजा से और कम से कम 100000 रु तक जुर्माने से अधिकतम 2लाख  रु जुर्माने के साथ दाण्डीय होगा। 
परन्तु न्यायालय ऐसे कारणों से जो कि निर्णय में लिखित किये जायेंगे वहां 2 लाख से अधिक का जुर्माना अधिरोपित कर सकेगा।

9. एनडीपीएस एक्ट की धारा 23 -  भारत में मादक दवाओं और नशीले पदार्थ के अवैध आयात - निर्यात या लेनदेन के लिए सजा।  

एनडीपीएस एक्ट के तहत जो कोई भी इस अधिनियम के किसी भी प्रावधान का, किसी भी नियम का, किसी भी आदेश का या इसके तहत जारी लाइसेंस की किसी भी शर्तों का, परमिट का, प्रमाणपत्र का या प्राधिकरण द्वारा जारी नियमो और आदेशों का उल्लंघन कर भारत में मादक दवाओं और नशीले पदार्थ का आयात करता है या भारत से निर्यात करता है या किसी भी मादक दवाओं का या नशीले पदार्थ का लेनदेन करता है तो यह दंडनीय होगा जो कि :-
  1. जहाँ उल्लंघन छोटी मात्रा में शामिल है वहां कठोर कारावास की सजा से जो कि 1 साल तक कारावास की सजा से या 10000 रु जुर्माने के साथ या दोनों से दंडनीय होगा। 
  2. जहाँ उल्लंघन व्यापारिक मात्रा से कम लेकिन छोटी मात्रा से अधिक मात्रा में शामिल है वहां कठोर करवास से जो कि 10 साल तक कारावास की सजा से और 1 लाख जुर्माने के साथ दंडनीय होगा।
  3. जहाँ उल्लंघन व्यापारिक मात्रा में शामिल है वहां कठोर कारावास से जो कि कम से कम 10 साल तक कारावास की सजा अधिकतम 20 साल तक कारावास की सजा से और कम से कम 1 लाख रु जुर्माने से अधिकतम 2 लाख रु जुर्माने से दंडनीय होगा। 
परन्तु न्यायालय ऐसे कारणों से जो कि निर्णय में लिखित किये जायेंगे वहां 2 लाख रु से अधिक जुर्माना अधिरोपित कर सकेगा।

10. एनडीपीएस एक्ट की धारा 24 -  धारा 12 के उल्लंघन में मादक दवाओं और नशीले पदार्थों में बाहरी लेनदेन के लिए सजा। 

जो कोई भी किसी व्यापर में शामिल है या उसको नियंत्रित करता है जहाँ मादक दवाओं या मादक पदार्थ को केंद्रीय सरकार की पूर्व अनुमति प्राप्त किये बिना या अधिनियम की धारा 12 के तहत दिए गए ऐसे किसी प्राधिकार की शर्तो से यदि कोई हो उल्लंघन कर भारत से बाहर प्राप्त करता है या भारत से बाहर किसी अन्य व्यक्ति सप्लाई करता है तो वह कठोर कारावास की सजा से जो कि कम से कम 10 साल तक कारावास की सजा से अधिकतम 20 साल तक कारावास की सजा से और कम से कम 1 लाख जुर्माने से अधिकतम 2 लाख रु जुर्माने के साथ दंडनीय होगा।

परन्तु न्यायालय ऐसे कारणों से जो कि निर्णय में लिखित किये जायँगे वहां 2 लाख रु से अधिक का जुर्माना अधिरोपित कर सकेगा।

11. एनडीपीएस एक्ट की धारा 25 -  किसी अपराध के कमीशन के लिए परिसर आदि की अनुमति देने के लिए सजा। 

जो कोई भी किसी गृह, कमरे, अहाते, जगह, स्थान, पशु या परिवहन का मालिक, कब्जेधारी होने के नाते या उसका नियंत्रण या उपयोग कर रहा है, जानबूझकर किसी अन्य व्यक्ति को इस अधिनियम के तहत किसी भी दंडनीय अपराध के किये जाने के लिए इनका उपयोग करने की अनुमति देता है , तो वह इस अधिनियम के तहत उस अपराध के लिए उपबंधित दंड से दंडनीय होगा।
                                                                                                                                                                    12. एनडीपीएस एक्ट की धारा 25 क - धारा 9 क के अधीन दिए गए आदेशों के उल्लंघन के लिए सजा। 

यदि कोई व्यक्ति अधिनियम की धारा 9 क के अधीन किये गए किसी आदेश का उलंघन करेगा तो वह कठोर कारावास से जो कि 10 साल तक कारावास की सजा से और 1 लाख रु तक जुर्माने से दंडनीय होगा।

परन्तु  न्यायालय ऐसे कारणों से जो की निर्णय में लिखित किये जायेंगे 1 लाख रु से अधिक जुर्माना अधिरोपित कर सकेगा।

धारा 9 क नियंत्रित पदार्थो को नियंत्रित और विनियमित करने की शक्ति। 

उपधारा 1 के तहत यदि केंद्रीय सरकार की यह राय है कि स्वापक औषिधि या मन प्रभावी पदार्थ के उत्पादन या विनिर्माण में किसी नियंत्रित पदार्थ के प्रयोग को ध्यान में रखते हुए लोक हित में ऐसा करना आवश्यक है या उचित है तो वह आदेश द्वारा उसके उतपादन, विनिर्माण, प्रदान और वितरण और उसके व्यापर और वाणिज्य को विनियमित या प्रतिबंधित करने का प्रावधान कर सकेगी।

उपधारा 2 के तहत उपधारा 1 के द्वारा प्राप्त शक्तियों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना उसके अधीन किया गया कोई आदेश किसी नियंत्रित पदार्थ के उत्पादन, विनिर्माण, कब्जा, परिवहन, अंतरराज्यिक आयात -निर्यात, बिक्री, खरीद, उपयोग, भंडारण, वितरण, उपयोग या उसके प्राप्त करने का लाइसेंस, परमिट द्वारा या अन्यथा विनियमित करने का प्रावधान कर सकेगा।

13. एनडीपीएस एक्ट की धारा 26 - लइसेंसधारी या उसके सेवक द्वारा किये गए कुछ कार्यो के लिए सजा। 

यदि इस अधिनियम के अधीन बनाये गए किसी नियम या किये गए किसी आदेश के अधीन या जारी किये गए किसी लाइसेंस, परमिट या प्राधिकार के लाइसेंस धारक या उसके सेवक द्वारा किये गए कुछ कार्य जो की :-
  1. इस अधिनियम के प्रावधानों या किसी नियम के अनुसार खातों को बनाये रखने या किसी भी विवरण को प्रस्तुत करने में बिना किसी उचित कारण के भूल जाता है,
  2. केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार द्वारा इस कार्य हेतु प्राधिकृत किसी अधिकारी के मांग पर लाइसेंस, परमिट या प्राधिकार पेश करने में बिना किसी युक्तियुक्त करने के असफल रहता है,
  3. ऐसा कोई लेखा रखेगा या ऐसा कोई कार्य करेगा जो मिथ्या है और जिसके बारे में वह जनता है या विश्वास करने का कारण रखता है की वह गलत है या ,
  4. ऐसे लाइसें, परमिट या प्राधिकार की शर्तो को जिसके लिए इस अधिनियम में अन्य कोई दंड निर्धारित नहीं किया गया है भंग करके जानबूझकर कर और जानते हुए कोई कार्य करेगा,
 तो ऐसा करने वाला व्यक्ति 3 साल तक कारावास की सजा से या जुर्माने से या दोनों से दण्डनीय होगा।

14. एनडीपीएस एक्ट की धारा 27 - किसी भी मादक दवा या नशीले पदार्थ के सेवन के लिए सजा। 

1.उपधारा क के तहत जहाँ कोई व्यक्ति मादक दावों या मादक पदार्थो का जो कि कोकीन, मॉर्फिन, डाइसिटिलमोर्फिन या अन्य मादक दवाओं या अन्य नशीले पदार्थ का सेवन किया जाता है या ऐसी कोई अन्य मादक दवाओं या नशीले पदार्थ का जो कि केंद्रीय सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचना द्वारा मादक दवाओं या नशीले पदार्थ के रूप में निर्दिष्ट किया जाये सेवन करता है तो यह कठोर कारावास से दंडनीय होगा जो कि 1 साल तक कारावास की सजा से या 20000 रु तक जुर्माने से या दोनों से दंडनीय होगा।

2.उपधारा ख के तहत जहाँ कोई व्यक्ति ऐसी मादक दवाओं या नशीले पदार्थ का जो कि कोकीन, मॉर्फिन, दाइसिलिटमॉर्फिन से भिन्न मादक दवाओं या नशीले पदार्थ का सेवन करता है वह 6 महीने तक कारावास की सजा से या 10000 रु तक जुर्माने से या दोनों से दंडनीय होगा।

15. एनडीपीएस एक्ट की धारा 27 क - अवैध व्यापर का वित्त पोषण करने और अपराधियों को शरण देने के लिए सजा। 

जो कोई भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अधिनियम की धारा 2 के खंड 8 क के उपखण्ड 1 से उपखण्ड 5 तक जो कि :-
  1. उपखण्ड 1 के तहत कोका के पोधे की खेती या कोका के पोधे के किसी भाग को पास में रखना,
  2. उपखण्ड 2 के तहत अफीम, पोस्ता या चरस के पोधे की खेती करना,
  3. उपखण्ड 3 के तहत मादक दवाओं या नशीले पदार्थो के उत्पादन, विनिर्माण, कब्ज़ा, बिक्री, खरीद, परिवहन, भंडारण, छिपाव, उपयोग या उपभोग, अंतरराज्यिक आयात -निर्यात, भारत में आयात या भारत से निर्यात या लेनदेन का कार्य करना,
  4. उपखण्ड 4 के तहत  मादक दवाओं नशीले पदार्थ के उपरोक्त उपखण्ड 1 से उपखण्ड 3 तक में लिखित क्रियाकलापों में से भिन्न क्रियाकलापों में लेनदेन करना,
  5. उपखण्ड 5 के तहत उपरोक्त उपखण्ड 1 से उपखण्ड 4 तक में लिखित किर्याकलापों के लिए परिसर का प्रबंध करना या परिसर को किराये पर देना,
 उपरोक्त उल्लिखित किसी भी क्रियाकलाप का वित्तपोषण करने में या इन क्रियाकलापों में से किसी क्रियाकलाप में लगे किसी व्यक्ति को शरण देगा तो वह कठोर कारावास से जो कि कम से कम 10 साल तक कारावास की सजा से अधिकतम 20 साल तक कारावास की सजा से और कम से कम 1 लाख रु तक जुर्माने से अधिकतम 2 लाख रु तक जुर्माने से दंडनीय होगा।

परन्तु न्यायालय ऐसे कारणों से जो कि निर्णय में लिखित किये जायेंगे 2 लाख रु तक से अधिक का जुर्माना अधिरोपित कर सकेगा।

16. एनडीपीएस एक्ट की धारा 27 ख -  धारा 8 क अपराध से प्राप्त संपत्ति से सम्बंधित कुछ क्रियाकलापों  के निषेध के उल्लंघन के लिए सजा।  

1.कोई भी व्यक्ति किसी संपत्ति के बारे में यह जानते हुए कि ऐसी संपत्ति इस अधिनियम के तहत या किसी अन्य देश के किसी अन्य सम्बंधित कानून के तहत या ऐसे अपराध में भाग लेने के कार्य से प्राप्त की गयी है, संपत्ति के अवैध मूल को छिपाने या किसी अपराध के किये जाने में किसी व्यक्ति की सहायता करने के लिए या कानूनी परिणामो से बचने के लिए किसी भी संपत्ति को परिवर्तित या स्थानांतरित नहीं करेगा।

2. कोई भी व्यक्ति किसी संपत्ति के बारे में यह जानते हुए कि ऐसी संपत्ति इस अधिनियम के अधीन या किसी अन्य देश के किसी अन्य सम्बंधित कानून के अधीन किये गए किसी अपराध से प्राप्त हुई है तो ऐसी किसी संपत्ति को न छुपायेगा और न ही उसके वास्तविक रूप, स्त्रोत, स्थान, स्वाभाव को बदलेगा।                                                                                                                                                     
3. कोई भी व्यक्ति किसी संपत्ति के बारे में जानते हुए कि ऐस संपत्ति इस अधिनियम के अधीन या किसी अन्य देश के सम्बंधित कानून के अधीन किये गए अपराध से प्राप्त की गयी थी, ऐसी प्राप्त हुई किसी संपत्ति का न ही अधिग्रहण करेगा, न ही कब्जे में रखेगा और न ही उपयोग करेगा।

उपरोक्त उपधारों का उल्लंघन करने पर कठोर कारावास से जो कि कम से कम 3 साल तक कारावास की सजा से अधिकतम 10 साल तक कारावास की सजा से और जुर्माने के साथ भी दण्डित किया जायेगा।

17. एनडीपीएस एक्ट की धारा 28 - अपराध करने का प्रयास करने के लिए सजा। 

जो कोई भी इस अधिनियम के अधीन दंडनीय अपराध करने का प्रयास करता है या ऐसे अपराध के करने  करता है और ऐसा अपराध करने में उस अपराध के सम्न्बंध में कोई कार्य करेगा तो वह व्यक्ति उस अपराध के लिए उपबंधित दंड से दंडनीय होगा।

18. एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 -  दुष्प्रेरण (उकसाने) और आपराधिक षड्यंत्र के लिए सजा। 

1. उपधारा 1 के तहत भी इस अध्याय के अधीन दंडनीय अपराध का दुष्प्रेरण (उकसाने) करेगा या ऐसा कोई अपराध करने के आपराधिक षड्यंत्र का पक्षकार होगा, वह चाहे ऐसा अपराध ऐसे दुष्प्रेरण के [परिणामस्वरूप या ऐसे आपराधिक षड्यंत्र के अनुसरण में किया जाता है नहीं किया जाता है और भारतीय दंड संहिता की धारा 116 में किसी बात के होते हुए भी, उस अपराध के लिए उपबंधित दंड से दंडनीय होगा।

2. उपधारा 2 के तहत एक व्यक्ति इस धारा के अर्थ में किसी अपराध का दुष्घ्प्रेरण करता  कोई अपराध करने के आपराधिक षंडयंत्र  पक्षकार होता है जो भारत में या भारत से बाहर और अलग किसी स्थान में ऐसा कोई कार्य किये जाने का भारत में दुष्प्रेरण करता है या ऐसे आपराधिक षंडयंत्र का पक्षकार होता है जो कि :-
  1. यदि भारत के भीतर किया जाता तो अपराध गठित किया जाता या, 
  2. भारत में या भारत से बाहर और अलग किसी ऐसे स्थान की विधियों के अधीन मादक दवाओं या नशीले पदार्थों से सम्बंधित ऐसा अपराध करता है जिसमे  अपराध कारित करने के लिए अपेक्षित ऐसी ही  सामान सभी विधिक शर्ते है जैसी उसे इस अध्याय के अधीन दंडनीय अपराध कारित करने के लिए अपेक्षित विधिक शर्ते होती यदि ऐसा अपराध भारत ने किया जाता। 
19.एनडीपीएस एक्ट की धारा 31 - पूर्व दोषसिद्धि के बाद अपराधों के लिए बढ़ी सजा। 

1. यदि कोई व्यक्ति जिसको इस अधिनियम के अधीन दंडनीय कोई अपराध करने पर का प्रयास करने पर या उसका दुष्प्रेरण करने का या करने के आपराधिक षड्यंत्र करने के लिए दोषसिद्ध किया गया है, उसके बाद इस अधिनियम के अधीन उतने ही दंड से दंडनीय कोई अपराध करने का या करने का प्रयास या उसका दुष्प्रेरण करने का या आपराधिक षंडयंत्र करने के लिए दोषसिद्ध ठहराया जाता है तो वह दुबारा किये गए अपराध और उस हर एक पहले अपराध के लिए कठोर कारावास से जिसकी अवधी एक से डेढ़ गुणा तक हो सकेगी और जुर्माने से जो की जुर्माने की राशि एक से डेढ़ गुना तक हो सकेगी दंडनीय होगा।

2. जहाँ व्यक्ति अपराध करने या करने का प्रयास या आपराधिक षंडयंत्र करने का दोषसिद्ध व्यक्ति कारावास की न्यूनतम अवधी और जुर्माने की न्यूनतम राशि से दण्डित किये जाने का भागी है वहां ऐसे व्यक्ति के लिए न्यूनतम दंड कारावास की न्यूनतम अवधी का डेढ़ गुना और जुर्माने की न्यूनतम राशि डेढ़ गुना होगा।
         
परन्तु न्यायालय ऐसे कारणों से जो कि निर्णय में लिखित किये जायेंगे उस जुर्माने से अधिक जुर्माना अधिरोपित कर सकेगा जिसके लिए कोई व्यक्ति दायी है।

3. जहाँ कोई व्यक्ति सम्बंधित किसी कानून के अधीन भारत से बाहर दाण्डिक अधिकारिता वाले किसी सक्षम न्यायालय द्वारा दोषी ठहराया जाता है वहां ऐसे व्यक्ति से ऐसी दोषीद्धि के लिए  उपरोक्त उपधारा 1 व् उपधारा 2 के प्रयोजन लिए, इस प्रकार बरता जयएगा मनो वह भारत में किसी न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध ठहराया गया है।                                                                                                                                                                         20. एनडीपीएस एक्ट की धारा 31 क - पूर्व दोषसिद्ध के बाद कुछ अपराधों के लिए मृत्यु दंड की सजा।                                                                                                                             
1. धारा 31 - पूर्व दोषसिद्ध के बाद किये गए अपराध के लिए सजा के प्रावधान में किसी बात के होते हुए भी,  धारा 19 कृषक द्वारा अफीम के गबन के लिए सजा, धारा 24 जो कि धारा 12 के उल्लंघन में सजा जहाँ मादक दावों और नशीले पदार्थ के बाहरी लेनदेन पर प्रतिबन्ध के सम्बन्ध में, धारा 27 क अवैध व्यापर का वित्त पोषण के लिए और अपराधियों को शरण देने के लिए सजा इन धाराओं के अधीन दंडनीय किसी अपराध के किये जाने या करने का प्रयास करने या दुष्प्रेरण करने का या आपराधिक षड्यंत्र करने के लिए और उन अपराधों के लिए जो किसी मादक दवाओं या नशीले पदार्थ की व्यापारिक मात्रा  से सम्बन्घित है इन निम्लिखित अपराधों का दोषसिद्ध कोई व्यक्ति इन निम्लिखित अपराध किये जाने या करने या करने का प्रयास या दुष्प्रेरण करने या उसे करने के आपराधिक षड्यंत्र के लिए बाद में दोषसिद्ध ठहराया जाता है तो ऐसे दंड से जो की धरा 31 में उपबंधित दंड से कम का दंड से दंडनीय नहीं होगा या मृत्यु दंड से दंडनीय किया जायेगा।

उपधारा 1 खंड क -  निचे दिए गई गयी सूची के तहत मादक दवाओं या नशीले पदार्थ की मात्रा जो की बराबर या उससे अधिक मात्रा में उतप्दान, निर्माण, कब्ज़ा, परिवहन, भारत में आयात, भारत से निर्यात या स्थानांतरण में लगे रहने से सम्बंधित अपराध है जो की किये गए अपराध में उपबंधित सजा से डेढ़ गुना सजा से या मृत्यु दंड से दंडनीय होगा।

 क्रम० 
 स्वापक औषधियों / मन प्रभावी पदार्थ (मादक दवाओं और नशीले पदार्थ ) की सूची

 
                           मात्रा 
 1  अफीम 
 10   किलोग्राम                                     
 2  मार्फिन   1 किलोग्राम                
 3.  हेरोइन  1 किलोग्राम 
 4. कोडीन  1 किलोग्राम 
 5.  थिबेन  1  किलोग्राम 
 6.  कोकेन  500 ग्राम 
 7.  हशीश  20 किलोग्राम 
 8.  उपरोक्त औषधियों में से किसी औषधियों की निष्प्रभावी सामग्री सहित या उससे रहित कोई मिश्रण  ऊपर वर्णित औषधियों  भागरूप सम्बंधित ऐसी स्वापक औषधियों  प्रभावी पदार्थो के सामने जो मात्रा दी गयी है उसने कम मात्रा 
 9. एल एस डी, एल एस डी -25 (+) - एन, एन -दीथीलीसेर गमाइड ( डी -लेसेरिक और दैथिलामाइड ) 500 ग्राम 
 10.  टी एच सी ( टेट्राहाईड्रोकेनाबिनोल्स , निम्लिखित समव्यापी 6 ए, (10 ए ), 6 ए (7 ), 8,9,10,9 (11) और उसके त्रिविम रासायनिक रूप भेद  500 ग्राम 
 11.  मेथेमकेटमिन (+)- 2 - मेथलामाइन, 1 फनिलप्रोपेन  1500 ग्राम 
 12.  मेथाक्कलोन (2 मेथिल -3 ओ-टोटिल - 4 (3 एच ) क्विनेजोलिनोन  1500 ग्राम 
 13.  एम्फटेमिन (+)- 2 एमिनी - 1 फेनिलप्रोपेन  1500 ग्राम 
 14.  क्रम 9 से 13 में वर्णित नशीले पदार्थो लवण और निर्मितियां  1500 ग्राम 

2. जहाँ कोई व्यक्ति धारा 19, धारा 24 या धारा 27 क  उपबंधों से सम्बंधित किसी विधि के अधीन और किसी स्वापक औषिधि  या मन प्रभावी पदार्थ की व्यापारिक मात्रा से सम्बंधित अपराधों के लिए भारत से बाहर किसी दांडिक अधिकारिता वाले सक्षम न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध ठहराया जाता है, वहां ऐसे दोषसिद्ध के लिए ऐसे व्यक्ति के बारे में उपधारा 1 के प्रयोजन के लिए ऐसी कार्यवाही की जाएगी मनो वह भारत में किसी न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध ठहराया। 

21 . एनडीपीएस एक्ट की धारा 32 - ऐसे अपराधों के लिए सजा जिसके लिए सजा का प्रावधान नहीं किया गया है।  

जो कोई इस अधिनियम के किसी प्रावधान का या अधिनियम के अधीन बनाए गए किसी नियम या जारी किये गए किये गए आदेश का, दिए गए लाइसेंस, परमिट या प्राधिकार की किसी शर्तो का उल्लंघन करेगा जिसके लिए इस अध्याय में अलग किसी दंड का प्रावधान नहीं किया गया है , उल्लंघन करने वाले को कारावास की सजा से जो कि 6 महीने तक कारावास की सजा से या जुर्माने से या दोनों से दंडनीय होगा।  
 

एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध व् इन अपराधों के लिए दी जाने वाली सजा क्या है  एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध व् इन अपराधों के लिए दी जाने वाली सजा क्या है Reviewed by Advocate Pushpesh Bajpayee on June 29, 2020 Rating: 5

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