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जाने भारत में पासपोर्ट बनवाने के नए नियम क्या हैं

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नमस्कार मित्रों,
आज के इस लेख में आप सभी को पासपोर्ट  नियमों के बारे में बताने जा रहा हु, क्योकि यह आवशयक है कि आप सभी को पासपोर्ट के इन नए नियमो की जनकारी होनी चाहिए। यदि आप भविष्य में कही बाहर मतलब यानी अपने देश से बाहर किसी अन्य देश में घूमने के लिए जाना चाहते है या तो फिर नौकरी के लिए या अपने किसी सगे सम्बन्धी के यहाँ जो विदेश में है उसके यहाँ जाना चाहते है, तो आपके एक वैध पासपोर्ट का होना अनिवार्य है, जो कि आपको एक देश से दूसरे देश की सीमा के भीतर प्रवेश करने को अधिकृत करता है।

Know the new rules related to passport application


तो, चलिए अब विस्तार से जान ले पासपोर्ट के इन नए नियमों के बारे में ................................................!

जाने भारत में पासपोर्ट बनवाने के नए नियमों के बारे में। 

किसी भी व्यक्ति को एक देश से दूसरे अन्य देश में जाने के लिए पॉसपोर्ट की आवश्यकता होती है, और यह पासपोर्ट देश के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है, भारत में पासपोर्ट, भारतीय विदेश मंत्रायल द्वारा जारी किया जाता है। पूर्व में पासपोर्ट आवेदन की प्रक्रिया इतनी सरल नहीं थी जो की है, पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया को कारगार उदार और आसान करने के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट निति के दायरे में रहते कई उचित कदम उठाये है, जिससे भारतीय नागरिको को पासपोर्ट आवेदन करने में आसानी हो। 

भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा पासपोर्ट आवेदन / जारी करने सम्बन्धी नए नियम 

भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा भारतीय नागरिकों द्वारा पासपोर्ट आवेदन करने सम्बन्धी प्रक्रिया को आसान, उदार व् कारगार करने के लिए निम्न कदम उठाये है जो कि :-

1. जन्म तिथि प्रमाण पत्रों में सुविधा:-
पासपोर्ट नियम 1980, के प्रावधानों के तहत सभी पासपोर्ट आवेदकों को जिनका जन्म 26 / 01 /1989 को या इसके बाद हुआ है, सभी आवेदकों को पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए जन्म तिथि के सबूत के तौर पर जन्म ,प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है। लेकिन भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा यह निर्णय लिए गया कि भारतीय नागिरकों के द्वारा पासपोर्ट आवेदन करते समय जन्म तिथि प्रमाण पत्र के रूप में निम्नलिखित दस्तावेजों में से किसी एक दस्तावेज को प्रस्तुत कर सकते है, ये दस्तावेज निम्न है :-
  1. जन्म और मृत्यु के रजिस्ट्रार या नगर निगम या किसी अन्य विहित प्राधिकारी द्वारा जारी किये गए जन्म प्रमाण पत्र या जिस किसी को भी भारत में जन्मे बच्चे का जन्म पंजीकरण करने के लिए जन्म और मृत्यु अधिनयम, 1969 के तहत जन्म पंजीकरण का अधिकार दिया गया है। 
  2. पिछले स्कूल द्वारा जारी किया गया स्थांतरण प्रमाण पत्र / स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र, स्कूल द्वारा जारी किया गया मेर्टिकुलेशन प्रमाण पत्र, आवेदक की जन्म तिथि युक्त मान्तया प्राप्त शैक्षिक बोर्ड द्वारा जारी किया गया स्थांतरण पत्र। 
  3. आवेदक के जन्म तिथि युक्त आयकर विभाग द्वारा जारी किया गया पैन कार्ड। 
  4. आवेदक के जन्म तिथि युक्त भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा जारी आधार कार्ड। 
  5. सम्बंधित राज्य सरकार के परिवहन विभाग द्वारा जारी किया गया ड्राइविंग लाइसेंस जिसमे जन्म तिथि युक्त है।  
  6. सरकारी कर्मचारियों के सम्बन्ध में अधिकारी, सम्बंधित मंत्रालय के प्रसाशन/ आवेदक के प्रभारी द्वारा विधिवत अधिप्रमाणित / प्रमाणित आवेदक के सर्विस रिकॉर्ड की प्रति जिसमे जन्म तिथि युक्त है। 
  7. सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों के सम्बन्ध में आवेदक के वेतन पेंशन आदेश की प्रति, जिसमे जन्म तिथि युक्त हो। 
  8. सार्वजानिक जीवन बीमा निगमों / कंपनियों द्वारा बीमा पॉलिसी जो कि धारक की जन्म तिथि के साथ जारी पॉलिसी बांड है ।   
2. एकल माता पिता के बच्चो के लिए पासपोर्ट आवेदन हुआ आसान:-
ऑनलाइन पासपोर्ट आवेदन करते समय अब आवेदनकर्ता को पासपोर्ट फॉर्म में अपने अभिभावक के रूप में केवल पिता या माता या कानूनी अभिभावक का नाम दर्ज करने की अनुमति प्रदान की गयी है या दोनों का नहीं।
यह नियम एकल माता पिता को उनके बच्चों के लिए पासपोर्ट के लिए आवेदन करने के लिए सक्षम करेगा और साथ ही पासपोर्ट जारी करने के लिए भी सक्षम करेगा। या जहाँ तो आवेदक के अनुरोध पर पासपोर्ट पर माता पिता का नाम मुद्रित करने के लिए आवश्यक नहीं है।

3. बिना माता पिता के बच्चो के लिए पासपोर्ट आवेदन हुआ आसान :-
अनाथ बच्चों यानी कि जिनके माता पिता नही है उनके लिए भी पासपोर्ट आवेदन करना हुआ आसान, क्योकि पासपोर्ट आवेदन करते समय  जन्म तिथि प्रमाण पत्र अनिवार्य है, लेकिन अनाथ बच्चों जिनकी जन्म तिथि का कोई सबूत नहीं है जैसे कि जन्म प्रमाण पत्र , मैट्रिक प्रमाण पत्र  या घोषणात्मक न्यायालय का आदेश। ऐसे में अनाथ बच्चे अनाथालय / बाल देखभाल गृह के प्रमुख द्वारा जन्म तिथि की पुष्टि करने वाले संगठन के आधिकारिक लेटरहेड पर अपने जन्म तिथि प्रमाण की घोषणा  प्रस्तुत क्र सकते है।

4. जायज बच्चो के लिए पासपोर्ट आवेदन करना हुआ आसान:- 
जो बच्चे जायज है, ऐसे बच्चों के पासपोर्ट के लिए आवेदन करते समय आवेदक को केवल अनुबंध "G" प्रस्तुत करना होगा।

5.गोद लिए गए बच्चो के लिए पासपोर्ट आवेदन हुआ आसान :-
अब देश में घरेलु रूप से गोद लिए गए बच्चो के लिए पासपोर्ट आवेदन करते समय या जारी करने के मामले में, पंजीकृत दत्तक विलेख यानी पंजीकृत गोदनामा विलेख प्रस्तुत करना आवश्यक नहीं होगी।  इस आशय के किसी भी काम में आभाव में , पासपोर्ट आवेदक बच्चे के गोद लेने की पुष्टि करने वाले एक सादे कागज पर एक घोषणा दे सकता है।

6. अनुबंध में कमी कर पासपोर्ट आवेदन हुआ और भी आसान :-
पासपोर्ट नियम 1980 के तहत निर्धारित अनुबंधों की कुल संख्या 15 से घटाकर 9 कर दी गयी है, जिसमे से अनुबंध ए, सी, डी, ई, जे और के को हटा दिया  कुछ अनुबंधों को मिला दिया गया है।

7. कोई सत्यापन की आवश्यतकता नहीं होगी :-
पासपोर्ट आवेदनकर्ता द्वारा दिए जाने वाले सभी अनुबंध जिनके सम्बन्ध में यह अपेक्षा की जाती है कि वे एक सफ़ेद कागज पे एक स्व घोषणा के रूप में होगी, जो कि किसी भी नोटरी / कार्यकारी मजिस्ट्रेट / प्रथम श्रेणी  न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा कोई सत्यापन / शपथ ग्रहण होना आवश्यक है, लेकिन  अब पासपोर्ट आवेदनकर्ता को आगे इसकी कोई आवश्यकता नहीं होगी।

8. विवाह प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने आवश्यकता नहीं :-
विवाहित आवेदकों को पासपोर्ट आवेदन करते समय अब विवाह प्रमाण पत्र के सम्बन्ध में अब न तो अनुबंध "K" या कोई विवाह प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है।

9. तलाक शुदा और अलग हुए जोड़े के लिए पासपोर्ट आवेदन हुआ आसान :-
तलाक शुदा और अलग हुए जोड़े के मामले में उनके द्वारा पासपोर्ट आवेदन करते समय अब पति या पत्नी का नाम प्रदान करने की कोई आवश्यकता नहीं है और साथ ही साथ तलाक शुदा या अलग हुए जोड़े को पासपोर्ट  के लिए आवेदन करते समय अब तलाक की डिक्री का  प्रदान करने की आवश्यकता भी नहीं होगी।

10.सरकारी कर्मचारियों के लिए ततकाल आधार पर पासपोर्ट आवेदन करना हुआ आसान :-
सरकारी कर्मचारी जो कि तत्काल आधार पर पासपोर्ट प्राप्त करने के इरादे से पासपोर्ट के लिए आवेदनकरने के लिए अपने सम्बंधित नियोक्ता से पहचान प्रंणा पत्र अनुबंध 'B" / अनापत्ति प्रमाण पत्र (नो ऑब्जेक्शन प्रमाण पत्र ) अनुबंध "M' प्राप्त करने में सक्षम नहीं है, अब ऐसे सरकारी कर्मचारी आवेदक अनुबंध "N" के तहत एक स्व-घोषणा प्रस्तुत करके पासपोर्ट प्राप्त कर सकते है। अनुबंध "N " में आवेदक ने यह घोषणा कि उसने इसके नियोक्ता को पूर्व सूचना पत्र दिया है जो कि यह सूचित करता है कि वह पासपोर्ट जारी करने वाले प्राधिकारी को एक साधारण पासपोर्ट के आवेदन के लिए कर रहा है।

11. साधु / सन्यासियों के लिए पासपोर्ट आवेदन करना हुआ आसान :-
साधु / सन्यासियों के मामले में पासपोर्ट आवेदन के लिए अपने जैविक माता पिता के नाम स्थान पर अपने आध्यात्मिक गुरु के नाम के साथ पासपोर्ट के लिए आवेदन कर सकते है, और कम से कम एक सार्वजानिक दस्तावेज उपलब्ध कराने की दशा में निम्न सार्वजानिक दस्तावेज उपलब्ध करा सकते है जैसे कि :- भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किया गया मतदाता पहचान पत्र, पैन ,कार्ड  आधार कार्ड आदि जिसमे साधु / सन्यासियों के माता पिता के नाम पर उनके आध्यात्मिक गुरु का नाम दर्ज किया गया है। 
जाने भारत में पासपोर्ट बनवाने के नए नियम क्या हैं जाने भारत में पासपोर्ट बनवाने के नए नियम क्या हैं Reviewed by Advocate Pushpesh Bajpayee on February 13, 2020 Rating: 5

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