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क्या है टेली लॉ और कैसे टेली लॉ ग्रामीण क्षेत्रो में लोगो को निःशुल्क कानूनी सलाह देकर मदद करती है। What is tele law and how tele law help people in rural area by giving free legal aids

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नमस्कार दोसतों,
आज का यह लेख ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले उन ग्रामीण परिवारों और वहाँ के रहने वाले लोगो के लिए है जिनको अब सरकार कानूनी सलाह निःशुल्क टेली लॉ सर्विस के माध्यम से प्रदान करेगी। क्या है टेली लॉ और कैसे टेली लॉ ग्रामीण क्षेत्रो में लोगो को निःशुल्क  कानूनी सलाह देकर मदद करती है। आपके इन सभी सवालों के जवाब आज हम इस लेख के माध्यम से देने जा रहे है।
क्या है टेली लॉ और कैसे टेली लॉ ग्रामीण क्षेत्रो में लोगो को निःशुल्क  कानूनी सलाह देकर मदद करती है। What is tele law and how tele law help people in rural area by giving free legal aids.

क्या है टेली लॉ ? What is tele law ?
टेली लॉ जो कि संचार व् सूचना तकनिकी का  इस्तेमाल कर वकीलों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगो के मध्य ई-संवाद मतलब की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कॉमन सर्विसेज सेंटर में उपस्थित वकीलों के एक पीनल के माध्यम से कानूनी सूचना व् कानूनी सलाह प्रदान करते रहना। सरकार ने न्याय प्रणाली को सरल बनाने के लिए टेली लॉ पोर्टल की शुरुआत की है।टेली लॉ पोर्टल के माध्यम से लोग कॉमन सर्विस सेंटर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये वकीलों से कानूनी सलाह निःशुल्क प्राप्त कर सकेंगे।

टेली लॉ का मुख्य उदेश्य यह है कि विधि सेवा प्राधिकार तथा कॉमन सर्विस सेंटर में उपस्थित वकीलों के एक पीनल के माध्यम से कानूनी परामर्श सेवा को सरल बनाना है,  टेली लॉ 1800 चिन्हित पंचायत में उपस्थित पारा लीगल स्वयंसेवकों के द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये से लोगो को वकीलों के साथ जोड़ता है और उनके द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब प्रदान करा कर कानूनी सलाह प्रदान करवाता है।

टेली लॉ की मुख्य विषेशताएं क्या है ?
  1. टेली लॉ सेवा जो कि 1800 पंचातयों के माध्यम से बिहार, उत्तर प्रदेश, पूर्व उत्तर तथा जम्मू कश्मीर में कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, चैट व् टेलीफोन के माध्यम से कानूनी सलाह प्रदान कराई जाएगी।
  2. 1000 महिला पारा लीगल स्वयंसेवको की पहचान और सशक्तिकरण की जाएगी जो कि कॉमन सर्विस सेंटर में शामिल की जाएँगी  और ये  स्वयंसेवक महिलाएं लोगो के लिए कानूनी सलाह उपलब्ध कराने में  मदद करेंगी। 
  3. टेली लॉ कॉमन सर्विस सेंटर और कानूनी सेवा प्राधिकारों में उपस्थित वकीलों के विशेषज्ञ पैनल के माध्यम से कानूनी सलाह प्रदान करायी जाएगी। 
टेली लॉ सेवा आप लोगो के लिए कार्य कैसे करेगी ?
  1. कानूनी सलाह प्राप्त करने के लिए पारा लीगल स्वयंसेवकों से मिलना होगा। 
  2. कॉमन सर्विस सेंटर पर जाना होगा। 
  3. मामले को पंजीकृत किया जायेगा, परामर्श के लिए अपॉइंटमेंट लेना होगा और भुगतान कर रशीद लेनी होगी। 
  4. सलाह प्राप्त करने के लिए नागरिको को एक विशेष तिथि व् समय पर आना होगा। 
  5. कानूनी विशेषज्ञ द्वारा टेली परामर्श के माध्यम से कानूनी सलाह प्रदान की जाएगी। 
  6. कानूनी सलाह प्रदान करने के बाद मामला समाप्त किया जायेगा। 
टेली लॉ सेवा किन किन राज्यों में होगी और राज्य और कॉमन सर्विस सेंटर की संख्या। 
  1. असम - 450
  2. अरुणाचल प्रदेश -29
  3. बिहार - 500
  4. जम्मू कश्मीर - 150
  5. मेघालय - 42
  6. मणिपुर -19
  7. मिजोरम - 12
  8. नागालैंड - 48 
  9. सिक्किम - 10
  10. त्रिपुरा - 40
  11. उत्तर प्रदेश - 500
इन सभी 11 राज्यों को मिला कुल 1800 कॉमन सर्विस सेंट्रर होंगे जो लोगो की कानुनी सलाह प्रदान कर मदद करेंगे। 

टेली लॉ सेवा के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सलाह प्राप्त करने वाले नागरिक कौन होंगे?
 विधि सेवा प्राधिकार अधिनियम, 21987 के अनुछेद 12 के अनुसार हाशिए पर बसर करने वाले लोगो की श्रेणियाँ जिनको निःशुल्क सेवा प्रदान की जाएगी। 
  1. महिलाएं,
  2. 18 आयु से कम उम्र  बच्चों के लिए,
  3. अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति,
  4. मानव तस्करी के शिकार हुए पीड़ितों के लिए ,
  5. मानसिक रोगी तथा भिन्न रूप से सक्षम,
  6. असंगठित क्षेत्र के कामगारों  के लिए ,
  7. प्राकृतिक आपदा के शिकार, जातीय हिंसा के शिकार,
  8. निम्न आय समूहों वाले लोग राज्य द्वारा वर्णित आमदनी,
  9. अंडर ड्रायल्स / हिरासत में लोग 
कॉमन सर्विस सेंटर में पंजीकृत होने के लिए किन किन को दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं है ?
  1. महिलाएं,
  2. 18 आयु से काम उम्र के बच्चो के लिए। 
कॉमन सर्विस सेंटर में पंजीकरण के लिए किन किन को कौन से दस्तावेजों को देना होगा ?
  1. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगो को जाति प्रमाण पत्र,
  2. अंडर ड्रायल्स / हिरासत में लोगो के लिए कोई सम्बद्ध केस के दस्तावेज,
  3. मानव तस्करी के शिकार हुए लोगो को शपथ पत्र, पुलिस प्रथम सूचना रिपोर्ट, एफिडेविट की प्रति,
  4. प्रकृति आपदा/ जातीय हिंसा के शिकार हुए लोगो को जिला दस्तवेज,
  5. असंगठित क्षेत्रो के कामगारों को  जॉब कार्ड / मनरेगा,
  6. मानसिक रोगी तथा भिन्न रूप से सक्षम लोगो को विकलांगता प्रमाण पत्र,
  7. निम्न औय वालो लोग राज्य द्वारा वर्णित आमदनी के लोगो को बी.पी.एल कार्ड/ आय प्रमाण पत्र। 
किन लोगो को टेली सेवा के लिए शुल्क देना होगा और किन दस्तावेजों  को पंजीकरण के समय देने होगा। 

ऊपर वर्णित लोगो को छोड़ कर अन्य व्यक्तियों को कानूनी सलाह प्राप्त करने के लिए 30/- रुपया टेली लॉ सेवा षुल्क देना होगा और पंजीकरण के लिए आधार कार्ड/ कोई पहचान प्रमाण पत्र देना होगा। 

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