घाव/ चोट कितने प्रकार के होते है और आपराधिक मामलो में घावों का ज्ञान होना जरुरी है। Types of wounds : Knowledge of wounds is to be necessary for criminal case.

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नमस्कार दोस्तों,
आज के इस लेख में आप सभी को यह बताने जा रहा हु कि घाव कितने प्रकार के होते है और आपराधिक मामलो में घावों का ज्ञान होना क्यों जरुरी है।
आपराधिक मामलो की शुरुआतदो दो पक्षों के बीच  किसी न किसी बहेस, विवाद या झगडे को लेकर कर होती है, ऐसे में सम्भवता हाथापाई और मारपीट भी होती है और दोनों पक्षों को चोटें भी आती है। इस मामले की शिकायत पक्षों द्वारा पुलिस को की जाती है और पुलिस प्रथम सूचना रिपोर्ट लिखती है।  पीड़ित व्यक्ति न्याय की मांग न्यायालय से करता है, जिसके लिए वह एक काबिल अधिवक्ता करता है, जो की उसकी बात को सही ढंग से न्यायालय में न्यायाधीश के समक्ष रख सके और उसको न्याय दिला सके और दोषी को सजा।  

यदि अधिवक्ता को चोटों का सही ज्ञान होगा की कौन से हथियार से कैसी चोटें आ सकती है, तो वह यह साबित कर पायेगा की मौके पर पुलिस द्वारा बरामद किया गया हथियार ही वह हथियार है जिससे पीड़ित को चोटें आयी है।  
घाव कितने प्रकार के होते है और आपराधिक मामलो में घावों का ज्ञान होना जरुरी है। Types of wounds : Knowledge of wounds  is to be necessary for criminal case.


तो, चलिए जानते है घाव / चोट कितने प्रकार की होती है।  

1. Lacerated wound. चिरा फटा घाव -: ऐसी चोटे व्यक्ति के तब आती है, जब उस व्यक्ति पर धार दार हथियार से प्रहार किया गया है। धारदार हथियार से किये गए प्रहार का परिणाम यह होता है, की उस वयक्ति के शरीर के जिस भाग में प्रहार होता है वहाँ की चमड़ी (tissue) चिर जाता है। जितना घातक हथियार होगा उतनी गंभीर चोटे आएंगी।  lacerated चोटे आमतौर पर दुर्घटना और हमलों में देखी जाती है।
lacerated चोट जब लगती है,
मांस फट जाता है, चोट का किनारा असमतल और थेड़ा मेड़ा हो जाता है।
नील रंग या तो घाव की त्वचा के चारो ओर या तो त्वचा के नीचे रहता है।

2. Incised wound. चीरे वाला घाव :- एक घुमावदार हथियार के लगने से incised wound की चोटे आती है।  
ताज़ी चोट लगने पर हेमाटोमा बनने लगता है।  
12 घंटे में  चोट का किनारा लाल रंग का, उसमे सूजन, रक्त और लिम्फ दिखाई देता है ।
24 घंटे में  घाव में सूखे खून का थक्का दिखाई देता है जो की पपड़ी कही जाती है।  और रक्त- कोष्ठक कलिया बनने लगती है।
36 घंटे में कैपिलरी (capillary) जाली पड़ने लगती है , बेसल कोशिकाओं में mitotic गतिविधि होती है।
2 से 3 दिनों में घाव भरने वाली सतह में fibroblasts और capillary buds विकसित होने लगता है और घाव भरने लगता है।
3 से 5 दिनों में स्पष्ट महीन रेशा दिखने लगता है, नाड़ी की मोटाई और विस्मरण दिखाई देने लगता है।
1 से 2 हफ्तों में घाव का निशान बन जाता है।

3.Contusion wound. भीतरी चोट / नील :-  नील  चोट वह चोट है जब किसी व्यक्ति के शरीर या शरीर के किसी  भी भाग में प्रहार किया जाता है, वह प्रहार हाथ के मुक्के से, पत्थर से, चाबुक से, बूट से, छड़ी से किया जाता है, तो उस व्यक्ति के शरीर में चोटे आती है।
शुरुवात में लाल रंग की होती है।
कुछ घंटे से 3 दिनों के भीतर नीली रंग की हो जाती है।
4 दिनों के बाद नीली काले  रंग से भूरी रंग की हो जाती है।
5 से 6 दिनों के बाद हरी रंग की चोट  हो जाती है।
7 से 12 दिनों के बाद पिले रंग की चोट हो जाती है।  
2 हफ्तों के बाद नार्मल हो जाती है।

4. Abrasion wound.  खरोंच :-  यह घाव वाहन दुर्घटना, उंगली के नाख़ून से , काटने या दांत काटने या किसी हथियार के वार से शरीर में लगने से शरीर की त्वचा की ऊपरी सतह में खरोंच आ जाती है, जसको abrasion wound कहते है।  इस चोट का कोई निश्चित आकार नहीं होता है। यह चोट सूखने में गहरा भूरा या काला  भी हो जाता है , जब ये चोटे ठीक होती है, तो इनका कोई स्थायी निशान भी नहीं रह जाता।   

ताजी खरोच :- चमकदार लाल रंग की होती है।  
12 से 24 घंटे :-  लिम्फ और चमकदार लाल रक्त निकलता है और सुख कर पपड़ी पद जाती है।  
2 से 3 दिन में  लाल भूरी रंग की पपड़ी पड़ जाती है।  
4 से 7 दिनों  में  एपिथेलियम पपड़ी के निचे डिफेक्ट को कवर करता है।  
7 दिनों के बाद पपड़ी सुख जाती है, सिकुड़ती है और निकल जाती है।  

5. Gunshot wound. बंदूक की गोली की चोट :- यह घाव बन्दूक की गोली लगने से होता है, जो की इसके नाम से ही स्पष्ट हो रहा है। GUNSHOT WOUND भी कई प्रकार एक होते है जैसे :-

  1. एंट्रेंस घाव ,
  2. कांटेक्ट शॉट ,
  3. क्लोज शॉट,
  4. नियर शॉट,
  5. मार्जिनल एब्रेसन,
GUNSHOT wound में tattooing, charring और burning इनके निशान पाए जाते है 

6. Burn wound. जलने का घाव :- यह घाव जलने पर होता है जिसमे शरीर की ऊपरी त्वचा जल या झुलस सी जाती है जो की शरीर के tissues ऊतक को क्षति पहुँचाती है।
आग लगने से शरीर या शरीर का कोई अंग जल जाना,
रासायनिक ज्वलनशील पदार्थ का शरीर या शरीर के किसी अंग में गिर जाना,
विद्युत् के संपर्क में आने से आग लग जाने के कारण शरीर या शरीर के किसी भाग का जल जाना।

आमतौर पर निदान (diagnosis) जलने की गहराई के आधार पर बनाया जाता है।
जलने की सिमा आमतौर पर "नाइन के नियम" पर आधारित होती है।  
शरीर की दोनोंभुजा को शरीर की सतह क्षेत्र का 9% माना जाता है, दोनों पैरो को शरीर की सतह क्षत्र का 18 % माना  जाता है, धड़ के पीछे और आगे दोनों को 18 % माना  जाता है, सिर और गर्दन की सतह क्षेत्र 9% माना  जाता है, जननांग क्षेत्र सतह क्षेत्र 1 % माना  जाता है। इन श्रेणियों के आधार पर ही एक चिकित्सक स्पष्ट निदान करता है।


7. Stab wound. कोंचने का घाव :-  ऐसा घाव/ चोट तेज धारदार या नुकीली चीज के लगने पपर होता है।
चाकू, कटार , नाख़ून, सुई, भाला ,पेंच ,आदि से लगने वाली चोटों को stab wound की चोट कही जाएँगी।
त्वचा में जब चाकू , सुई या ऊपर बताई गयी अन्य चीजों से व्यक्ति के शरीर में कोंचा जाता है ,तो वह वास्तु व्यक्ति के शरीर में घुस जाती है जो की एक लम्बा गहरा घाव करती है। 

8.Puncture wound. छिद्रित घाव :- ऐसा घाव शरीर में किसी नुकीली और तेज चीज लगने से होता है जो की शरीर में घुसती है और छेद बना देती है। कुछ छिद्रित घाव सतह तक ही होते है और कुछ तो सतह से ज्यादा गहराई तक हो जाते है जो की श्रोत पर आधारित होते है की घाव किस चीज से हुआ है।  छिद्रित घाव में आमतौर पर अत्यधिक रक्तस्राव नहीं होता, आमतौर पर ये घाव बिना किसी हस्तक्षेप के काफी जल्दी बंद हो जाते है।

छिद्रित घाव आमतौर पर लकड़ी की खप्पची, पिन, नाख़ून, और कांच के लगने से हो जाता है। कैची और चाकू से भी छिद्रित घाव हो सकता है। 

9. Penetrating wound. ऐसा घाव तब होता है जब शरीर या शरीर के किसी भाग में नुकीली या तेज चीज त्वचा में घुसती है, तो वह घाव penetrating wound कहा जाता है। घुसने वाली चीज शरीर की त्वचा में रह सकती है और बाहर  भी आ सकती है या त्वचा के आर पार भी हो सकती है।  Penetrating आघात बहुत गंभीर हो सकता है क्योकि यह व्यक्ति के शरीर के आंतरिक अंगो को गंभीर नुकसान पंहुचा सकता है जो की सदमे और संक्रमण जैसे खतरों का प्रमाण हो सकता है।  


घाव/ चोट कितने प्रकार के होते है और आपराधिक मामलो में घावों का ज्ञान होना जरुरी है। Types of wounds : Knowledge of wounds is to be necessary for criminal case. घाव/ चोट कितने प्रकार के होते है और आपराधिक मामलो में घावों का ज्ञान होना जरुरी है। Types of wounds : Knowledge of wounds  is to be necessary for criminal case. Reviewed by Lawyer guruji on July 26, 2018 Rating: 5

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