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नमस्कार मित्रो,
आज के इस लेख में हम जानेंगे कि जमानती अपराध और गैर जमानती अपराध क्या होता है ? भारतीय कानून के तहत प्रत्येक कार्य जो कि कानून की नजरों में अवैध है , वह अपराध की श्रेणी में आएगा और उसके लिए दंड का प्रावधान भी है , ये दंड आर्थिक और कारावास या दोनों हो सकती है।
भारतीय कानून , भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत अपराधों को मुख्यतः तीन भागों में विभाजित किया गया है , जो कि अपराध की गंभीरता, प्रकृति को दर्शाते है।
- संज्ञेय अपराध और असंज्ञेय अपराध।
- जमानती अपराध और गैर जमानती अपराध।
- समझौता योग्य अपराध और गैर -समझौता योग्य अपराध।
उपरोक्त अपराधों की श्रेणी में जानेंगे जमानती अपराध और गैर जमानती अपराध के बारे, इस श्रेणी के अपराध में ऐसे अपराधों को शामिल किया गया कि गिरफ्तार किये गए व्यक्ति को अपराध की गंभीरता और प्रकृति के आधार पर कानूनी रूप से जमानत देने योग्य है या नहीं है।
1. जमानतीय अपराध क्या है ? bailable offence
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 2 उपधारा 1 खण्ड ग में जमातीय अपराध से ऐसा अपराध अभिप्रेत है जो प्रथम अनुसूची में जमानतीय के रूप में दिखाया गया है या उस समय लागु किसी अन्य विधि द्वारा जमानतीय बनाया गया है।
साधारण शब्दों में जमानतीय अपराध की श्रेणी में ऐसे अपराध आते है, जो कि असंज्ञेय अपराध है , जो कि कम गंभीर प्रकृति के होते है, जिसमे सजा का प्रावधान 3 वर्ष से कम की कारावास तक दंड या जुर्माना या दोनों से दाण्डीय है।
- असंज्ञेय अपराध की सूचना पर एनसीआर दर्ज की जाती है और मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस अधिकारी अन्वेषण शुरू कर सकते है।
- असंज्ञेय अपराध में पुलिस अभियुक्त को वारंट या मजिस्ट्रेट के आदेश पर ही गिरफ्तार कर सकती है।
- जमानतीय अपराध में जमानत की मांग करना अभियुक्त का हक़ है और इसमें जमानत पर रिहा किया जा सकता है, बशर्ते की अभियुक्त को निर्धारित जमानत राशि / मुचलका भरना होता है।
जमानतीय अपराध कौन है ? (जैसे कि )
- मारपीट।
- लड़ाई -झगड़ा।
- चोरी।
- धमकी।
- लापरवाही से वाहन चलाना।
- अन्य असंज्ञेय अपराध।
2, अजमानतीय अपराध क्या है ? non - bailable ofence
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 2 उपधारा 1 खंड ग में जमानतीय अपराध से ऐसा अपराध अभिप्रेत है जो कि प्रथम अनुसूची में जमानतीय के रूप में दिखाया गया है या उस समय लागु किसी विधि द्वारा जमानतीय बनाया गया है और अजमानतीय अपराध से कोई अन्य अपराध अभिप्रेत है।
साधारण शब्दों में अजमानतीय अपराध की श्रेणी में ऐसे अपराध आते है ,जो की संज्ञेय अपराध है, जो कि गंभीर प्रकृति के होते है, जिसमे सजा का प्रावधान 3 वर्ष या 3 वर्ष से अधिक कारावास तक का दंड या जुर्माना या दोनों से दाण्डीय है।
- संज्ञेय अपराध की सूचना पर सीधे अधिनियम की धारा 173 के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज होती है और पुलिस अधिकार मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना अन्वेषण शुरू कर सकते है।
- संज्ञेय अपराध में पुलिस अधिकारी अभियुक्त को वारंट या मजिस्ट्रेट के आदेश के बिना गिरफ्तार करने का पूर्ण अधिकार रखती है।
- अजमानतीय अपराध में जमानत पाना अभियुक्त का कानूनी अधिकार नहीं होता, बल्कि मानयीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत अपराध की गंभीरता , प्रकृति और अन्य आधारों पर निर्भर करता है कि जमानत पर अभियुक्त को रिहा करना है या नहीं।
गैर जमानती अपराध कौन है ? ( जैसे कि )
- हत्या।
- अपहरण।
- डैकती।
- चोरी के साथ हत्या।
- डैकती के साथ हत्या।
- बलात्संग, सामूहिक बलात्संग।
- अन्य संज्ञेय अपराध।



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