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अवयस्क का संरक्षक कौन होता है ? who is guardian of minor under hindu law

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नमस्कार मित्रो ,

आज के इस लेख में जानेंगे कि अवयस्क का संरक्षक कौन होता है ? साधारणतः संरक्षक उसे कहते है जो कि किसी अवयस्क जिसने 18 वर्ष की आयु पूर्ण नहीं की है , उसका संरक्षण करने वाला व्यक्ति है।  लेकिन अगर हम कानूनी रूप से जाने संरक्षक कौन होता है , तो इसके लिए हमे हिन्दू अवयस्कता एवं संरक्षकता अधिनियम की धारा 4 को जाने और समझे। 

अवयस्क का संरक्षक कौन होता है ? who is guardian of minor under hindu law


इन दो शब्दों को जाने पहले ;-
  1. नैसर्गिक संरक्षक  -  नैसर्गिक संरक्षक यानी प्रकृति रूप से जन्म देने वाले पिता माता।  
  2. अभिभावक -  अभिभावक वह व्यक्ति जो किसी व्यक्ति के शरीर या उसकी संपत्ति या शरीर और सम्पति दोनों की देख रेख करने के लिए नियुक्त किया जाता है , अभिभावक नैसर्गिक संरक्षक द्वारा नियुक्त किया जाता है। 
  3. अवयस्क - अवयस्क वह होता है , जिसने 18 वर्ष की आयु पूरी न कर ली हो। 
अधर्मज संतान - अधर्मज संतान वह संतान होती है जो कि एक वैध विवाह से उत्पन्न नहीं होती है। 


अवयस्क का संरक्षक कौन होता है ? 

हिन्दू अवयस्कता एवं संरक्षकता अधिनियम 1956 की धारा 4 ख के तहत संरक्षक वह व्यक्ति है जो अवयस्क या  उसकी संपत्ति या दोनों की देख रेख करता हो और संरक्षक के अंतर्गत आते है :-
  1.  नैसर्गिक संरक्षक। 
  2. अवयस्क के पिता या माता की विल द्वारा नियुक्त संरक्षक। 
  3. न्यायालय द्वारा नियुक्त या घोषित संरक्षक। 
  4. किसी प्रतिपाल्य अधिकरण से सम्बन्ध रखने वाली किसी अधिनियमित के द्वारा या अधीन संरक्षक की हैसियत में कार्य करने के लिए सशक्त व्यक्ति। 

नैसर्गिक संरक्षक कौन होता है ?
हिन्दू अवयस्कता एवं संरक्षकता अधिनियम 1956 की धारा 6 हिन्दू अवयस्क के नैसर्गिक संरक्षक के बारे में प्रावधान करती है। हिन्दू अवयस्क के शरीर या उसकी संपत्ति या दोनों की देख रेख करने वाले नैसर्गिक संरक्षक निम्नलिखित है :-
  1. किसी लड़के या अविवाहिता लड़की की दशा में पिता नैसर्गिक संरक्षक है और पिता की मृत्यु के बाद माता परन्तु जिस अवयस्क ने पांच वर्ष की उम्र पूरी न कर ली हो उसकी अभिरक्षा मामूली तौर अपर माता के हाथ में होगी। 
  2. अधर्मज लड़के या अधर्मज अविवाहिता लड़की की दशा में माता संरक्षक है और माता की मृत्यु के बाद पिता संरक्षक है। 
  3. विवाहिता लड़की की दशा में पति संरक्षक है। 


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