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FIR - प्रथम सूचना रिपोर्ट में क्या -क्या लिखा होता है ?

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नमस्कार मित्रों,

आज के इस लेख में आप सही को यह बताने जा रहा हु कि " FIR - प्रथम सूचना रिपोर्ट में शिकायत के सम्बन्ध में क्या -क्या लिखा होता है? "

प्रथम सूचना रिपोर्ट पीड़ित व्यक्ति द्वारा थाने में स्वयं या उसके किसी रिश्तेदार, परिवार या मित्र द्वारा घटना की  सूचना देकर दर्ज करवाई जाती है। घटना की सूचना पीड़ित व्यक्ति बोल कर या उसे लिखित में जैसी स्थिति हो दे सकता है। प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज हो जाने पर पीड़ित को इसकी एक कॉपी निःशुल्क प्रदान की जाती है। 

इस लेख में प्रथम सूचना रिपोर्ट में लिखी हर एक एक बात के बारे जिक्र करेंगे।  

FIR - प्रथम सूचना रिपोर्ट में शिकायत के सम्बन्ध में क्या -क्या लिखा होता है- first information report

प्रथम सूचना रिपोर्ट में क्या - क्या लिखा होता है ? 


1. प्रथम सूचना रिपोर्ट में सबसे ऊपर कोने के साइड में NCRB या FIR लिखा होता है। 

2. मध्य में मोठे अक्षरों में अंग्रजी व् हिंदी भाषा में प्रथम सूचना रिपोर्ट धारा 154 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत यह लिखा होता है।  

3. जिले का नाम - जिस जिले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराइ गयी है। 

4. थाने का नाम- थाने का नाम जहाँ घटना की सूचना दी गयी और प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गयी है। 

5. वर्ष - जिस वर्ष प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गयी है। 

6. FIR NO. प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या जो कि चार अंकों के एक विशेष संख्या होती है। 

7. प्रथम सूचना रिपोर्ट की दिनांक व् समय - प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किये जान का दिन कौन सा है और किस समय सूचना दर्ज की गयी। 

8. अधिनियम और धाराएँ - अपराध किस अधिनियम व्  अधिनियम की किस धारा के तहत अपराध किया गया उसका विवरण। 

9. अपराध की घटना -  अपराध के घटने के सम्बन्ध में सम्पूर्ण जानकरी लिखी होती है जैसे कि :-
  1. दिन-हफ्ते के सात दिन सोमवार से रविवार के मध्य में से वह कौन सा दिन था जब घटना घटी। 
  2. दिनांक - घटना घटने की दिनांक क्या थी। 
  3. समय- घटना घटने का समय क्या था। 
  4. थाने का नाम - उस थाने का नाम जिस थाने में घटना के सम्बन्ध में सूचना दी गयी। 
  5. दिनांक- समय - घटना घटने के सम्बन्ध में सूचना थाने में किस दिन, दिनांक  और समय में दी गयी।
  6. रोजनामचा का संदर्भ, प्रविष्टि संख्या, दिनांक और समय - प्रथम सूचना रिपोर्ट के सम्बन्ध में रोजनामचा यानी हर दिन की रिपोर्ट, उस रिपोर्ट की प्रविष्टि संख्या और दिनांक व् समय लिखा जाता है। 
10.सूचना का प्रकार -  अपराध के सम्बन्ध में दी गयी सूचना लिखित या मौखिक रूप से की गयी। 

11. घटना स्थल - अपराध के घटने का स्थान क्या है। 

12. थाने से दूरी और दिशा - आपराधिक घटनासथल से थाने की दूरी और दिशा लिखी होती है। 

13. बीट संख्या -

14. थाने का पता - आपराधिक घटना की सूचना जिस थाने में दी गयी है,  उस थाने का सम्पूर्ण स्पष्ट पता। 

15. शिकायतकर्ता / सूचनाकर्ता का विवरण-  घटना के सम्बन्ध में शिकायत व् सूचना देने वाले का सम्पूर्ण विवरण कुछ इस प्रकार से लिखा होता है :-
  1. शिकायतकर्ता / सूचनाकर्ता का नाम,
  2. पिता का नाम,
  3. जन्म तिथि,
  4. राष्ट्रीयता,
  5. विशेष पहचान संख्या यानी आधार कार्ड,
  6. पासपोर्ट नंबर, पासपोर्ट जारी करने की दिनांक व् जारी करने का स्थान,
  7. पहचान विवरण - राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट, UID NO. ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड। 
  8. व्यवसाय,
  9. शिकायतकर्ता / सूचनाकर्ता का पता,
  10. फ़ोन नंबर,
  11. मोबाइल नंबर।
16. ज्ञात / संदिग्ध / अज्ञात अभियुक्त का पुरे विवरण के साथ वर्णन - अपराध कारित करने वाले व्यक्ति का पूरा विवरण कुछ इस प्रकार लिखा होता है :-
  1. आरोपी का नाम व् उपनाम यदि हो , यदि संख्या में है तो संख्यावार सबके नाम,'
  2. रिश्तेदार का नाम,
  3. पता। 
17. शिकायतकर्ता / सूचनाकर्ता द्वारा  रिपोर्ट देरी से दर्ज कराने का कारण -  अपराध के घटने के सम्बन्ध में सूचना देरी से गयी है, तो ऐसे देरी का कारण क्या था, कारण ऐसा होना चाहिए, यो उचित और पर्याप्त हो। 

18. सम्बंधित संपत्ति का विवरण - यदि घटना के घटित होने के कारण किसी संपत्ति को नुकसान / क्षति होती है, तो उसका विवरण :-
  1. संपत्ति की श्रेणी,
  2.  सम्पति का प्रकार,
  3. समपत्ति का विवरण,
  4. संपत्ति का मूल्य। 
19. सम्पति का कुल मूल - घटना के कारण जिस संपत्ति को क्षति हुई उस संपत्ति का कुल मूल्य कितना था। 

20. मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट/ UD प्रकरण संख्या यदि हो - अपराध घटित होने के कारण किसी व्यक्ति की मृत्त्यु होती है, तो उस मृतक की मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट का सम्पूर्ण विवरण। 

21. प्रथम सूचना का तथ्य - घटना के सम्बन्ध में जो सूचना थाने में दी गयी है, उस घटना की सम्पूर्ण लिखित जानकारी। 

22. की गयी कार्यवाही - घटना के सम्बन्ध में की गयी कार्यवाही से मतलब किस अधिनियम व् धारा के तहत उस व्यक्ति पर धाराएं लगाई गयी और क्या कार्यवाही की गयी जैसे कि :-
  1.  प्रकरण दर्ज किया गया और जाँच के लिए लिया गया,
  2. जाँच अधिकारी का नाम, पद, संख्या,
  3. जाँच के लिए इंकार किया गया या कारण,
  4. क्षेत्राधिकार होने के कारण किस थाने को केस ट्रांसफर किया गया, उसका नाम व् जिला,
  5. शिकायकर्ता / सूचनाकर्ता को प्राथमिकी पढ़ कर सुनाई गयी, सही दर्ज हुई माना और एक कॉपी निःशुल्क शिकायतकर्ता को दी गयी,
  6. थाना प्रभारी के हस्ताक्षर, नाम, पद, संख्या।
23. शिकायतकर्ता / सूचनाकर्ता के हस्ताक्षर / अंगूठे का निशान - प्रथिमिकी में शिकायतकर्ता / सूचनाकर्ता।  के हस्ताक्षर व् अंगूठे का निशान लगा होता है। 

24. अदालत में प्रेषण की दिनांक और समय -  अदालत में प्राथमिकी के प्रस्तुत करने की तिथि व् दिनांक। प्रथम सूचना रिपोर्ट के मद संख्य...........  

25. संदिग्ध / अभियुक्त  की शारीरिक विशेषताएं, विकृतियाँ और अन्य विवरण यदि ज्ञात हो / देखा गया ,
  1. लिंग,
  2. जन्म तिथि,
  3. बनावट,
  4. कद ,
  5. रंग,
  6. पहचान चिन्ह,
  7. विकृतियाँ / विशिष्टताएँ,
  8. दांत,
  9. बाल,
  10. ऑंखें,
  11. आदतें,
  12. पहनावा,
  13. बोली,
  14. जले हुए का निशान,
  15. लुकोदेर्मा सफेद दाग,
  16. मस्सा,
  17. घाव,
  18. टैटू।
यह उपरोक्त सभी जानकारी प्राथमिकी में तभी दर्ज की जाएगी यदि शिकायर्कता / सूचनाकर्ता  संदिग्ध / अभियुक्त के बारे में कोई एक अधिक जानकारी देता है। 

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