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जाने कोचिंग केंद्र से सम्बंधित क़ानून व् नियम के बारे में

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नमस्कार मित्रो,
आज के इस लेख में आप सभी को " कोचिंग केंद्र से सम्बंधित क़ानून व् नियम " के बारे में बताने जा रहा हु। अगर आप भी अपनी स्वयं अपने कोचिंग केंद्र की स्थापना करना चाह रहे है तो आपके मन में कई तरह के सवाल आ रहे होंगे जैसे की :-
  1. कोचिंग केंद्र से सम्बंधित कानून क्या है ?
  2. कोचिंग केंद्र के रजिस्ट्रेशन सम्बंधित प्रावधान क्या है ?
  3. कोचिंग रजिस्ट्रीकरण के लिए फीस कितनी लगेगी ?
  4. क्या कोचिंग रजिस्ट्रीकरण का प्रमाणपत्र कोचिंग में लगेगा ?
  5. कोचिंग रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र खो या नष्ट हो जाने पर क्या करे ?
  6. यदि कोचिंग केंद्र के स्थान में परिवर्तन होता है तो क्या करे ?
  7. कोचिंग रजिस्ट्रेशन की शर्ते क्या है ?
  8. कब कोचिंग केंद्र का निरस्तीकरण और निलंबन हो सकता है ?
  9. कोचिंग केंद्र के निरस्तीकरण और निलंबन के विरुद्ध अपील कहाँ की जा सकती है ?
  10. कब कोई व्यक्ति कोचिंग प्रदान या कोचिंग केंद्र स्थापित नहीं कर सकता है ?
  11. कोचिंग के सम्बन्ध में अध्यापक और कर्मचारी पर क्या प्रतिबन्ध होंगे ?
  12. कोचिंग केंद्र द्वारा कारित अपराधों के लिए दंड क्या होगा ?
  13. कोचिंग केंद्र के सम्बन्ध में न्यायालय द्वारा कब संज्ञान लिया जा सकेगा ? 
तो चलिए बिना समय गवाए मुख्य बात पर आते है।

जाने कोचिंग संस्था से सम्बंधित क़ानून व् नियम के बारे में everyone should know the law and rules related to coaching centers and coaching institutes


1.कोचिंग केंद्र सम्बंधित कानून क्या है ?

प्रदेश भर में लगातर कोचिंग केंद्र की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य ने इनको नियंत्रित करने के लिए  27 जून 2002 को अध्यादेश पारित किया, जो कि उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियम अध्यादेश, 2002 के नाम से जाना जाता है। इस अध्यादेश में कुछ परिस्थियों में कोचिंग पर प्रतिबन्ध और कोचिंग प्रदान करने वाले या कोचिंग केंद्र चलाने वाले या उसका प्रबंध या देख रेख करने वाले व्यक्ति के रजिस्ट्रीकरण और उससे सम्बंधित या उसके सहायक विषयो की व्यवस्था करने के लिए नियमो का प्रावधान किया गया है। 

2.कोचिंग केंद्र के रजिस्ट्रेशन सम्बंधित प्रावधान क्या है ?

उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियम अध्यादेश 2002 की धारा 3 में कोचिंग केंद्र के रजिस्ट्रेशन से सम्बंधित प्रावधान किये गए है जो कि :-

1. धारा 3 की उपधारा 1 के तहत जहाँ कोई ऐसा व्यक्ति जो अध्यापक या कर्मचारी नहीं है, कोचिंग प्रदान करने या किसी कोचिंग केंद्र को स्थापित करने, चलाने, उसका प्रबंध या देख रेख करने करने का इच्छुक है वहाँ वह व्यक्ति इस अध्यादेश के प्रयोजनों के लिए कोचिंग केंद्र के रजिस्ट्रेशन के लिए सक्षम अधिकारी के समक्ष आवेदन कर्रेगा।

2. यदि कोई व्यक्ति अध्यादेश के प्रारम्भ होने से पहले कोचिंग प्रदान कर रहा है  या कोई कोचिंग केंद्र चला रहा है या उसका प्रबंध या देखरेख कर रहा है तो ऐसे अध्यादेश के प्रारम्भ होने की तिथि से तीन महीने के भीतर कोचिंग केंद्र के रजिस्ट्रेशन के लिए सक्षम अधिकरी के समक्ष आवेदन करे सकेगा।

3. धारा 3 उपधारा 2 के तहत कोचिंग केंद्र के रेजिस्ट्रेशन लिए आवेदन एक प्रपत्र के जरिये किया जायेगा और उसमे ऐसे ब्योरे दिए जायेंगे और उसके साथ ऐसी फीस जमा की जाएगी जिसका भुगतान ऐसी रीती से किया जायेगा जो की निर्धारित की जाये।

4. धारा 3 उपधारा 3 के तहत सक्षम अधिकारी द्वारा अपना यह समाधान कर लेने के बाद कि कोचिंग रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन उपधारा 2 के अनुरूप है जहाँ आवेदक ने आवेदन एक प्रपत्र में मांगे गए ब्योरे व् निर्धारित फीस का भुगतान कर दिया है और रजिस्ट्रीकरण लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति ने धारा 4 में लिखित शर्ते पूरी कर ली है , तो कोचिंग रजिस्ट्रीकरण के लिए विहित रजिस्टर में उस कोचिंग का रजिस्ट्रीकरण करेगा और उसे विहित प्रपत्र में एक कोचिंग के रजिस्ट्रीकरण का प्रमाण पत्र जारी करेगा।

5. लेकिन उपधारा 3 के तहत कोचिंग के रजिस्ट्रीकरण करने से इंकार करने का कोई आदेश तब तक नहीं किया जायेगा जब तक की कोचिंग रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को कारण बताने का अवसर न दे दिया गया हो।

6. उपधारा 4 के अधीन उपधारा 3 तहत कोचिंग रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र तब तक विधिमान्य रहेगा जब तक कि इस अध्यादेश के अधीन उसे रद्द या निलंबित न कर दिया जाये।

3.कोचिंग रजिस्ट्रीकरण के लिए फीस कितनी लगेगी ?

1. उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियम नियमावली 2002 के नियम 3 के उपनियम 1 के तहत कोचिंग रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन प्रपत्र 1 में किया जायेगा जो की सक्षम अधिकारी से 100 रु के भुगतान पर प्राप्त होगा।

2. उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियम नियमावली 2002 के नियम 4 के अधीन किसी कोचिंग केंद्र के रजिस्ट्रीकरण के लिए दी जाने वाली फीस छात्रों की संख्या के अनुसार होगी जो की :-

  1. पचास छात्रों से कम संख्या                                         10000 रु /-
  2. पचास छात्रों से अधिक संख्या                                     25000 रु /-
4.क्या कोचिंग रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र कोचिंग में लगेगा। 

उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियम नियमावली 2002 के नियम 12 के तहत कोचिंग केंद्र चलाने वाले हर एक व्यक्ति कोचिंग केंद्र के नेमप्लेट के दाहिने तरफ ऊपर की ओर पर प्रमाणपत्र में लिखित रजिस्ट्रीकरण संख्या को प्रदर्शित करेगा। 

5.कोचिंग रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र खो जाने या नष्ट होने पर क्या करे ?

उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियम नियामवली 2002 के नियम 13 के उपनियम 1 के तहत यदि प्रमाणपत्र खो जाता है या नष्ट या पढ़ने-समझने योग्य नहीं रहता है तो कोचिंग केंद्र चलाने वाले व्यक्ति प्रमाणपत्र की द्वितीय प्रति प्राप्त करने के लिए सक्षम अधिकारी को आवेदन कर सकता है। 

6.यदि कोचिंग के स्थान में परिवर्तन होता है तो क्या करना होगा ?

उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियम नियामवली 2002 के नियम 11 के तहत यदि कोचिंग का प्रमाण पत्र धारक कोई व्यक्ति कोचिंग के मौजूदा स्थान में परिवर्तन करता है ,तो उस परिवर्तन के सम्बन्ध में सक्षम अधिकारी को लिखित रूप में परिवर्तित स्थान के विवरण के साथ सूचित करेगा। 


7.कोचिंग रजिस्ट्रीकरण के लिए शर्ते क्या है ?

उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियम अध्यादेश 2002 की धारा 4 में कोचिंग केंद्र के रजिस्ट्रीकरण सम्बंधित शर्तो का उल्लेख किया गया है। जहाँ धारा 3 के अधीन किसी व्यक्ति का रजिस्ट्रीकरण तब तक नहीं किया जायेगा जब तक कि वह लिखित रूप में यह वचन नहीं दे देता कि वह कोचिंग के लिए किसी संस्था के किसी अध्यापक या कर्मचारी को न लगायेगा और न ही नियोजित करेगा।

8.कब कोचिंग केंद्र का निरस्तीरकण और निलंबन हो सकता है ?

1. उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियम अध्यादेश 2002 की धारा 5 में कोचिंग केंद्र के निरस्तीकरण और निलंबन सम्बंधित प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। जहाँ उपधारा 1 के तहत सक्षम अधिकारी किसी भी समय पर्याप्त कारणों से धारा 3 के तहत दिए गए रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र को रद्द या निलंबित कर सकेगा।

लेकिन धारा 5 के अधीन कोचिंग के रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र के रद्द या निलंबित करने का कोई आदेश तब तक नहीं दिया जायेगा जब तक कि :-
  1. कोचिंग केंन्द्र से सम्बंधित व्यक्ति को कारण बताने का अवसर न दे दिया गया हो, और 
  2. सक्षम अधिकारी को यह प्रतीत न हो कि सम्बंधित व्यक्ति ने धारा 4 में लिखित शर्तो का उल्लंघन किया है।
2. उपधारा 2 के तहत जहाँ उपधारा 1 के अधीन कोचिंग रजिस्ट्रीकरण का कोई प्रमाण पत्र रद्द या निलंबित किया जाये वहां कोई व्यक्ति किसी प्रतिकर या किसी रजिस्ट्रीकरण फीस को वापस पाने का हक़दार नहीं होगा। 

9.कोचिंग निरस्तीकरण और निलंबन के आदेश के विरुद्ध अपील कहाँ की जाएगी ?

उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियम अध्यादेश 2002, की धारा 6 कोचिंग केंद्र के निरस्तीकरण और निलंबन के आदेश के विरुद्ध अपील किये जाने का प्रावधान करता है। जहाँ धारा 5 के तहत कोचिंग केंद्र के निरस्तीरकण और निलंबन के लिए दिए आदेश से कोई व्यक्ति व्यथित है तो ऐसे आदेश की तिथि से 30 दिन के भीतर राज्य सरकार की और से विशेष सचिव उच्च शिक्षा उत्तर प्रदेश प्रशासन लखनऊ के समक्ष उस आदेश के विरुद्ध अपील कर सकेगा। अपील करने वाले व्यक्ति को सुनवाई का पूर्ण अवसर प्रदान करेगा उसके बाद ऐसा आदेश कर सकेगा जैसा वह उचित समझे।

 10.कब कोई व्यक्ति कोचिंग प्रदान या स्थापित नहीं करेगा ?

उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियम अध्यादेश 2002 की धारा 7 कोचिंग पर प्रतिबंध का प्रावधान करती है जहाँ :-
1. उपधारा 1 के तहत कोई भी व्यक्ति जो अध्यापक या कर्मचारी नहीं है वह अध्यादेश की धारा 4 के अधीन जारी विधिमान्य रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र के बिना :-
  1. पारिश्रमिक पर या बिना पारिश्रमिक के कोचिंग प्रदान नहीं करेगा,
  2. कोई कोचिंग केंद्र स्थापित नहीं करेगा, न चलाएगा, न उसका प्रबंध करेगा और न ही उसकी देखरेख करेगा, स्थापित करायेगा, न चलवायेगा, न उसका प्रबंध या देखरेख करवायेगा। 
11.कोचिंग के सम्बन्ध में अध्यापक या कर्मचारी पर क्या प्रतिबन्ध होगा ?

 उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियम अध्यादेश 2002 की धारा 7 की उपधारा 2 के तहत अध्यापक या कर्मचारी पर कोचिंग के सम्बन्ध में निम्न प्रतिबन्ध लगा है जो की :-
  1. जिस सस्न्था में वह उस समय नियोजित है उससे अलग किसी कोचिंग केंद्र में या किसी अन्य स्थान पर कोचिंग प्रदान नहीं करेगा। 
  2. कोई कोचिंग केंद्र स्थापित नहीं करेगा,न चलायेगा, न उसका प्रबंध या देखरेख करेगा या न स्थापित करवायेगा,  न चलवायेगा, न उसका प्रबंध या देखरेख करवाएगा,
  3. जैसी स्थिति हो अध्यापक या कर्मचारी के रूप में अपने वैध पारिश्रमिक से अलग कोई कोई पारिश्रमिक या फीस स्वीकार नहीं करेगा।  
12.कोचिंग केंद्र से सम्बंधित अपराध व् दंड क्या होगा ?

उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियम अध्यादेश 2002 की धारा 9 में अध्यादेश के उपबंधों के उलंघन करने पर सजा का प्रावधान किया गया है जो कि :-

1. उपधारा 1 के तहत जो कोई अध्यादेश की धारा 7 की उपधारा 1 के तहत अध्यापक या कर्मचारी पर कोचिंग के सम्बन्ध में लगे प्रतिबन्ध का जानबूझकर उल्लंघन करेगा या करने के लिए उकसायेगा, वह ऐसा करने वाले व्यक्ति को 100,000  (एक लाख) रूपये तक जुर्माने से दण्डित किया जायेगा।

2. उपधारा 2 के तहत जो कोई अध्यादेश की धारा 7 की उपधारा 2 के तहत अध्यापक या कर्मचारी पर कोचिंग के सम्बन्ध में लगे प्रतिबन्ध का जानबूझकर उल्लंघन करेगा या करने के लिए उकसायेगा, ऐसा करने वाले व्यक्ति को 50000 (पचास हजार) रु तक जुर्माने से दण्डित किया जायेगा। 

3. उपधारा 3 के तहत जो कोई अध्यादेश की धारा 8 की उपधारा 4 के तहत उपधारा 3 के अधीन निरक्षक द्वारा रिपोर्ट प्राप्त होने पर कोचिंग केंद्र के स्वामी या प्रभारी व्यक्ति सक्षम अधिकारी द्वारा निर्धारित समय के कोचिंग निरक्षण की रिपोर्ट में उल्लिखित गलतियों या अनियमिताओं को दूर नहीं कर जानबूझकर उल्लंघन करेगा या करने के लिए उकसायेगा तो ऐसा करने वाले व्यक्ति को 10000रु  (दस हजार) तक जुर्माने से दण्डित किया जायेगा।

13.कोचिंग के सम्बन्ध में न्यायालय द्वारा कब संज्ञान लिया जा सकेगा ?

उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियम अध्यादेश 2002 की धारा 9 की उपधारा 4 के तहत कोई न्यायालय धारा 9 के अधीन दंडनीय किसी अपराध का संज्ञान सक्षम अधिकारी के या ऐसे अन्य अधिकारी के जिसे राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा प्राधिकृत करे उसके द्वारा  की गयी लिखित शिकायत पर ही करेगा अन्यथा नहीं।  

















जाने कोचिंग केंद्र से सम्बंधित क़ानून व् नियम के बारे में जाने कोचिंग केंद्र से सम्बंधित क़ानून व् नियम के बारे में Reviewed by Advocate Pushpesh Bajpayee on July 08, 2020 Rating: 5

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