जाने कब मकान मालिक किरायेदार पर मकान खाली करने के लिए न्यायालय में मुकदमा दायर कर सकता है know the legal right how to evict tenant from property

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नमस्कार दोस्तों,
आज के इस लेख में आप सही को यह बताने जा रहा हु कि " कब मकान मालिक किरायेदार पर मकान खाली करने के लिए न्यायालय में मुकदमा दायर कर सकता है "
मकान खाली कराने को लेकर मकान मालिक द्वारा मुकदमा दायर करने के आधार know the legal right how to evict tenant from your building
know the legal right how to evict the tenant from your property
अगर शहर में आपका माकन भी किराये पर उठा है और किन्ही कारणों से आप अपने मकान को किरायेदार से खाली करवाना चाह रहे है, जिसके लिए आपने किरायेदार को मकान खाली करने के लिए के 1 माह पहले नोटिस भी भेज दिया फिर भी माकन नहीं खाली कर रहा है, तो आप अपना मकान खाली करवाने के लिए न्यायालय का सहारा ले सकते है, जिसके लिए आपको मकान खाली करवाने के लिए दीवानी का मुकदमा दायर करना होगा। 

लेकिन किरायेदार से मकान खाली करवाने के लिए मुकदमा दायर करने के लिए आपके पास उचित आधार होना आवश्यक है।  

तो , चलिए जाना ले उन आधारों के बारे में कब आप मकान खाली करवाने के मुकदमा दायर कर सकते है। 

मकान खाली कराने को लेकर मकान मालिक द्वारा मुकदमा दायर करने के आधार। 
उत्तर प्रदेश शहरी भवन अधिनियम की धारा 20 उपधारा 2 के तहत मकान मालिक द्वारा मुकदमा दायर करने के आधारों का प्रावधान किया गया है। किसी भवन के किरायेदारी के समाप्त हो जाने पर किरायेदार को मकान  खाली करने के लिए निम्न आधारों में से एक या अधिक कारणों से मुकदमा दायर कर माकन खाली करवाया जा सकेगा -:

1.  यदि किरायेदार पर कम से कम 4 महीने का किराया बाकी है, इस बाकी किराये के भुगतान के लिए मकानमालिक द्वारा नोटिस भी दी गयी है, किरायेदार नोटिस प्राप्त होने के एक माह के भीतर बाकी किराये का भुगतान भवन के मालिक को नहीं किया जाता है।

2.ऐसे किरायेदार के सम्बन्ध में जो भारत की सशस्त्र सेनाओं का सस्दय हैऔर उसके पक्ष में इंडियन सोल्जर्स एक्ट 1925 के तहत विहित अधिकारी द्वारा यह प्रमाण पत्र दिया गया है कि वह सशस्त्र सेना का सस्दय है और इंडियन सोल्जर्स एक्ट की धारा 3 के तहत विशेष परिस्थतियों में सेवारत है या ऐसी सेवा करते हुए शत्रु की कार्यवाही में अमर हो गया है तो उसके वारिसों के सम्बन्ध में "चार महीने का अभिप्राय एक साल" से होगा।

3. यदि किरायेदार द्वारा जानबूझकर भवन को सारवान रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया गया है।

4. यदि किरायेदार द्वारा भवन स्वामी की लिखित अनुमति के बिना अपने हिसाब से भवन में किसी भी प्रकार का कोई निर्माण करता  है या संरचनात्मक परिवर्तन करता है जिसके कारण से भवन के मूल्य या उपयोगिता में कमी की स्थ्तिति उत्पन्न हुई है।

5. किरायेदार द्वारा भवन स्वामी की लिखित अनुमति के बिना भवन का प्रयोग अन्य प्रयोजनों के लिए किया जाता है या अनितैक कार्यो के लिए किया जाता है या अवैध प्रयोजनों के लिए किया जाता है या किया गया है।

6. किरायेदार ने अधिनियम की धारा 25 या पुराने अधिनियम में मौजूद उपबंधों का उल्लंघन करके सम्पूर्ण भवन या उसके किसी भाग को उप-किरायेदारी पर उठाया है।

7. जहाँ किरायेदार ने अपने किरायेदार होने की हैसियत को त्याग दिया है या भवन के शीर्षक को अस्वीकार किया है एवं भवन के स्वामी ने न तो पुनः प्रवेश के अपने अधिकार को छोड़ हो और न ही किरायेदार उक्त अंतरण को क्षमा किया हो।

8. जहाँ किरायेदार को भवन पर कब्ज़ा करने की अनुमति मकान मालिक द्वारा उसके रोजगार संविदा के भाग के रूप में की गयी था और उसका रोजगार बंद हो गया है।

जाने कब मकान मालिक किरायेदार पर मकान खाली करने के लिए न्यायालय में मुकदमा दायर कर सकता है know the legal right how to evict tenant from property जाने कब मकान मालिक किरायेदार पर मकान खाली करने के लिए न्यायालय में मुकदमा दायर कर सकता है  know the legal right how to evict tenant from property Reviewed by Advocate Pushpesh Bajpayee on November 17, 2019 Rating: 5

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