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कारखाना अधिनियम 1948 के तहत श्रमिकों के स्वास्थ्य सम्बन्धी प्रावधान Section 11 to 20 Provision related to health of worker as per factories act 1948

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नमस्कार दोस्तों,
आज के इस लेख में आप सभी को " कारखाना अधिनियम 1948 " की धारा 11 से 20 " के बारे में बताने जा रहा हु जिसमे कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों के स्वास्थ्य संबधी प्रावधान किये गए। श्रमिक हर देश की एक महत्वपूर्ण इकाई होती है क्योकि देश के विकास में इनका महत्वपूर्ण योगदान होता है। यदि श्रमिक न हो तो देश में स्थापित कल कारखानों में कार्य कैसे और कौन करेगा। श्रमिकों को ध्यान में रखते हुए कि सुचारु रूप से कार्य करने के लिए श्रमिकों का  शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार से स्वस्थ्य होना बेहद जरुरी है इसलिए  भारतीय सरकार ने "कारखाना अधिनियम 1948 " पारित किया और इस अधिनियम की धारा 11 से 20 तक श्रमिकों के स्वास्थ सम्बंधित अनेक प्रावधान किये है। 

अच्छा, तो अब हम बात करते है, कारखाना अधिनियम की धारा 11 से 20 के बारे में। 
कारखाना अधिनियम 1948 के तहत श्रमिकों के स्वास्थ्य सम्बन्धी प्रावधान।


कारखाना अधिनियम 1948 के तहत श्रमिकों के स्वास्थ्य सम्बन्धी प्रावधान। 

1.  स्वच्छता - कारखाना अधिनियम की धारा 11 के तहत सभी कारखानों में स्वच्छता की उचित वयवस्था की जाएगी। सभी कारखानों को स्वच्छ रखा जायेगा,और गर्दा, धूल और गंदगी आदि को एकत्र नहीं होने दिया जायेगा इसको रोकने के लिए निरंतर समय समय कारखाने के हर एक कमरे के फर्श को हफ्ते में कम से कम एक बार जरूर साफ किया जायेगा। कारखानों के सभी कमरों में समय समय पर पुताई की जाएगी। जहाँ उत्पादन प्रक्रिया ऐसी है की उत्पादन स्थान पर पानी जमा हो जाता है तो ऐसे स्थान पर जमे पानी के निकासन की उचित वयवस्था की जाएगी। 

2. मल तथा उत्सर्गो का  निस्तारण - कारखाना अधिनियम की धारा 12 की तहत मल और उत्सर्गो के निस्तारण की उचित वयवस्था की जाएगी। यह वयवस्था इसलिए की जाएगी क्योकि कारखानों में उत्पादन की प्रक्रिया के कारण बहुत अधिक मात्रा में धूल, धुँआ और गंदगी आदि होती रहती है जिसके कारण से कारखानों में कार्य करने वालो श्रमिकों के स्वास्थ्य पर और उनके कार्य करने की क्षतमा  में बुरा असर पड़ता है और कमी आती है। 
कारखानों में कार्य करने वाले श्रमिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मल और उत्सर्गो की निस्तारण की उचित वयवस्था की जानी चाहिए जिसे श्रमिकों का स्वास्थ अच्छा रहे और कारखाने में उत्पादन प्रक्रिया पर असर न पड़े। 

3. हवदान और तापमान - कारखाना अधिनियम की धारा 13 के तहत सभी कारखानों में श्रमिकों के लिए जहाँ वे कार्य करते है और आते जाते है वहाँ पर कृत्रिम अथवा प्राकृतिक हवादान, प्रकाश और तापमान की उचित वेवस्था कराई जाएगी। 
कारखानों में हवा और पानी की सफाई पर ध्यान देना बहुत जरुरी है क्योकि हवा और पानी कारखानों में कार्य कर रहे श्रमिकों के अतिआवश्यक होता है। कारखानों में जहाँ उत्पादन की प्रक्रिया इस प्रकार की कार्य स्थान का तापमान बहुत अधिक हो जाता है और बहुत कम तो ऐसे स्थान पर तामपान को ऐसे स्थिति पर रखा जाये की उस स्थान पर कार्य कर रहे श्रमिकों को आरामदेह हो और अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य कर सके।  

4. धूल और धुँआ - कारखाना अधिनियम की धारा 14 के तहत कारखानों में नियुक्त श्रमिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए धूल और धुँआ से बचाने के लिए उचित और प्रभावी उपाय किये जायेंगे।
हर कारखानों में जहाँ निर्माण कार्य की प्रक्रिया के चलते रहने के कारण धूल और धुँआ या अन्य गंदगियों निकलती है जो की श्रमिकों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है। इन धूल, धुँआ और गंदगियों के निकास के लिए उचित वयवस्था की जाएगी, ताकि कारखानों में नियुक्त श्रमिकों के स्वास्थ्य पर कोई बुरा असर न पड़े। 
धुँए की निकासी के लिए चिमनियों का बना होना,
गंदे पानी की निकासी के लिए नालो का बना और इन नालो को ढका हुआ होना चाहिए। 

5. कित्रिम नमीकरण - कारखाना अधिनियम की धारा 15 उपधारा 1 के तहत सभी कारखानों के सम्बन्ध में जिसमे हवा नमीकरण कृत्रिम रूप से बढ़ाया गया है ऐसे कारखानों के लिए राज्य सरकार नियम बना सकती है जैसे कि :-
  • नमीकरण का मान निर्धारित करने के लिए,
  • कृत्रिम रूप से हवा में नमीकरण बढ़ाने के लिए इस्तेमाल में लायी जाने वाली विधियों को विनियमित करने के लिए,
  • हवा में  नमीकरण को सही तरीके से लेन  उसका लेखा अंकित करना निश्चित करने के लिए  निर्धारित तरीके को अपनाने के लिए,
  • वर्करूम में हवा के पर्याप्त वेंटीलेशन और शीतलता को सुरक्षित करने के लिए अपनाया जाने वाला तरीका निर्धारित करने के लिए। 

6. अतिसंकुलता या बहुत अधिक भीड़ - कारखाना अधिनियम की धारा 16 के तहत जहाँ कारखानों में बहुत अधिक श्रमिकों के होने के कारण से बहुत अधिक भीड़ हो जाती है जिसके कारण से वहाँ सास लेने के कारण बहुत अधिक मात्रा में कार्बन डाई ऑक्साइड गैस अधिक मात्रा में एकत्रित हो जाती है जिसके कारण से वहाँ एकत्रित श्रमिकों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालती है। तो ऐसे विपरीत प्रभाव को रोकने के लिए यह अतिआवश्यक है कारखाने में नियुक्त हर एक श्रमिक एक उचित स्थान या फासला होना चाहिए। इस फासले के वास्ते कारखाने के मुख्य निरीक्षक को निम्न अधिकार प्राप्त होंगे जैसे कि:-
  • कारखाना विशेष में श्रमिकों की अधिकतम संख्या को निर्धारित कर दे। 
  • हर एक कमरे में एक लिखित सूचना चिपकाई जाये जिसमे स्पष्ट रूप अधिकतम श्रमिकों की संख्या निर्धारित की जाये जो उस कमरे में नियुक्त किये जायेंगे

7. प्रकाश - कारखाना अधिनियम की धारा 17 के तहत हर कारखानों के हर भाग में जहाँ श्रमिकों के द्वारा कार्य किया जा रहा है या कार्य कर रहे है और आने जाने हर एक स्थान पर उचित प्रकाश की वयवस्था की जाएगी ऐसे  प्रकाश की वयवस्था प्राकृतिक और कृत्रिम दोनों प्रकार से की जाएगी। इस बात का जरूर ध्यान दिया जायेगा की समय समय पर ख़राब हुए बल्ब और बिजली के तारो को सही कराये जायेंगे। हर कारखानों में लगी चमकीली खिड़कियों और रोशनदान को अंदर और बाहर दोनों तरफ से उसकी सफाई की जाएगी ताकी जहाँ श्रमिकों द्वारा कार्य किया जा रहा है वह उचित प्रकाश बना रहे। श्रमिकों की आँखों को ध्यान में रखते हुए इस बात का विशेष ध्यान दिया जायेगा की जहाँ तक सम्भव है चका चौंध और छाया के संघटन को इस सीमा तक रोकने का प्रबंध किया जायेगा की श्रमिकों की आँखों में जोर न पड़े और किसी प्रकार दुर्घटना न उठानी पड़े। राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त और उचित प्रकाश का मान निर्धारित किया जा सकता है। 

8. पीने का पानी - कारखाना अधिनियम की धारा 18 के तहत हर एक कारखानों में श्रमिकों के लिए स्वच्छ और पीने योग्य पीने के पानी सम्बंधित उचित वयवस्था की जाएगी। जहाँ पीने का पानी रखा जायेगा उस स्थान पर सफाई का विवेश ध्यान दिया जायेगा और स्पष्ट और साफ शब्दो में यह लिखा होगा की यहाँ पीने योग्य पानी रखा है। 

9. पाखाना और मूत्रालय - कारखाना अधिनियम की धारा 19 के तहत हर एक कारखानों में पर्याप्त संख्या में पाखाना और मूत्रालय की उचित व्यवस्था की जाएगी। महिलाओं के लिए अलग और पुरुषो के अलग शौचालयों की वयवस्था की जाएगी। इन शौचालयों को स्वच्छ रखने के लिए इनकी की निरंतर समय समय पर सफाई कराई जाएगी। 

10.  थूकदान - कारखाना अधिनियम की धारा 20 उपधारा 1 में यह कहा गया है कि हर एक कारखानों में पर्याप्त संख्या में थूकदान की व्यवस्था की जाएगी ताकी कारखानों में कार्य करने वाले श्रमिक इन्ही थूक दान का उपयोग करे और यह थूक दान श्रमिकों के सुविधाजनक स्थान पर रखा जायेगा।  इन थूकदानो की निरंतर समय समय पर सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जायेगा। 

1 टिप्पणी:

  1. फैक्टरी के बगल में दूसरे फैक्टरी से धुआं और गंदगी से तकलीफ हो रही हो तो कहा शिकायत करें

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