उत्तर प्रदेश में ऑनलाइन संपत्ति पंजीकरण कैसे करे इसकी प्रक्रिया क्या है ? Online property registration process in uttar pradesh-apply online for registry in up

www.lawyerguruji.com

नमस्कार दोस्तों,
आज के इस लेख में आप सभी को  उत्तर प्रदेश में ऑनलाइन संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया क्या है ? इसके बारे में बताने जा रहा हु। जब भी आप कोई कोई अचल संपत्ति खरीदते है, तो आप उस अचल संपत्ति का पंजीकरण करवाते है, ऐसा इसलिए ताकि उस अमुक संपत्ति के आप विधिक/ कानून मालिक बन जाते है। संपत्ति चाहे चल हो या अचल उसका पंजीकरण करवाना अति आवश्यक होता है। 
उत्तर प्रदेश में ऑनलाइन संपत्ति पंजीकरण कैसे करे इसकी प्रक्रिया क्या है ? Online property registration process in uttar pradesh / apply online for registry in up.

सम्पति का पंजीकरण क्यों जरुरी है ?
रजिस्ट्रेशन अधिनियम / पंजीकरण अधिनियम 1908, की धारा 17 के तहत ऐसे सभी लेन -देन जिसमे 100 रु से अधिक मूल्य के अचल संपत्ति की बिक्री शामिल है, ऐसे सभी अचल सम्पति का पंजीकृत होना चाहिए।अचल सम्पत्ति के दान में,12 महीने से अधिक के लिए लीज डीड अनिवार्य रूप से उत्तर प्रदेश में पजीकृत होना आवश्यक है। 
 संपत्ति का पंजीकृत होना इसलिए आवश्यक है कि;-
  1. जब आप कोई अचल संपत्ति खरीदते है, तो स्वयं उसके विधिक मालिक बनने के लिए आप उस संपत्ति को अपने नाम पंजीकृत कराते है ताकि यदी भविष्य में आप अपनी अचल संपत्ति बेचना या दान में देना चाहे, तो यह आवश्यक है कि आपके पास उस अचल संपत्ति के स्थानांतरण का पूर्ण अधिकार होना चाहिए।
  2. आप अपनी अचल सम्पति को किराये पर उठा सकते है। 
  3. आप अपनी अचल सम्पति को लीज पर दे सकते है। 
  4. आप अपनी अचल संपत्ति को बेच सकते है आदि। 

प्रॉपर्टी रजिस्टर करवाने से पहले ध्यान देने वाली बातें जरूर जान ले। 
यदि आप किसी अचल सम्पत्ति को खरीदने  का अपना मन बना रहे है, तो आपको इन आवश्यक बातों के बारे में जानकारी होनी चाहिए जैसे कि:-

1. संपत्ति का मूल्य पता करे। 
जब भी आप कोई संपत्ति खरीदने की सोचे,, तो सबसे पहला काम उस संपत्ति के वास्तविक मूल्य को जाने कि उस सम्पत्ति की मार्केट वैल्यू क्या है और उस क्षेत्र में जमीन की सरकारी मूल्य क्या है। ऐसा करना इसलिए आवश्यक होता है कि रजिस्ट्री के समय स्टैम्प पेपर पर संपत्ति का मूल्य लिखा जाता है। 

2. स्टैम्प पेपर। 
संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए स्टैम्प ड्यूटी पेपर की आवश्यकता  पड़ती है, जिसमे संपत्ति से सम्बंधित और खरीदने और बेचने वाले का पूर्ण विवरण लिखा होता है। यह एक ऐसा आवश्यक कानूनी दस्तावेज है जो कि सम्पति के विधिक मालिक होने का साक्ष्य होता है। यह स्टाम्प पेपर ड्यूटी का मूल्य हर राज्य में अलग अलग होता है। 

3. संपत्ति रजिस्ट्री के लिए संपत्ति से सम्बंधित आवश्यक दस्तावेज। 
  1. बैनामा,
  2. अलॉटमेंट लेटर,
  3. खाता प्रमाण पत्र,
  4. संपत्ति कर की रशीदें,
  5. नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट,
  6. पॉवर ऑफ़ अटॉर्नी / अधिकार पत्र / मुख़्तार नामा,
  7. पक्षकारों के पहचान पत्र। ( आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आई डी,)
        उत्तर प्रदेश में ऑनलाइन संपत्ति पंजीकरण की सम्पूर्ण प्रक्रिया क्या है ?
ऑनलाइन संपत्ति पंजीकरण के लिए तीन चरण बताये गए है जो कि :-

पहला चरण :-  स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग उत्तर प्रदेश की अधिकृत वेबसाइट पर जाना होगा जिसका एड्रेस (http;//igrsup.gov.in ) होगा। उसके बाद आपको "आवेदन करे " पर क्लिक करना होगा। आवेदन पत्र को भरने से पहले निर्देशों को जरूर पढ़े ताकि कोई गलती न हो। इससे पहले आपको अपना अकाउंट बनाना होगा।

दूसरा चरण :- आवेदन पत्र के अंर्तगत मांगे जाने वाले सभी विवरण को सही से भरे जैसे:-
  1. संपत्ति का पूर्ण विवरण,
  2. संपत्ति बेचने वाले का पूर्ण नाम,
  3. संपत्ति खरीदने वाले का पूर्ण नाम.
  4. गवाहों का पूर्ण विवरण जैसे उनका नाम आदि,
  5. पूर्ण स्पष्ट रूप से खरीदने वाली सम्पत्ति का पूर्ण विवरण। 
  6. लेख पत्र पंजीकरण प्रपत्र,
  7. भुगतान सेवा प्रकार ई-स्टाम्प , स्टाम्प, ई-भुगतान का चयन करें। 
आवेदन पत्र के पूर्ण रूप से भर लेने के इसका प्रिंट आउट और संपत्ति से सम्बंधित और अन्य आवश्यक सम्बंधित दस्तावेजों के साथ स्वयं उप पंजीयक अधिकारी के कार्यालय जाना होगा। 

तीसरा चरण :-  उप पंजीयक अधिकारी के कार्यालय में जाकर आवेदन पत्र के साथ आवश्यक दतावेजो को जमा करना होगाउसके बाद -
  1. उप -पंजीयक अधिकारी के द्वारा आपके संपत्ति के आवशयक दस्तवेजो की जाँच होती है उसके बाद आगे की प्रक्रिया जो की,
  2. उप पंजीयक अधिकारी के कार्यालय में पक्षकारों और गवाहों की फोटो, अंगूठो की छाप ली जाती है। 
  3. रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा करना होगा और उसकी रशीद आपको दी जयएगी। 
  4. इन सब प्रक्रिया के पुरे हो जाने के बाद पंजीकरण प्रक्रिया पूरी हो जाती है और उस मूल दस्तावेज़ में उप पंजीयक अधिकारी के हस्ताक्षर हो जाने के बाद संपत्ति के मूल दस्तावेज आपको दे दिए जायेंगे। 
  5. उप- पंजीयक अधिकारी पंजीकृत दस्तावेज को स्कैन कर ऑनलाइन अपलोड कर देता है। 
  6. आवेदक संपत्ति के पंजीकृत दस्तावेजों को डाउनलोड कर सकते है। 
ऑनलाइन संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को और आसानी से समझने की कोशिश करते है। 
  1. आवेदनकर्ता को स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग उत्तर प्रदेश की अधिकृत वेबसाइट (https;//igrsup.gov.in) जा कर आवेदन करे पर क्लिक करना होगा उसके बाद अपना अकाउंट बनाना होगा। 
  2. उसके बाद आवेदन पत्र पर मांगे जाने वाले विवरण को भरना होगा और शुल्क जमा करना होगा। 
  3. कार्यालय जाने के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट फिक्स करना होगा। 
  4. नियत किये गए समय के भीतर उप पंजीयक अधिकारी के कार्यालय में पक्षकारों और गवाहों को पहुंचना होगा। 
  5.  उप - पंजीयक अधिकारी के कार्यालय में गवाहों के बयान होंगे, दस्तावेजों की जाँच होगी, पक्षकरो का बायोमेट्रिक होगा। 
  6. पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद पंजीकरण पत्र को आवेदक को दिया जाता है और ऑनलाइन अपलोड भी किया जाता है ताकि आवेदक डाउनलोड भी कर सके। 
  7. आवेदक सम्पति पंजीकरण पत्र को ऑनलाइन विभाग की अधिकृत वेबसाइट पर जा लॉगिन कर डाउनलोड कर सकते है। 
संपत्ति रजिस्ट्रेशन को लेकर पूछे जाने वाले सवाल। 
जब कोई ऑनलाइन संपत्ति को पंजीकृत करवाने की सोचता है, तो उसके मन में रजिस्ट्री को लेकर कई प्रकार के सवाल उठते है जैसे कि:-

1. क्या ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के तहत रजिस्ट्रेशन के लिए कार्यालय जाना पड़ेगा। 
नहीं, रजिस्ट्रेशन के लिए आपको अपने सम्बंधित जनपद, तहसील और कार्यालय को चुनने के बाद आवेदन करना होगा। जिसके लिए आप स्वयं अपने लैपटॉप या अन्य माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर सकते है। उसके बाद आपको सम्बंधित कार्यालय में पक्षकारों और गवाहों के बयान, फोटो तथा अंगूठो के निशान के लिए जाना होगा।

3. ऑनलाइन आवेदन के बाद कितने दिनों बाद तक संपत्ति का रजिस्ट्रेशन करा सकते है ? 
रजिस्ट्रेशन अधिनयम 1908, के अंतर्गत दस्तावेज के निष्पादन के 4 महीने के भीतर उसका रजिस्ट्रेशन करा सकते है।

4. यदि नियत समय पर कार्यालय नहीं पहुंच सके तो क्या करना चाहिए ?
यदि आप नियत किये गए समय के भीतर कार्यालय में रजिस्ट्रेशन के लिए नहीं पहुंच सके, तो ऐसे में आप कार्यालय अवधि में सम्बंधित कार्यालय में पहुंच कर सामान्य रूप से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकते है।
उत्तर प्रदेश में ऑनलाइन संपत्ति पंजीकरण कैसे करे इसकी प्रक्रिया क्या है ? Online property registration process in uttar pradesh-apply online for registry in up उत्तर प्रदेश में ऑनलाइन संपत्ति पंजीकरण कैसे करे इसकी प्रक्रिया क्या है ? Online property registration process in uttar pradesh-apply online for registry in up Reviewed by Advocate Pushpesh Bajpayee on June 21, 2019 Rating: 5

No comments:

lawyer guruji ब्लॉग में आने के लिए और यहाँ पर दिए गए लेख को पढ़ने के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद, यदि आपके मन किसी भी प्रकार उचित सवाल है जिसका आप जवाब जानना चाह रहे है, तो यह आप कमेंट बॉक्स में लिख कर पूछ सकते है।

नोट:- लिंक, यूआरएल और आदि साझा करने के लिए ही टिप्पणी न करें।

Powered by Blogger.