प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report )क्या है और ये कब दर्ज की जाती हैं।

www.lawyerguruji.com
 प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report )क्या  है और ये कब दर्ज की जाती हैं।  
 प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report )क्या  है और ये कब दर्ज की जाती हैं।
 प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report )क्या  है। 

 प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report )वह रिपोर्ट है जो किसी व्यक्ति के द्वारा किसी (आपराधिक ) घटना के सम्बन्ध में पुलिस के पास जा कर उस घटना की सुचना को दर्ज  कराता है। यह सुचना लिखित रूप में  दी जाती है जो कि पुलिस के द्वारा किसी  संज्ञेय अपराध (Cognizable offence )की सुचना प्राप्त होने पर तैयार की  जाती हैं।  
 प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report ) पुलिस द्वारा तैयार किया गया एक दस्तावेज है जिसमे किसी (आपराधिक ) घटना की विस्तृत जानकारी वर्णित  हैं। सामान्यतः पुलिस के द्वारा किसी आपराधिक घटना के संबन्ध में जाँच करने से पहले यह प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report )दर्ज किया जाना आवश्यक है। 

किसी (आपराधिक ) घटना की सुचना सामान्यतः उस व्यक्ति  द्वारा पुलिस को दी जाती है जो किसी घटना का शिकार हुआ होता हैं।  परन्तु किसी (आपराधिक ) घटना के बारे में सुचना अन्य व्यक्ति द्वारा भी पुलिस को दी जा सकती है यह सुचना लिखित और मौखिक दोनों  रूप में हो सकती हैं। 
 प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report ) हर व्यक्ति का अधिकार है कि वह किसी आपराधिक घटना के सम्बंद में शिकायत के रूप में प्राथमिकी दर्ज करा सकता है लेकिन कई बार सामान्य व्यक्ति द्वारा किसी घटना की सुचना देने पर  पुलिस के द्वारा यह सुचना नहीं दर्ज की जाती है।  ऐसे में  प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report ) दर्ज करने के लिए व्यक्तियों को न्यायालय का सहारा लेना पड़ता है।  
 प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report ) किसी भी प्रकार के अपराध  के सम्बन्ध में दर्ज की जा सकती है। यह बहुत जरुरी है कि गंभीर मामलो में पुलिस को  प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report ) तुरंत दर्ज कर उस घटना की जाँच करना अति आवश्यक हैं।  अपराध की सुचना को लिखने का कार्य पुलिस के द्वारा होता है। 
 प्रावधान यह भी है कि अगर किसी घटना की सुचना टेलीफोन के द्वारा मिलती है तो उसी भी  प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report ) की तरह समजा जा सकता हैं।  
 यह वह महत्वपूर्ण सूचनात्मक दस्तावेज है  जिसके आधार पर पुलिस द्वारा किसी घटना की कनूनी कार्यवाही आगे बढ़ाई जाती है।

प्रथम सुचना रिपोर्ट के कुछ प्रावधान है जो कि इस प्रकार हैं।
  1. यदि किसी व्यक्ति द्वारा सुचना संज्ञेय अपराध (Cognizable offence )की दी जाती हैं तो थानाध्यक्ष को तुरंत  प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report ) दर्ज  करनी चाहिए और इस  प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report )की एक प्रति लेना शिकायत करने वाले का अधिकार है।  
  2.  प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report )दर्ज करते समय पुलिस अधिकारी द्वारा अपनी तरफ से कोई टिप्पणी नहीं लिखी जा सकती और न ही वह शिकायत के किसी भाग को हाईलाइट कर सकता है।  
  3. संज्ञेय अपराध (Cognizable offence )की परिस्थिति में शिकायत दर्ज करने करने  के बाद पुलिस अधिकारी को यह करना चाहिए कि वह उस संबंधित व्यक्ति को उस शिकायत को पढ़कर सुनाये और उस लिखित शिकायत पर हस्ताक्षर भी कराये। 
  4. प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report )की कॉपी पर पुलिस स्टेशन की मोहर के साथ साथ  पुलिस अधिकारी के हस्ताक्षर भी होने चाहिए। इसके साथ ही पुलिस अधिकारी अपने रजिस्टर में यह दर्ज करेगा कि उस सुचना की एक कॉपी उसने आपको दे दी हैं।  
  5. यदि किसी संज्ञेय अपराध (Cognizable offence )की सुचना पुलिस अधिकारी को लिखित रूप में दी गयी है, तो पुलिस को प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report ) के उस शिकायत की कॉपी को लगाना आवश्यक हैं।  
  6. प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report ) दर्ज कराने के लिए यह आवश्यक नहीं  कि शिकायत करने वाले व्यक्ति को किसी आपराधिक घटना की व्यक्तिगत जानकारी हो या उसने किसी आपराधिक गतिविधि को होते हुए देखा हो।  
  7. यदि किसी कारणवश व्यक्ति घटना की सुचना तुरंत पुलिस को नहीं दे पाया हो तो , ऐसी परिस्थित में उस व्यक्ति द्वारा सुचना तुरंत न दे पाने का कारण बताना होगा।
  8. कई बार पुलिस प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report ) दर्ज करने से पहले ही मामले की जाँच पड़ताल करना शुरू कर देती है , जबकि पहले पुलिस को प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report ) दर्ज करनी चाहिए  फिर जाँच पड़ताल। 
  9. यदि कोई व्यक्ति घटना स्थल पर प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report ) दर्ज कराने की परिस्थित में प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report ) की कॉपी नहीं ले पता है , तो पुलिस उस व्यक्ति को डाक के द्वारा सूचित करेगी। 
  10. यदि थानाध्यक्ष व्यक्ति  के द्वारा दी जा रही किसी घटना की  सुचना को दर्ज करने  मना कर देता है , तो इस परिस्थित में उस व्यक्ति द्वारा घटना की सुचना को रजिस्टर्ड डाक में माध्यम से या स्वयं क्षेत्रीय पुलिस अधिकक्षक से मिलकर दे सकता है। 
  11. यदि व्यक्ति के द्वारा सुचना देने पर पुलिस के द्वारा प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report ) न दर्ज की जाये तो इस स्थिति में उस व्यक्ति को अपने क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट के पास जाकर पुलिस को दिशा निर्देश देने की लिए एक कंप्लेंट पिटिशन दायर कर सकता है कि 24 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज कर प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report ) की एक कॉपी उपलब्ध कराई जाये। 
  12. यदि न्यायालय के द्वारा दिए गए उचित समय के भीतर पुलिस अधिकारी द्वारा शिकायत नहीं दर्ज की जाती या प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report ) की एक प्रति व्यक्ति को नहीं उपलब्ध कराई जाती है या न्यायालय के दूसरे आदेशों का पालन पुलिस द्वारा नहीं  किया जाता,  तो उस अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही के साथ साथ उसे कारावास भी हो सकता हैं। 
  13. यदि सुचना देने वाला व्यक्ति सही तरीके से यह नहीं बता  सकता कि अपराध किस स्थान में हुआ है तो पुलिस  अधिकारी इस जानकारी के लिए कुछ सवाल भी पूछ है और फिर निर्णय पर पहुंच सकता है।  इस प्रक्रिया के बाद पुलिस तुरंत प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report ) दर्ज कर उसे सम्बंधित थाने में भेज देगी। इसकी सुचना उस व्यक्ति को देने के साथ साथ रोजनामचे में भी दर्ज की जाएगी। 
  14. यदि किसी घटना की सुचना देने वाले व्यक्ति को उस घटना के स्थान बारे यह नहीं पता की वह जगह कौन सी है और पूछताछ के बावजूद भी पुलिस उसे घटना के स्थान को नहीं तय कर पाती तो भी  पुलिस के द्वारा प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report ) दर्ज कर जाँच पड़ताल शुरू कर दी जाएगी।  यदि जाँच के समय यह तय  हो जाता है कि घटना किस क्षेत्र में घटी है तो, केस उस थाने को सौंप दिया जायेगा।
  15. यदि प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report ) दर्ज कराने वाले व्यक्ति के  मामले  की जाँच पड़ताल के समय  मृत्यु  हो जाती है , तो इस प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report ) मृत्युकालिक कथन (DYING Declaration) की तरह न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जा सकती है। 
  16. यदि किसी शिकायत में संज्ञेय अपराध (Cognizable offence )के बारे में पता  चलता है तो उसे भी रोजनामचे में दर्ज करना आवश्यक है।  इसकी कॉपी शिकायत करने वाले व्यक्ति को लेना आवश्यक हैं इसके बाद मजिस्ट्रेट से आपराधिक प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 154 के अनुसार उचित आदेश के साथ सम्पर्क किया जा सकता है।  

प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report )क्या है और ये कब दर्ज की जाती हैं। प्रथम सुचना रिपोर्ट (First Information Report )क्या  है और ये कब दर्ज की जाती हैं।  Reviewed by Lawyer guru ji on रविवार, अक्तूबर 01, 2017 Rating: 5

2 टिप्‍पणियां:

  1. Pretty good post. I just stumbled upon your blog and wanted to say that I have really enjoyed reading your blog posts. Any way I'll be subscribing to your feed and I hope you post again soon. Big thanks for the useful info.
    easement attorney

    उत्तर देंहटाएं
  2. Thanks for visit and read my article CODE OF CRIMINAL PROCEDURE CODE 1973- SECTION:154 How to lodge a Police F.I.R (first Information Report).

    उत्तर देंहटाएं

Thanks for reading my article .

Blogger द्वारा संचालित.