क्या आप जानते हैं की पुलिस के खिलाफ प्रथम सुचना रिपोर्ट कैसे लिखवाई जाती है। (Do you know how to register an FIR against a police officer?)

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क्या आप जानते हैं की पुलिस के खिलाफ प्रथम सुचना रिपोर्ट कैसे लिखवाई जाती है। (Do you know how to register a FIR against a police officer?)
 क्या आप जानते हैं की पुलिस के खिलाफ प्रथम सुचना रिपोर्ट कैसे लिखवाई जाती है। (Do you know how to register a FIR against a police officer?)


असल में, पुलिस को देश के नागरिको की सुरक्षा के लिए नियुक्त किया जाता है जैसे एक सेना सिमा पर देश की सुरक्षा करती है। वैसे ही पुलिस देश के भीतर रहने वाले नागरिको की सुरक्षा करती आपराधिक गतिविधियों को रोक कर।  
जब  एक व्यक्ति पुलिस बल में पुलिस बनने के लिए शामिल होता है तो वह यह शपथ लेता है कि वे देश और देश के नागरिको की किसी भी प्रकार के घटना से उनकी रक्षा करेंगे यह पहला धर्म और कर्तव्य होगा। 
परन्तु  कभी कभी पुलिस अधिकारी अपनी आधिकारिक शक्ति का गलत इस्तेमाल भी करते है। 
 यदि पुलिस अधिकारी के द्वारा किसी व्यक्ति को क्षति पहुँचती है तो वह व्यक्ति उस पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत लिख  कर प्रथम सुचना रिपोर्ट दर्ज करवा सकता है 

 पुलिस के खिलाफ प्रथम सुचना रिपोर्ट कैसे लिखवाई जाती है। उचतमन्यायलय के द्वारा एक शिकायत केंद्रे की स्थापना की है जिसे पुलिस शिकायत प्राधिकरण  ( Police Complaint Authority) के नाम से जाना जाता है इस पुलिस शिकायत प्राधिकार  ( Police Complaint Authority) के निर्माण का मुख्य उदेश्य यह है की पुलिस अधिकारी के द्वारा किसी भी व्यक्ति के अधिकारों का उल्लंघन न हो।
यह पुलिस शिकायत प्राधिकरण  ( Police Complaint Authority) उस पुलिस अधिकारी के खिलाफ की गयी शिकायत देखता है जो अपने अधिकारों का गलत तरीके से इस्तेमाल करता है।
यह पुलिस शिकायत प्राधिकरण  ( Police Complaint Authority) एक मुख्य रूप से पैनल है जिसके प्रमुख मुख्य न्यायाधीश है जो की न्याय के पद से सेवा निवृत्त होते है

एक सेवानिवृत न्यायाधीश जो की पुलिस शिकायत प्राधिकरण  ( Police Complaint Authority) क मुखिया है जहाँ वह पुलिस अधिकारी के द्वारा किये गए दुर्वव्यहार और निष्क्रियता के मामले के खिलाफ की गयी शिकायत को सुन सकता है और उस पर अपना मूल्य निर्णय भी दे सकता है।

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पुलिस के खिलाफ प्रथम सुचना रिपोर्ट कब दर्ज कराई जाती है।  
पुलिस अधिकारी के द्वारा किये जाने वाले दुर्वव्यहार और निष्क्रियता के उदहारण है जो कि कुछ इस प्रकार के है जैसे :
  1. पुलिस अधिकारी के द्वारा की जनि वाल अभद्रता।
  2. किसी बात को लेकर उस पर अधिक जोर देना।
  3. रिश्वत की मांग करना।
  4. ड्यूटी के समय शराब पीना।
  5. पुलिस अधिकारी द्वारा किसी नागरिक को परेशान करना।
  6. पुलिस अधिकारी के द्वारा नागरिको को उनके सवैंधानिक अधिकारों से वंचित करना।
  7. गलत रिपोर्टिंग ट्रैफिक टिकट के मामले में।
  8. नशीले पदार्थो का उपयोग करना ड्यूटी के वक्त।
  9. आधिकारिक दस्तवेजो पर जानकारी को बदलना।
  10. लापरवाही से गाड़ी चलाना।
  11. जाति, धर्म, के आधार पर भेदभाव करना।
  12. दुर्भावनापूर्ण धमकियां और हमला करना।
  13. जातीय या नस्लीय धमकी देना।
  14. यौन उत्पीड़न।
  15. जबरन यौन आचरण।
पुलिस शिकायत प्राधिकरण पुलिस अधिकारी के खिलाफ की गयी आपकी शिकायत को हल करता है क्योकि यह पुलिस से स्वतन्त्र है और इसके पास आपकी शक्ति है जो आपकी शिकायत पर ध्यान देता है उसे हल करने की पूरी कोसिस करता है।
पुलिस शिकायत प्राधिकरण के द्वारा शिकायत की जांच समय पर की जानी चाहिए। शिकायत प्राप्त होने की तारीख से 60 दिन के भीतर पुलिस शिकायत प्राधिकरण को अपना निष्कर्ष प्रस्तुत करना होता है। यदि पुलिस शिकायत प्राधिकरण निष्कर्ष को प्रस्तुत करने में असमर्थ है या समय सिमा को पूरा करने के असमर्थता मामले में, पुलिस शिकायत प्राधिकरण कारणों के लिए छेत्रिय संघीय प्रशासक के समक्ष एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।

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पुलिस अधिकारी के खिलाफ लिखाई जाने वाली सम्बंधित  शिकायतें। 
  1. यदि किसी व्यक्ति की मौत पुलिस हिरासत में हो जाती है। 
  2. यदि किसी महिला का पुलिस हिरासत में रैप हो जाता है। 
  3. यदि पुलिस अधिकारी के द्वारा पीड़ित व्यक्ति के घर में कब्जा किया गया हो। 
  4. यदि पुलिस अधिकारी के द्वारा जबरन वसूली की गयी हो। 
पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत कौन कर सकता है। 
पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत कोई भी कर सकता हैजैसे :
पीड़ित व्यक्ति या पीड़ित व्यक्ति के परिवार के सदस्य या पीड़ित व्यक्ति के मित्र के द्वारा भी पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराइ जा सकती है। 
राज्य मानव आयोग के द्वारा भी पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराइ जा सकती है। 
 पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए ,आपको पुलिस शिकायत प्राधिकरण को एक लिखित आवेदन पत्र लिखते समय कुछ जानकारियों से अवगत होना चाहिए।

 पुलिस शिकायत प्राधिकरण में  पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए आवश्यक दस्तावेज। 
यदि पुलिस अधिकारी के कारण कोई चोट अति है ,तो आपको शिकायत पात्र में चिकत्सा रिपोर्ट का उल्लेख करना चाहिए उसकी एक फोटो कॉपी लगा कर। 
यदि हो सके तो पीड़ित व्यक्ति के चोट की फोटो को भी शिकायत पत्र के साथ लगा दे। 
यदि अपने इस घटना से सबंधित शिकायत दर्ज की है और पुलिस से कोई जवाब प्राप्त है तो आपको आवेदन के साथ इस शिकायत की भी लगा देना चाहिए। 

यहाँ में आपको पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया बताऊँगा 
सबसे पहली और मुख्य बात यह है कि आपकी शिकायत लिखित में होनी चाहिए। 
जब आप किसी पुलिस अधिकारी  के खिलाफ शिकायत दर्ज करने जा है तो बातों का ध्यान रखें। 
  1. शिकायतकर्ता का पूरा नाम स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए। 
  2. शिकायतकर्ता का पूरा पता स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए।
  3.  शिकायतकर्ता द्वारा घटनास्थल से सम्बंधित पूरी जानकारी स्प्ष्ट रूप से लिखी जनि चाहिए। क्या हुआ था और कब हुआ था। 
  4. जिस पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज  करने जा रहे है उस पलिस अधिकारी का पूरा नाम स्प्ष्ट रूप से लिखी जनि चाहिए।
  5. पुलिस अधिकारी के द्वारा क्या कहा  था ,और मूल रूप से पुलिस अधिकारी के द्वारा क्या किया गया था। 
  6. यदि घटना स्थल से समय कोई भी उपस्थित था जो घटना का साक्षी है, तो उस प्रत्यशदर्शी व्यक्ति का नाम गवाह की जगह लिख दे।
यह सब पेपर कार्य करने के बाद शिकायतकर्ता के द्वारा  इस शिकायत पत्र को डाक के माध्यम से पुलिस शिकायत प्राधिकरण  ( Police Complaint Authority) के कार्यालय ( office) में भेजवा दे।
पुलिस शिकायत प्राधिकरण  ( Police Complaint Authority) का पता हर जिले का अलग होता है।

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इन बिदुओ पर ध्यान  जाना चाहिए कि जब आप पुलिस शिकायत प्राधिकरण को  शिकायत पत्र  भेजतें है। 
  1. पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत  करने बे बाद यदि पुलिस शिकायत प्राधिकरण(Police Complaint Authority) की तरफ से कोई जवाब नहीं मिलता है तो, शिकायतकर्ता अपनी शिकायत के सम्बन्ध में पूछ। 
  2.  यदि अभी भी शिकायतकर्ता को पुलिस शिकायत प्राधिकरण ( Police Complaint Authority) की तरफ से जवाब नहीं मिला तो, शिकायतकर्ता सुचना का अधिकार (Right to Infirmation) के कार्यालय में जा सकता है। 
  3. यदि अभी भी कुछ सुचना पुलिस शिकायत प्राधिकरण ( Police Complaint Authority) की तरफ से नहीं  मिली तो  शिकायतकर्ता पुलिस शिकायत प्राधिकरण  ( Police Complaint Authority) के कार्यालय ( office) में जा कर अपनी शिकायत के सम्बन्ध में पूछ सकता है। 
  4. यदि शिकायतकर्ता पुलिस शिकायत प्राधिकरण ( Police Complaint Authority) के निर्णय से संतुष्ट नहीं  है तो ,शिकायतकर्ता एक बार फिर अपनी शिकायत को सम्बंधित पुलिस स्टेशन में दर्ज करवा  सकता है। 
  5. यदि पुलिस स्टेशन में शिकायतकर्ता की प्रथम सुचना रिपोर्ट पर ध्यान नहीं दिया जाता है , तो इस स्तिथि में शिकायतकर्ता वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के पास जा सकता है। 
  6. यदि शिकायतकर्ता की शिकायत पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी ध्यान नहीं देता है , तो इस थि में शिकायतकर्ता उच्च न्यायालय में  जा सकता है। 
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आप सभी को प्रथम सुचना रिपोर्ट के बारे में जानने की जरुरत है। (All of you need to know about the First Information Report (F.I.R).)

क्या आप जानते हैं की पुलिस के खिलाफ प्रथम सुचना रिपोर्ट कैसे लिखवाई जाती है। (Do you know how to register an FIR against a police officer?) क्या आप जानते हैं की पुलिस के खिलाफ प्रथम सुचना रिपोर्ट कैसे लिखवाई जाती है। (Do you know how to register an FIR against a police officer?) Reviewed by Lawyer guru ji on बुधवार, सितंबर 27, 2017 Rating: 5

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