भारत में राष्ट्रपति के चुनाव के लिए योग्यता क्या है। (What are the Qualification for the election of the president in India?)

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What are the Qualification for the election of the president in India?

भारत में राष्ट्रपति के चुनाव के लिए  योग्यता क्या है। 


भारतीय संविधान अनुछेद के  58 में भारत में राष्ट्रपति के लिए चुनाव की योग्यता का प्रावधान बताया है। 
राष्ट्रपति के रूप में चुनाव के लिए कुछ नियम व शर्ते है, जो भारत में राष्ट्रपति के रूप में चुनाव के लिए किसी व्यक्ति को पात्र बनाती है। 
  कोई भी व्यक्ति राष्ट्रपति के रूप में चुनाव के लिए पात्र नहीं होगा जब तक की वह इन शर्तो के अधीन न आता हो जैसे :

  1. राष्ट्रपति के रूप में चुनाव के लिए व्यक्ति का  भारतीय नागरिक होना आवश्यक है। तभी वह नामांकन  फॉर्म भर सकता है। 
  2. राष्ट्रपति के रूप में चुनाव के लिए व्यक्ति की उम्र  35 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। 
  3. राष्ट्रपति के रूप में चुनाव के लिए व्यक्ति में लोक सभा का सदस्य बनने की योग्यता होनी चाहिए। 
  4. राष्ट्रपति के रूप में चुनाव के लिए व्यक्ति न तो लोक सभा का सदस्य हो और न ही राज्य सभा का। 
  5. व्यक्ति भारत के राष्ट्रपति के रूप में चुनाव के लिए पात्र नहीं होगा यदि वह भारत सरकार या किसी राज्य की सरकार या किसी भी स्थानीय या अन्य प्राधिकरण अधीन किसी भी सरकार के नियंत्रण के अधीन किसी भी लाभ का कार्यालय रखता हो। 
राष्ट्रपति के चुनाव के लिए बनाई गयी निर्वाचन  गठन। 
राष्ट्रपति के चुनाव के लिए चुनाव समिति का गठन कुछ इस प्रकार से किया जाता है जैसे :
संसद के दोनों सदनों से चुने गए सभी मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट के सदस्य इस समिति के सदस्य होंगे।
राज्य सभा से चुने गए सभी मेंबर ऑफ़ लेजिस्लेटिव असेंबली के सदस्य इस समिति के सदस्य होंगे।

भारत में राष्ट्रपति के चुनाव की विधि।
 भारत में राष्ट्रपति के चुनाव के लिए अप्रत्यक्ष विधि  के अनुसार निर्वाचित समिति के द्वारा अनुपातिक प्रतिनिधित्व में सिंगल ट्रांस्फ़ेरेबल वोट सिस्टम और सीक्रेट बैलेट बॉक्स के द्वारा चुनाव की विधि सम्पूर्ण   होती है।

मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट के सदस्य  और  मेंबर ऑफ़ लेजिस्लेटिव असेंबली के सदस्यो के वोटिंग सिस्टम में दो  पालन करना बहुत जरुरी होता है।
यूनीफॉर्मिटी।
पेरिटी।
यूनीफॉर्मिटी=यूनीफॉर्मिटी के उदेश्य को पूरा करने लिए भारतीय संविधान में यह बताया गया है गया है कि प्रत्येक राज्य के ऑफ़ लेजिस्लेटिव असेंबली के सदस्य के वोट का मूल्य उस राज्य की जनगणना के अनुसार कुल जनसँख्या के अनुपात में होगी।
 इसे जानने के लिए निम्न सूत्र का इस्तेमाल किया जाता जैसे :
(उस राज्य की जनगणना के अनुसार कुल जनसँख्या या राज्य विधान सभा में निर्वाचित सदस्यो की संख्या) / 1000 

पेरिटी= भारतीय संविधान के द्वारा राज्य और केंद्र के बीच पेरिटी को  सुरक्षित बनाये रखने के लिए  यह निर्धारित जाता है कि मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट के सदस्य और मेंबर ऑफ़ लेजिस्लेटिव असेंबली के सदस्यो के वोट का मूल्य सामान होना चाहिए।
  इसे जानने के लिए निम्न सूत्र का इस्तेमाल किया जाता जैसे :
एक मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट के वोट का मूल्य = सभी राज्यों के मेंबर ऑफ़ लेजिस्लेटिव असेंबली के सदस्यो के वोट का कुल मूल्य /  लोक सभा और राज्य सभा में चुने गए  मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट के सदस्य की कुल संख्या। 

राष्ट्रपति के रूप में चुनाव जितने के लिए आवश्यक वोट। 
राष्ट्रपति के रूप में चुनाव जितने के लिए उम्मीदवार को  न्यूनतम आवश्यक वोटो को प्राप्त करना जरुरी होता है।  इसे जानने के लिए निम्न सूत्र का इस्तेमाल किया जाता जैसे :
विनिंग कोटा = कुल वैध वोटो की संख्या / सीटों की संख्या + 1 

एकल वोट पद्धति (Single Vote System)
राष्ट्रपति में चुनाव के लिए एकल वोट पद्धति (Single Vote System) का उपयोग किया जाता है जिसके अनुसार राष्ट्रपति के चुनाव में  एक मतदाता एक बार ही वोट दे सकता है परन्तु इनके मूल्य विभिन्न मतदाताओं अनुसार बदलते रहते है।  मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट के वोट का मूल्य सामान रहता है जबकि मेंबर ऑफ़ लेजिस्लेटिव असेंबली के वोट का मूल्य राज्य के अनुसार है।

निर्वाचकों द्वारा वरीयता या प्राथमिकता  करना। 
 प्रेसिडेंशियल एलेक्ट्रोल कोलेज का प्रत्येक सदस्य वोट देता है और वोट देने के साथ ही वो अन्य उम्मीदवारों के चुनाव की प्राथमिकता को कुछ  प्रकार व्यक्त करता है जैसे 1 2 3 4 5  अदि संख्या से।
जी उमीदवार को उस सदस्य ने संख्या 1 की  प्राथमिकता में रखा है उसे उसका वोट जाता है।
यदि प्रथम उम्मीदवार विनिंग कोटा में निर्धारित  वोटो को नहीं प्राप्त कर पता और साथ ही अन्य उम्मीदवार भी विनिंग कोटा में निर्धारित  वोटो को नहीं प्राप्त कर पता तो उसका वोट स्वतः ही सदस्य द्वारा दी गयी द्वितीय प्राथमिकता को चला जाता है।

विनिंग कोटा में निर्धारित वोटो की संख्या को न प्राप्त कर पाने की स्थित में वोट के हस्तानांतरण का प्रावधान।
राष्ट्रपति के चुनाव की प्रथम गणना के परिणामस्वरूप यदि किसी भी उम्मीदवार को विनिंग कोटा में निर्धारित वोटो की संख्या को नहीं  प्राप्त होती है तो, सबसे काम वोट पाने वाले उम्मीदवार को चुनाव की प्रकिया से निष्कासित कर दिया जाता है।
इसके बाद बाद उसके वोट को द्वितीय प्राथमिकता वाले उम्मीदवार को हस्तानांतरण कर दिए जाते है।
यह प्रक्रिया  तब तक दोहराई  तक कि  उम्मीदवार विनिंग कोटा के अनुसार निर्धारित वोट नहीं प्राप्त  है।  यह प्रक्रिया भारत में केवल एक बार ही उपयोग की गयी है।




भारत में राष्ट्रपति के चुनाव के लिए योग्यता क्या है। (What are the Qualification for the election of the president in India?) भारत में राष्ट्रपति के चुनाव के लिए  योग्यता क्या है। (What are the Qualification for the election of the president in India?) Reviewed by Lawyer guru ji on गुरुवार, जून 01, 2017 Rating: 5

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